काम पर लौटेंगे वकील, हाईकोर्ट ने जांच होने तक पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी रोकी

तीस हजारी मामले में कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि न्यायिक जांच पूरी होने तक दोनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी. ऐसे में अब उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सकेगा. कोर्ट के इस फैसले और वकीलों के काम पर लौटने की इस घोषणा के साथ माना जा रहा है कि विवाद खत्म हो गया है. 

काम पर लौटेंगे वकील, हाईकोर्ट ने जांच होने तक पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी रोकी

नई दिल्लीः लगातार चले 11 दिनों के गतिरोध के बाद माना जा रहा है कि दिल्ली पुलिस और वकीलों का विवाद खत्म हो गया. दरअसल तीस हजारी कोर्ट में वकीलों से झड़प के मामले में आरोपी दो पुलिस अधिकारियों को दिल्ली हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी से राहत दी है. कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए मामले में आदेश दिया कि न्यायिक जांच पूरी होने तक दोनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी. ऐसे में अब उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सकेगा. इस बीच दिल्ली की जिला अदालतों में जारी हड़ताल को वकीलों ने खत्म करने की घोषणा की है. 2 नवंबर को पार्किंग को लेकर पुलिस से झड़प के बाद 4 नवंबर से वकील हड़ताल पर थे. कोर्ट के इस फैसले और वकीलों के काम पर लौटने की इस घोषणा के साथ माना जा रहा है कि विवाद खत्म हो गया है. 

सभी पक्षों को जवाब दाखिल करने का आदेश
तीस हजारी कोर्ट में 2 नवंबर को हुई हिंसक झड़प में 20 पुलिसकर्मी और कई वकील जख्मी हो गए थे. केस की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस सी. हरिशंकर ने केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस, बार काउंसिल ऑफ इंडिया और अन्य बार असोसिएशंस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. झड़प मामले में आरोपी दोनों सहायक सब-इंस्पेक्टर की याचिकाओं पर कोर्ट ने सभी पक्षों से जवाब दाखिल करने को कहा है. एएसआई कांता प्रसाद यादव और पवन कुमार की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा, जांच पूरी होने तक दोनों ही अधिकारियों के खिलाफ दर्ज तीन एफआईआर के तहत कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी.

दोनों अफसरों को झड़प के बाद निलंबित किया गया था. पुलिसकर्मियों का पक्ष रख रहीं वकील राजदीपा बेहुरा ने कोर्ट में कहा, व यहां अग्रिम जमानत के लिए नहीं आई हैं, उनका सिर्फ इतना कहना है कि जब तक मामले में जांच चल रही है, तब तक पुलिसकर्मियों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए. इसके साथ ही बेहुरा ने वकीलों से भी स्ट्राइक खत्म कर काम पर लौटने की मांग की थी. उन्होंने कहा कि दोनों के बीच एकता खत्म होने से संस्था को नुकसान हो रहा है.

सोमवार से पहले की तरह होगा काम
पुलिसकर्मियों के साथ हिंसक झड़प के बाद वकीलों ने 4 नवंबर से ही कामकाज ठप कर दिया था. इसके बाद 15 नवंबर यानी शुक्रवार को 11वें दिन वकीलों ने हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया. शनिवार और रविवार की छुट्टी के बाद राजधानी की सभी 6 जिला अदालतों में सोमवार को सुचारू रूप से कामकाज हो सकेगा. झड़प के दौरान सोशल मीडिया पर पुलिस और वकीलों के इस झगड़े को लेकर काफी मीम बने थे साथ ही दोनों के समर्थन-विरोध में पहले के मामलों से जुड़े वीडियो शेयर किए गए थे. 

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