Indian Railway Diamond Crossing: भारतीय रेलवे में हर दिन लाखों यात्री ट्रेनों से सफर करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसा रेलवे स्टेशन है, जहां चारों दिशाओं से ट्रेनें आती-जाती हैं, वो भी बिना किसी टक्कर के. आइए आज हम आपको बताएंगे भारत के इकलौते स्टेशन के बारे में जहां चरों दिशाओं से गुजरती हैं ट्रेनें.
चारों दिशाओं से गुजरती हैं ट्रेनें
महाराष्ट्र के नागपुर रेलवे स्टेशन पर देश का एकमात्र डायमंड क्रॉसिंग है. यह सिर्फ ट्रैक मिलने की जगह नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे की शानदार इंजीनियरिंग का उदाहरण है, जहां चरों दिशाओं से ट्रेनें रोज मिलती हैं, फिर सब कुछ बिलकुल सुरक्षित चलता है.
चार दिशाओं का मिलन
नागपुर स्टेशन पर देश के चार मुख्य रेल मार्ग एक-दूसरे को काटते हैं. उत्तर से आती दिल्ली-मुंबई लाइन, दक्षिण से मुंबई-चेन्नई रूट, पूर्व से कोलकाता-मुंबई ट्रैक और पश्चिम से मुंबई-नागपुर लाइन. ऊपर से देखें तो ये पटरी हीरे के आकार में दिखती हैं, इसलिए इसे डायमंड क्रॉसिंग कहते हैं. यहां रोजाना सैकड़ों ट्रेनें गुजरती हैं, जैसे राजधानी एक्सप्रेस, दुरंतो और गरीब रथ. लेकिन चमत्कार ये है कि कभी कोई हादसा नहीं होता हैं.
कैसे होती है यहां ट्रेनों की सुरक्षा?
अब सब सोचते है कि इतनी ट्रेनें कैसे बिना टकराए गुजर जाती हैं. इसका राज है रेलवे की आधुनिक तकनीक. यहां इंटरलॉकिंग सिस्टम लगा है, जो पटरी के स्विच को कंट्रोल करता है. एक समय में सिर्फ एक ट्रेन ही क्रॉसिंग से गुजर सकती है. साथ ही, ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम ट्रेनों को सिग्नल देता है. अगर कोई ट्रेन आ रही हो, तो दूसरी रुक जाती है. रेलवे के कर्मचारी 24 घंटे अलर्ट रहते हैं. इस सिस्टम की वजह से नागपुर का डायमंड क्रॉसिंग दुनिया भर में फेमस है.
रेलवे की प्रगति का प्रतीक
नागपुर स्टेशन 1880 में बना था. आज यह सेंट्रल रेलवे जोन का हिस्सा है. यहां 8 प्लेटफॉर्म हैं और प्रतिदिन 200 से ज्यादा ट्रेनें रुकती हैं. यह स्टेशन न सिर्फ यात्रियों को जोड़ता है, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाता है. यात्री यहां आकर इस अनोखे नजारे को देखने के लिए खास तौर पर आते हैं.
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