हथिनी की मौत पर सख्त NGT, केरल सरकार से मांगा पूरी कार्रवाई का ब्यौरा

केरल में बेहद दर्दनाक और क्रूर तरीके से एक गर्भवती हथिनी को विस्फोटक खिलाकर मार दिया गया था. इस घटना पर केरल की वामपंथी सरकार चुप्पी साधे बैठी है. NGT ने उसकी अकर्मण्यता पर सवाल उठाए हैं.

हथिनी की मौत पर सख्त NGT, केरल सरकार से मांगा पूरी कार्रवाई का ब्यौरा

नई दिल्ली: केरल में मल्लापुरम में कुछ जाहिल लोगों ने बेहद पीड़ादायक और दर्दनाक हत्या की थी. ये हत्या एक गर्भवती हथिनी की हुई थी. केरल में वामपंथियों की सरकार है. ये वामपंथी हर बात पर न्याय और समानता की झूठी बातें करके लोगों को भ्रमित करते हैं. हैरत की बात ये है कि जब से ये दर्दनाक घटना हुई है तब से सभी वामपंथी बिलों में घुस गए हैं. ये लोग उस बेजुबान पर बोलने से डर गए. जो लोग गर्भवती हथिनी के साथ हुए निर्मम अत्याचार की भर्त्सना कर रहे हैं उल्टे उन्हीं लोगों पर केरल सरकार केस दर्ज कर रही है. केरल सरकार के अमानवीय चेहरे को बेनकाब करने वाली मेनका गांधी पर झूठी FIR दर्ज कर दी गयी.

केरल सरकार की निष्क्रियता पर NGT सख्त

गर्भवती जंगली हाथी की मौत पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) बहुत सख्त है और इस भीषण पाप को अंजाम देने वालों पर कठोर कार्रवाई करने का मन बनाया है. NGT ने हथिनी की हत्या पर एक समिति बनाई है. समिति को इस मामले में क्या-क्या कार्रवाई हुई, इसकी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है. केरल सरकार के इस भयानक असंवेदनशील चरित्र पर  पूरे देश में आक्रोश है.

जंगली जानवरों की सुरक्षा की जाए सुनिश्चित

एनजीटी ने सख्त शब्दों में केरल सरकार को आदेश दिया है कि राज्य में सभी जंगली जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.  ये घटनाएं जंगल में जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए बने मानदंडों का पालन न करने के चलते हो रही हैं, जिससे उन्हें इंसानों से संघर्ष करना पड़ता है, जिससे उनका जीवन खतरे में पड़ता है. राज्य सरकार इस पर गंभीरता से काम करना चाहिये.

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इस तरह मारी गयी थी हथिनी

आपको बता दें कि केरल के मल्लापुरम में एक हथिनी मानवीय क्रूरता का शिकार हो गई थी जब स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर गर्भवती हाथी को शक्तिशाली पटाखों से भरा एक अनानास फल खिला दिया था, जिससे उसके मुंह में विस्फोट होने से उसे बुरी तरह चोट आई थी. तीन दिनों तक तड़पने के बाद उसने दम तोड़ दिया था. भाजपा सांसद मेनका गांधी ने केरल के वायनाड से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और केरल सरकार  पर भी निशाना साधा था और कहा था कि वन सचिव को हटा दिया जाना चाहिए. इस पर केरल की वामपंथी सरकार बौखला गयी और उसने उनके खिलाडी झूठे मामलों में केस दर्ज कर दिया.