कारगिल के हीरो वाई के जोशी के हाथों सेना की उत्तरी कमान

कश्मीर घाटी में आतंकरोधी अभियानों के अनुभवी लेफ्टिनेंट जनरल जोशी लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह का स्थान लेंगे जो 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वह उत्तरी कमान में एक फरवरी को जनरल ऑफिसर-कमांडिंग इन चीफ (जीओसी-इन-सी) का पदभार संभालेंगे.

कारगिल के हीरो वाई के जोशी के हाथों सेना की उत्तरी कमान

नई दिल्लीः कारगिल युद्ध के हीरो लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी को गुरुवार को उत्तरी सैन्य कमांडर नियुक्त किया गया है. उनके पास चीन से लगी लद्दाख व पाकिस्तान से लगी जम्मू-कश्मीर की सीमाओं की सुरक्षा का जिम्मा होगा. उत्तरी कमान रणनीतिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है. कश्मीर घाटी में आतंकरोधी अभियानों के अनुभवी लेफ्टिनेंट जनरल जोशी लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह का स्थान लेंगे जो 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. 

उप सेना प्रमुख का पद हुआ था खाली
फिलहाल वह उत्तरी कमान में चीफ ऑफ स्टाफ के पद पर तैनात हैं. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वह उत्तरी कमान में एक फरवरी को जनरल ऑफिसर-कमांडिंग इन चीफ (जीओसी-इन-सी) का पदभार संभालेंगे. जनरल सीपी मोहंती को दक्षिणी कमान का कमांडर नियुक्त किया गया है.

वह लेफ्टिनेंट जनरल एसके सैनी का स्थान लेंगे जो शनिवार को उपसेना प्रमुख का पदभार संभालेंगे. जनरल एमएम नरवाने के सेना प्रमुख बनने के बाद उप सेना प्रमुख का पद खाली हुआ था. जनरल मोहंती फिलहाल उत्तर भारत क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग हैं. 

ऐसे बने कारगिल के हीरो
1999 में ऑपरेशन विजय के दौरान योगेश कुमार जोशी लेफ्टिनेंट कर्नल थे. उन्हें जिम्मेदारी दी गई कि द्रास सेक्टर में पॉइंट 5140 पर कब्जा करना है. लेफ्टिनेंट कर्नल जोशी ने अपनी चतुराई और बहादुरी से दुश्मन को चौंका दिया और सफलतापूर्वक इस लक्ष्य को हासिल कर लिया. उस फतह ने भारत की कामयाबी सुनिश्चित कर दी.

इस दौरान जोशी ने अपने सैनिकों का हौसला बरकरार रखा और आगे बढ़कर नेतृत्व किया. इस ऑपरेशन में जोशी की टीम ने छह दुश्मनों को मार गिराया. लेफ्टिनेंट जनरल जोशी ने युद्ध के दौरान टाइगर हिल को कब्जा करनेवाली टीम के कमांडिंग ऑफिसर की भूमिका निभाई थी. उस दौरान वह 13वीं जम्मू-कश्मीर राइफल का हिस्सा थे.

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