सिद्धू की ताजपोशी में पाकिस्तान का जिक्र कैसे आया? कैप्टन ने दी देशभक्ति की सीख

नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष की कमान संभाली. कैप्टन ने देशभक्ति का पाठ पढ़ाया और कहा, पाकिस्तान से भी लड़ना होगा.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Jul 23, 2021, 09:23 PM IST
  • सिद्धू के संकेत साफ हैं, कैप्टन कबूल नहीं!
  • कांग्रेस के मंच पर एक साथ बैठे सिद्धू-अमरिंदर
सिद्धू की ताजपोशी में पाकिस्तान का जिक्र कैसे आया? कैप्टन ने दी देशभक्ति की सीख

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता नवतोज सिंह सिद्धू ने आज पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण कर लिया. इस मौके पर कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू दोनों एक साथ थे. एक ही मंच पर थे, अगल-बगल बैठे थे. बावजूद इतनी दूरियां थीं. इतने फासले थे कि आने वाले दिनों में कांग्रेस के लिए इन फासलों को मिटाना आसान नहीं होने वाला है.

सिद्धू और कैप्टन के बीच जंग जारी है

ऐसा इसलिए क्योंकि सिद्धू संकेतों में कैप्टन पर वार कर रहे थे, जबकि अमरिंदर सिद्धू को देशभक्ति की नसीहत दे रहे थे. आज सिद्धू की ताजपोशी में क्या क्या हुआ. बोला क्या गया और तस्वीरें क्या कह रही थी. यही वो लम्हा था जिसके लिए सिद्धू ने चंडीगढ़ से दिल्ली तक की दूरी एक कर दी थी. पंजाब कांग्रेस के 'प्रधान सिद्धू' ये 5 शब्द सुनने से पहले सिद्धू एक गेंदबाज की तरह वार्म अप हो रहे थे.

जैसे ही उनका नाम पुकारा गया. एक मंझे हुए बल्लेबाज की तरह उन्होंने छक्का लगाया और सीधे मंच पर पहुंच कर माइक संभाल ली. फिर तो माहौल ऐसा था कि सिद्धू को पसंद की पिच मिल गई हो और वो विपक्ष पर एक के बाद एक छक्के लगा रहे हों.

पंजाब कांग्रेस की अब तक तस्वीर बेहद खूबसूरत और शानदार दिख रही थी. लेकिन थोड़ पीछे चलें और इन तस्वीरों की सच्चाई समझने की कोशिश करेंगे तो ये अंदाजा होगा कि मंच पर सिद्धू और अमरिंदर ने हाथ तो मिला लिया था लेकिन दिल नहीं मिले थे. इसे समझने के लिए एक-एक तस्वीर को जरा गौर से देखना होगा.

नीचे दी हुई तस्वीरें देखिए..

माला पहनने के दौरान इस एक बड़े से माला में सिद्धू और अमरिंदर दोनों हैं. लेकिन सिद्धू, पूर्व पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ की ओर देख रहे हैं. अमरिंदर से वो नजरे तक नहीं मिला रहे हैं. एक और तस्वीर सिद्धू और अमरिंदर के साथ बैठने की है. इसमें भी सिद्धू और अमरिंदर एक दूसरे की ओर देखने से बच रहे हैं. ऐसा लग रहा है जैसे दोनों जबरदस्ती बिठा दिया गया है.

अमरिंदर के सामने सिद्धू को झुकना मंजूर नहीं

इसी में से एक और अहम तस्वीर देखिये.. जैसे ही सिद्धू का नाम भाषण देने के लिए पुकारा गया. सिद्धू अपनी जगह से उठे और माइक की ओर बढ़े. बीच में उन्होंने झुक कर तीन नेताओं के पैर छुए, लेकिन अमरिंदर के पैर नहीं छुए. जबकि अमरिंदर ने आज ही ये जता दिया था जब सिद्धू पैदा हो रहे थे तो आर्मी में उनका कमीशन हो रहा था.
 
पंजाब मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि 'नवजोत सुनो पहले मैं बताता हूं कि इसका और मेरा रिश्ता क्या है रिश्ता इससे यह है कि 1963 में इसका जन्म हुआ और 1963 में मेरा आईएमए में मेरा कमीशन हुआ और मैं चीन के बॉर्डर पर पहुंचा था यह फर्क है मेरे और नवजोत के बीच में..'

