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कमलेश की हत्या के लिए पिस्टल देने वाला कानपुर से गिरफ्तार

कमलेश तिवारी हत्याकांड में पुलिस की स्पेशल टीमों की धरपकड़ जारी है. इस मामले में पिस्टल देने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है. हत्या में मददगार दो करीबियों के नेपाल भागने की आशंका है. पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है.

कमलेश की हत्या के लिए पिस्टल देने वाला कानपुर से गिरफ्तार

लखनऊः  कमलेश तिवारी हत्याकांड की जांच जारी है और पुलिस के हाथ इससे जुड़े अपराधियों की गरदन तक पहुंच रहे हैं. अब एटीएस ने शुक्रवार शाम को मामले से जुड़े एक और शख्स युसूफ खां को गिरफ्तार किया है. बताया गया है कि हिन्दू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी के हत्यारों अशफाक और मोइनुद्दीन को पिस्टल युसूफ ने ही दी थी. उसे शुक्रवार शाम को कानपुर से गिरफ्तार किया गया है. वह हरबंश मोहाल के घंटाघर इलाके में रिश्तेदार के घर आया था. युसूफ की गिरफ्तारी के बाद देर रात तक एटीएस के अधिकारी उससे पूछताछ करते रहे. उधर, हत्यारों के अन्य मददगारों के बारे जानकारी जुटाने के लिए पुलिस ने पूछताछ की है.

फतेहपुर के हथगांव थाना क्षेत्र के रायपुर मुवारी में रहने वाला युसूफ सूरत में एक दुकान पर काम करता था. यहां उसकी मुलाकात राशिद पठान, अशफाक और मोईनुद्दीन से हुई थी. युसूफ ने 2018 में ही अशफाक और मोईनुद्दीन को सूरत में पिस्टल दी थी. गुजरात और यूपी एटीएस ने युसूफ के पास से दो मोबाइल बरामद किए हैं. अधिकारी उससे पूछताछ कर यह जानने को कोशिश कर रहे हैं कि हत्यारों को देने के लिये पिस्टल उसने कहां से और किससे ली थी. उसके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है, ताकि साफ हो सके कि युसूफ ने हत्यारों के अलावा किन लोगों से संपर्क किया था. सूत्रों का कहना है कि बेहद गुपचुप तरीके से जेल पहुंची पुलिस ने सबसे पहले वकील नावेद और कामरान से कई सवाल-जवाब किए. फिर इन लोगों ने बाकी मददगारों को बुलवाया. बताया जा रहा है कि कुछ तथ्य और पता चले थे.

दो करीबियों के नेपाल भागने की आशंका

अशफाक से लगातार जुड़े रहे वकील नावेद ने कामरान की मदद से ही दोनों आरोपियों को नेपाल में शरण दिलाई थी. नावेद के पकड़े जाने के बाद कई राज खुले थे. हालांकि उसने पूछताछ में एटीएस और एसआईटी को खूब उलझाया था. नावेद से पूछताछ में सामने आई कड़ियां जुड़ती गई थी जिससे इस हत्याकाण्ड का करीब-करीब हर राज सामने आ गया था. इसी दौरान दो मददगारों के भी नाम सामने आए थे जो कामरान की गिरफ्तारी के बाद से लापता हो गए हैं. कहा जा रहा है कि यह दोनों फिलहाल नेपाल में छिप गए हैं.

आसिम के इशारे पर फैलाया गया है नेटवर्क

सूत्रों का कहना है कि नागपुर से गिरफ्तार आसिम के संपर्क में भी फरार मददगार थे. आसिम ने जब अशफाक से बरेली जाने को कहा था, तभी उसने नावेद से लेकर अपने संपर्क में रहने वाले हर व्यक्ति को दोनों आरोपियों की मदद करने के लिए तैयार रहने को कह दिया था. 18 अक्टूबर को खुर्शेदबाग में कमलेश तिवारी की हत्या के बाद आसिम अली के इशारे पर ही पूरा नेटवर्क फैलाया गया था. एसआईटी के एक अधिकारी के मुताबिक एक टीम ने बरेली और शाहजहांपुर में कई जगह दबिश दी. एसआईटी को पता चला था कि नावेद और कामरान के साथ मदद करने वालों में शामिल दो लोग इन स्थानों पर ही छिपे हुए हैं. हालांकि पुलिस को दबिश में कोई सफलता नहीं मिली.