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कश्मीरी सेब पर पाकिस्तानी सोच! देखिए- आतंक के 'एप्पल' प्लान का सच

कश्मीर में बौखलाए आतंकियों ने एप्पल के नाम पर दहशत फैलाने की साजिश रची है. ये पहला मौका नहीं है, जब कश्मीर में सेब को आतंक की साजिश का जरिया बनाया गया हो. तीन साल पहले साल 2016 में भी कश्मीरी सेबों पर आतंकी बुरहान वानी का नाम लिखे मिले थे.

कश्मीरी सेब पर पाकिस्तानी सोच! देखिए- आतंक के 'एप्पल' प्लान का सच

नई दिल्ली: कश्मीर के मीठे सेबों को फिर नापाक नजर लग गई है. पाकिस्तानी इशारे पर आतंकी इसे दहशत फैलाने का मोहरा बनाने की फिराक में हैं. कश्मीर के अमन-चैन को डिब्बाबंद साजिश का शिकार बनाने के लिये एकबार फिर आतंकी जुट गए हैं. जम्मू-कश्मीर के कठुआ में सेबों की पेटियां खुली, तो कश्मीर को बदनाम करने की नई साजिशों का खुलासा भी हो गया.

सेब पर लिखे पाकिस्तानी नारे

पेटियों के सेब पर पाकिस्तान वाले नारे लिखे थे. भीखी बस स्टैंड के फल दुकानदारों ने तो इसे पहले मजाक समझा. लेकिन सेबों को धोने के बाद भी जब इस पर लिखे नारे नहीं मिटे, तो दुकानदारों ने पुलिस में इसकी शिकायत कर दी.

मानसा पुलिस सेबों को जब्त कर जांच शुरू कर चुकी है. सेब जहां से आए, उस पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है. कश्मीरी सेबों के जरिये जिहाद की ये कोशिश तब हुई है. जब जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल ने कश्मीर घाटी से मोबाइल नेटवर्क से लेकर तमाम एहतियाती पाबंदियों को उठा लिया है. इसी के बाद आतंकियों और पाकिस्तान में बैठे उनके आकाओं ने सेबों की सप्लाई को जिहादी रंग देने की प्लान बनाया.

साजिश के पीछे किसका हाथ?

सवाल ये है कि जिन कश्मीरी सेबों की मिठास दुनिया की जुबान पर वाह-वाह की तारीफ कबूलती है. उसे पाकिस्तान का प्रोपेगैंडा और आतंक फैलाने का जरिया क्यों बना जा रहा है? शुरुआती जांच के मुताबिक इन सेबों के जरिये हिन्दुस्तान में एक ओर डर और आशंकाएं फैलाने की कोशिश की जा रही है, तो दूसरी ओर इसे इंटरनेशनल मीडिया में सुर्खियां बनने के लिये इस्तेमाल करने की नापाक साजिश रची जा रही है.

पाकिस्तान में बैठे आतंक के आकाओं की कोशिश ये है कि कश्मीर के बागों के ये सेब जब विदेशों में पहुंचें. तो इनमें छपे नारे वहां सुर्खियां बनें. इसे कश्मीरियों का जिहाद बताकर अपने प्रोपेगेंडे को नई शक्ल दे सकें.

फल कारोबारियों को आतंकियों ने बनाया निशाना

कश्मीरी सेबों पर पाकिस्तान समर्थक नारेबाजी की साजिश को एक कदम आगे बढ़ाते हुए, आतंकी अब दूसरे राज्यों से कश्मीर जाने वाले व्यापारियों और उनके ट्रकों को निशाना बनाना शुरू किया है. ताकि वो उनमें खौफ पैदा कर सकें. 16 अक्टूबर को कश्मीर के शोपियां में आतंकियों के एक गुट ने पंजाब को दो फल कारोबारियों को निशाना बनाया.

बताया जा रहा है कि पंजाब के अबोहर से कश्मीर गए कारोबारी चरणजीत सिंह और संजीव कुमार जब ट्रकों पर सेब की पेटियां लदवा रहे थे. तभी आतंकियों ने उन पर गोलियां की बौछार कर दी. चरणजीत सिंह ने तो मौके पर ही दम तोड़ा दिया, जबकि संजीव कुमार की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. दोनों कारोबारी पिछले 15 सालों से कारोबार के लिये जम्मू-कश्मीर जा रहे थे.

तीन दिन पहले भी हुई थी हत्या

14 अक्टूबर को भी कश्मीर के शोपियां में आतंकियों ने राजस्थान से सेब की खेप लेने आए एक ट्रक ड्राइवर की हत्या कर दी थी. आपको बता दें कि कश्मीर दुनिया में सेब की पैदावार का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र हैं. हिन्दुस्तान का 75 फीसदी सेब कश्मीर घाटी में ही उपजता है. ये कश्मीरी सेब पंजाब-हिमाचल-दिल्ली होते हुए देश भर में पहुंचते हैं और विदेशों में भी इनकी सप्लाई होती है.

आतंकियों का 'एप्पल' प्लान

कश्मीर सेब की अर्थव्यवस्था की रीढ है. हर दूसरा कश्मीरी सेब के कारोबार से किसी न किसी तरह जुड़ा हुआ है. चूंकि इस साल कश्मीर में सेब की बंपर पैदावार हुई है. लिहाजा सेब से कश्मीरी परिवारों को मोटी कमाई होने की उम्मीद थी. लेकिन अनुच्छेद 370 हटाए जाने से बौखलाए अलगाववादियों और आतंकियों की पूरी कोशिश थी कि सेब के इस कारोबार को डिसटर्ब किया जाए. ताकि परेशान कश्मीरियों की तस्वीर दुनिया को दिखायी जा सके.

आतंकियों ने दो महीने पहले अगस्त में कश्मीर के सेब बागान मालिकों को इसके लिये धमकाया भी, कि 'कश्मीर के सेब घाटी से बाहर नहीं जाएंगे, ऐसा किया तो इसका अंजाम भुगतना होगा' आम कश्मीरियों में दहशत फैलाने के लिये उन्होंने सेब के कुछ बागों को फूंक डाला. लेकिन जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल ने कश्मीर के सेबों के लिये नई पालिसी जारी कर इस आतंकी चाल को नाकाम कर दिया. बंपर पैदावार के सेब के दाम अचानक न गिर जाएं, इसके लिये उन्होंने सेबों की खरीद के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य भी जारी किया था.

सुरक्षा की मांग

अब कश्मीर में दूसरे राज्यों के कारोबारियों को आतंकी निशाना बनाये जाने से उनमें भी दहशत का माहौल है. और वो कश्मीर में कारोबारियों के लिये सुरक्षा की मांग कर रहे हैं. कश्मीर में सेब के बाग कभी आतंकियों के छिपने का ठिकाना हुआ करते थे. लेकिन मोदी सरकार में शुरू हुए ऑपरेशन ऑल आउट से आतंकियों का खात्मा शुरू हुआ. तो सेब के बागान में बने आतंकी पनाहगाह भी ध्वस्त कर दिये गए. लेकिन अब सेब के नाम पर लोगों में दहशत फैलाने की कोशिश शुरू हो गई है.