दवाओं की कालाबाजारी पर CM शिवराज सख्त, बोले-ऐसा करने वाले जानवरों से बदतर

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को जबलपुर की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने भोपाल से ही ट्विटर के माध्यम से संदेश देकर बता दिया कि उन्हें जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं अन्य कोई मिलने न पहुंचे.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : May 10, 2021, 07:37 PM IST
  • सीएम शिवराज सिंह सोमवार को जबलपुर का जायजा लेने पहुंचे
  • नकली रेमेडीसीवर इंजेक्शन की सप्लाई पर प्रशासन हाई अलर्ट
दवाओं की कालाबाजारी पर CM शिवराज सख्त, बोले-ऐसा करने वाले जानवरों से बदतर

भोपालः देश में एक ओर जहां कोरोना ने कहर बरपा रखा है तो वहीं दूसरी ओर दवाओं की कालाबाजारी की खबरें भी सामने आ रही हैं. इसी बीच मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को दवाओं की कालाबाजारी करने वालों पर सख्ती का ऐलान किया है. जबलपुर में एक बैठक के दौरान सीएम शिवराज ने कहा कि इस महामारी के दौरान दवाओं की कालाबाजारी करने वाले जानवर कहने के लायक भी नहीं है.

इससे जानवरों की तौहीन होगी. सीएम ने कहा कि दवाओं की कालाबाजारी के पीछे जो लोग भी हैं उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा. ऐसे लोग नर पिशाच हैं. मीडिया रपटों के अनुसार सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कालाबाजारी में शामिल लोगों पर रासुका के तहत एक्शन लिया जाए और इनकी संपत्ति जब्त की जाए.

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नकली रेमेडीसीवर इंजेक्शन से मचा था हड़कंप
बता दें कि राज्य में पिछले दिनों कोरोना मरीजों के इलाज के लिए अहम मानी जा रही रेमेडीसीवर इंजेक्शन की कालाबाजारी का मामला सामने आया था.

खबरें आई थीं कि राज्य में नकली रेमेडीसीवर इंजेक्शन की सप्लाई की जा रही है. इसके बाद से प्रशासन हाई अलर्ट पर है.

बिना भीड़ भाड़ स्थिति का जायजा लेने पहुंचे सीएम
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को जबलपुर की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने भोपाल से ही ट्विटर के माध्यम से संदेश देकर बता दिया कि उन्हें जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं अन्य कोई मिलने न पहुंचे.

यहां तक की एयरपोर्ट पर स्वागत करने भी न आए. मुख्यमंत्री के संदेश पर प्रशासनिक अमले के अलावा जनप्रतिनिधि भी सीधे बैठक स्थल पर ही पहुंचे. सीएम ने कहा कि वो राज्य में कोरोना के हालात पर खुद बारीकी से नजर बनाए हुए हैं.

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मध्य प्रदेश में स्थिति चिंताजनक
राज्य में एक्टिव केस तेजी से बढ़ रहे हैं. प्रदेश में रविवार को पूरे कोरोनाकाल के सर्वाधिक एक्टिव केस हो गए. सक्रिय मरीजों की संख्या 1 लाख 11 हजार 223 हो गई. 4 दिन पहले एक्टिव केस 88 हजार 614 हो गए थे. इस दौरान सक्रिय मरीजों की संख्या में 22 हजार 609 केस की बढ़ोतरी हुई है.

पिछले 24 घंटे में प्रदेश के 4 बड़े शहरों में 4 हजार 360 नए मामले आए है, जबकि 3 हजार 860 ही ठीक हुए. मौतों का आंकड़ा भी कम नहीं हुआ है. सीएम शिवराज ने अधिकारियों को तीसरी लहर का खतरा देखते हुए तैयारियां तेज करने का निर्देश दिया है.

गड़बड़ी करने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई
सीएम ने कहा कि जो अस्पताल #COVID19 के उपचार में गड़बड़ी कर रहे हैं, ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है. भोपाल में एक कमेटी बनाई गई है, उसके पास भी शिकायत की जा सकती है. हम जाँच करवाएंगे और जो भी दोषी होगा, वह सजा पाएगा. 

उन्होंने कहा कि, प्रदेश की जनता से मेरा आग्रह है कि सर्दी, जुकाम, बुखार हो, छिपायें नहीं. आप चिंता न करें, आपके उपचार की व्यवस्था सरकार करेगी.

बच्चों के इलाज की अलग होगी व्यवस्था
विशेषज्ञों के अनुसार #COVID19 की थर्ड वेव भी आने की आशंका है, जो बच्चों को अधिक प्रभावित करेगी. इसलिए मेडिकल कॉलेज और प्रदेश के अन्य अस्पतालों में भी बच्चों के कोविड19 के इलाज के लिए अलग से बिस्तरों की व्यवस्था की जायेगी.

गरीबों को निशुल्क राशन की घोषणा
सीएम शिवराज ने यह भी कहा कि #COVID19 से उत्पन्न इस विपरीत परिस्थिति में हमने तय किया कि गरीबों को नि:शुल्क तीन महीने का राशन दिया जाएगा.

केंद्र सरकार की ओर से भी 2 महीने का राशन दिया जा रहा है. इससे प्रदेश के एक व्यक्ति को 10 किलो अनाज मिलेगा. इस तरह परिवार में 5 लोग हैं, तो कुल 50 किलो अनाज मिलेगा.

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