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बगदादी की मौत का 'मोदी कनेक्शन'! यहां पढ़ें: 5 अहम सबूत

दिवाली पर ऐसी आशंका थी की IS भारत में बड़े धमाके करने की फिराक में है. इससे पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी दोस्त डोनाल्ड ट्रंप ने आतंकी संगठन के सरगना अबु बकर अल-बगदादी को जहन्नुम का रास्ता दिखा दिया.

बगदादी की मौत का 'मोदी कनेक्शन'! यहां पढ़ें: 5 अहम सबूत

नई दिल्ली: दुनिया में अपने आतंक से दहशत फैलाने वाले सबसे खूंखार आतंकी अबु बकर अल-बगदादी को कुत्ते की मौत मार गिराया गया है. इस बीच बगदादी की मौत का भारत कनेक्शन भी सामने आ रहा है. भारत की खुफिया एजेंसियों ने पहले भी कई दफा ये खुलासा कर चुका है कि इस्लामिक स्टेट भारत में पांव पसारने के लिए बेकरार है.

मोदी-ट्रंप की दोस्ती

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के दोस्ती किसी से छिपी नहीं है. ऐसे में IS जब भारत की ओर आंख उठाने की कोशिश में जुटा था. दीपावली पर देश को दहलाने के फिराक में था, उससे ठीक एक दिन पहले उसे कुत्ते की मौत मिलना इत्तेफाक नहीं हो सकता है. मोदी और ट्रंप की हर मुलाकात इस बात की गवाह बन जाती है. कि भारत और अमेरिका के संबंध इस दोस्ती के जरिए काफी मजबूत हो रहा है. कभी नरेंद्र मोदी भरी महफिल में ट्रंप के हाथ पर जोर का थप्पी दे देते हैं.

तो कभी उनके ही देश में उन्हें ऐसे घुमाते हैं कि ट्रंप खुद हैरान रह जाते हैं. हर मुलाकात में जादू की झप्पी तो मानो आम बात है. 

ऐसे में अब इस्लामिक स्टेट जैसा खूंखार आतंकी संगठन भारत की तरफ आंख उठाकर देखेगा तो भला, एक दोस्त का क्या फर्ज बनता है. अमेरिका ने अपनी दोस्ती निभाते हुए ठीक दीपावली से एक दिन पर IS के आंतकी आका बददादी को जहन्नुम में भेज दिया.

आपको ये पांच सबूत जरूर देखने चाहिए, कि कैसे इस्लामिक स्टेट यानी आईएस हिंदुस्तान में अपना पांव पसारने के लिए बेकरार था.

सबूत नंबर 1

'जल्द आ रहे हैं' का पोस्टर

इसी साल 26 अप्रैल को श्रीलंका में बड़े आतंकी हमलों को अंजाम देने के बाद खूंखार आतंकी संगठन आईएस ने भारत के पश्चिम बंगाल में आतंकी हमलों की धमकी देकर हर किसी को डराने की कोशिश की. इस्लामिक स्टेट समर्थित टेलिग्राम चैनल ने एक पोस्टर जारी किया था. उसमें बंगाली भाषा में लिखा हुआ था कि 'शीघ्रे आश्छी, इंशाअल्लाह...' (जल्द आ रहे हैं). पोस्टर पर अल मुरसालात का एक निशान भी छपा हुआ था. इस पोस्टर को देश के सुरक्षा एजेंसियों ने काफी गंभीरता से लिया. इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह ये थी कि श्रीलंका के एक आतंकी संगठन तौहीद जमात के माध्यम से आईएस ने इन धमाकों को अंजाम दिया था.

सबूत नंबर 2

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का खुलासा

हिंदुस्तान में बांग्लदेशी आतंकी संगठन काले बादल की तरह फैलता जा रहा है. इकी जानकारी इसी साल 14 अक्टूबर को NIA ने दी थी. एजेंसी के मुताबिक 'जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्‍लादेश' भारत में अपना दबदबा बनाने की फिराक में है. बांग्लादेश का ये आतंकी संगठन भी आईएस से जुड़ा हुआ है. जिससे ये समझ पाना आसान हो जाता है कि इस्लामिक स्टेट भारत में पांव पसारने की लाख कोशिश कर रहा है. लेकिन भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की मुश्तैदी ने उसके नापाक मंसूबे को नाकाम कर रखा है.

इसे भी पढ़ें: भारत में पांव पसार रहा है बांग्लादेशी आतंकी संगठन! PAK का असल चेहरा बेनकाब

सबूत नंबर 3

तमिलनाडु के कोयंबटूर से गिरफ्तारी

इसी साल 20 जून को तमिलनाडु के कोयंबटूर से NIA ने इस्लामिक स्टेट के तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया था इससे पहले 12 जून को भी चार संदिग्धों को दबोचा गया था. खबर थी कि यह शहर में और आस पास के मंदिरों और गिरजाघरों में आतंकी हमले की साजिश रच रहे थे. इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इनके पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले.

सबूत नंबर 4

दिल्ली को दहलाने की साजिश नाकाम

पिछले साल 26 दिसंबर, 2018 को आतंकी संगठन IS के नए मॉड्यूल हरकत-उल-हर्ब-इस्लाम का खुलासा किया गया था. NIA ने जानकारी दी थी कि 16 जगह पर छापेमारी करके 5 लोगों को दबोच गया है. NIA ने दावा किया था कि ये दिल्ली को दहलाने का प्लान बना रहे थे.

सबूत नंबर 5

बंकर से पकड़े गए IS के 3 आतंकी

नवंबर 2018 में जम्मू-कश्मीर पुलिस और दिल्ली पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में 'इस्लामिक स्टेट ऑफ J&k' के 3 आतंकियों को कश्मीर के एक बंकर से दबोचा गया था. रिपोर्ट्स के अनुसार ये आतंकी देश की राजधानी दिल्ली में किसी बड़े हमले की साजिश रच रहे थे. इन तीनों संदिग्ध आतंकियों का नाम ताहिर अली खान, हरिस मुश्ताक खान और असिफ सुहैल नदफ बताया गया था. सूचना ये भी थी कि इनके पास से भारी तादाद में गोला-बारूद भी बरामद किए गए थे.

इन पांच सबूतों से समझने में आसानी हो जाती है, कि इस्लामिक स्टेट भारत में दहशत फैलाने की लगातार कोशिशें कर रहा था. और दिवाली के ठीक एक दिन पहले IS के आका बगदादी को मौत के घाट उतार दिया गया. यानी बगदादी की मौत का भारत कनेक्शन, मोदी कनेक्शन. क्योंकि मोदी-ट्रंप की दोस्ती किसी के छिपी नहीं है.