सिद्धू-अमरिंदर के हाथ मिले, दिल कब मिलेंगे?

अमरिंदर का ये बयान इस बात का साफ संकेत था कि सिद्धू आज भले ही पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष बन जाएं लेकिन कैप्टन के लिए वो बच्चे ही रहेंगे. अमरिंदर के इस हमले का जवाब देने में सिद्धू भी पीछे नहीं थे. उन्होंने भी भरे मंच से ये कह दिया कि कब तक एक आइने में चेहरा देखा जाए. यानी वक्त अब आइना बदलने का हो गया है.

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि 'किसी भी आईने में किसी भी आईने में देर तक चेहरा नहीं रहता अरे यह बड़े वर्कर बड़े लोग बड़े लोगों को मिलने में जरा सब फासला रखना दरिया जहां समंदर में मिला दरिया नहीं रहता.'
 
दोनों खुल कर एक दूसरे का नाम नहीं ले रहे थे, लेकिन ये जता जरूर रहे थे कि ये जो दूरिया हैं वो बनी रहेंगी. अमरिंदर ने तो संकेतों में ये तक कह दिया कि सोनिया गांधी के कहने पर वो आज सिद्धू की ताजपोशी वाले मंच पर हैं.

कैप्टन ने कहा कि 'पार्टी हम लोगों की वजह से चलती है 134 साल पुरानी पार्टी है पहले दिन जब सोनिया जी ने मुझसे बोला कि हम नवजोत सिंह सिद्धू को हम अध्यक्ष बनाना चाहते हैं और उसी दिन मैं बाहर आकर प्रश्नों दिया था कि जो हमारे कांग्रेस अध्यक्षा का फैसला होगा वहां पर हम सिर्फ झुकाएंगे.'

कैप्टन ने सिद्धू को कैसे दी देशभक्ति की सीख?

सिद्धू की ताजपोशी से पहले कल रात जवानों के साथ झूमने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपना देशभक्त चेहरा भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिखाया और कहा कि पंजाब की सीमा पाकिस्तान से लगती है. इसलिए हमें सतर्क रहना होगा.

कैप्टन अमरिंदर ने बोला कि 'हमारा 600 किलोमीटर का बॉर्डर पठानकोट से लेकर फाजिल्का तक पाकिस्तान से जुड़ा हुआ है रोजाना वहां पर हथियार पहुंचते हैं आरडीएक्स पहुंच रहे हैं ग्रेनेड पहुंच रहे हैं. किस लिए पहुंच रहे हैं फिर दंगा फसाद यहां पर करना चाहते हैं यह पाकिस्तानी और चीनी अगर इकट्ठे हो गए और तीसरा उसका वह साथ ही जो अमेरिका छोड़कर चला गया (जिसे तालिबान कहते हैं) अगर वह आ गया वह कश्मीर भी पहुंच जाएगा.'

सिद्धू की ताजपोशी में पाकिस्तान का जिक्र कैसे आया?

दरअसल ऐसा माना जा रहा है अपने भाषण में पाकिस्तान का जिक्र करके कैप्टन, सिद्धू को संकेत दे रहे थे. क्योंकि नवजोत सिंह सिद्धू ने ही पाकिस्तानी जनरल बाजवा को गले लगाया था और इमरान खान की तारीफ की थी, जिसकी पूरे देश में आलोचना हुई थी.

अमरिंदर सिंह के बयान के बाद सिद्धू के पुराने बयान खूब निकाले जा रहे हैं. विपक्षी दल कल को इसे मुद्दा बना लें तो हैरान होने की जरूरत नहीं है. सिद्धू और अमरिंदर आज भले ही एक मंच पर थे. लेकिन दोनों नेताओं का जो बॉडी लैंग्वेज था. उससे ये साफ था कि ये मजबूरी का अभिनय है. सवाल ये है कि मजबूरी के इस अभिनय ये क्या 2022 में पंजाब कांग्रेस की पिक्चर चुनाव में हिट हो पाएगी.

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