क्या ऑक्सीजन की किल्लत से देश को सचमुच मिल रही है निजात? जानिए सच

पूरे देश में ऑक्सीजन की कमी ने हर किसी को मजबूर कर दिया. इस बीच सांसों के संकट से जूझती दिल्ली के लिए थोड़ी राहत मिल रही है. एम्स और RML में आज से ऑक्सीजन प्लांट शुरू. पीएम केयर्स फंड से निर्माण हुआ है.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : May 5, 2021, 10:05 AM IST
  • ऑक्सीजन के बंधकों का ‘अंतकाल’ आया!
  • देश में रोजाना 9200 टन ऑक्सीजन का उत्पादन
क्या ऑक्सीजन की किल्लत से देश को सचमुच मिल रही है निजात? जानिए सच

नई दिल्ली: ऑक्सीजन की किल्लत को लेकर देश में जो हाहाकार मचा हुआ था उसे करीब-करीब दूर कर लिया गया है. ऑक्सीजन की सप्लाई 300 फीसदी बढ़ाई गई है, जबकि राजधानी दिल्ली तक ऑक्सीजन एक्सप्रेस के जरिए लगातार गैस पहुंचाई जा रही है. दुर्गापुर, हापा और मुंद्रा से मंगलवार को 3 ऑक्सीजन एक्सप्रेस दिल्ली पहुंची जिससे राजधानी को 364 टन ऑक्सीजन की सप्लाई की गई. वहीं DRDO दिल्ली और आस-पास में 5 ऑक्सीजन प्लांट लगा रहा है, जिसके शनिवार तक चालू होने की संभावना है.

खत्म होने वाली है ऑक्सीजन की किल्लत

जीवन देने वाली गैस की कमी ने अब तक कोहराम मचा रखा था. ऑक्सीजन के लिए महानगरों से लेकर छोटे शहरों और गांवों तक में लोग परेशान हैं. इस बीच में ऐसी भी घटनाएं सामने आईं जिसमें ऑक्सीजन की सप्लाई रुकने से कोरोना के मरीजों की मौत हो गई, लेकिन अब ये परेशानी खत्म होने वाली है. 

देश में करीब 7 करोड़ कोविड मरीजों को ऑक्सीजन चाहिए. सरकार के मानक के मुताबिक की गई गणना में खुलासा हुआ है. एक्टिव मामलों के 20% मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत है. देश में कोविड के 34 लाख 47 हजार 133 एक्टिव मामले हैं. मानक के मुताबिक करीब 1 लाख मरीजों को ICU की जरूरत है.

इंतजार खत्म! अब दरवाजे तक ‘प्राणवायु’

अब किसी की ऑक्सीजन की किल्लत से मौत नहीं होगी. कोई ऑक्सीजन के लिए इधर-उधर भटकेगा नहीं. दरअसल हिन्दुस्तान नें अब ऑक्सीजन कोई समस्या ही नहीं रहेगी.

देश में 300% बढ़ी ऑक्सीजन की सप्लाई

देश में अब रोजाना 9200 टन ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है और करीब 300 फीसदी सप्लाई बढ़ी है. इंडस्ट्रीयल ऑक्सीजन को मेडिकल ऑक्सीजन में बदलने, ऑक्सीजन के टैकर्स की संख्या बढ़ाने और टैकर्स के मोड ऑफ ट्रांसपोर्ट के साथ ऑक्सीजन प्लांट की संख्या बढ़ने से देश में कोरोना के संकट काल में ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ी है और आने वाले दिन में ऑक्सीजन की कहीं कोई कमी नहीं रहने वाली.

वैक्सीन की कमी नहीं, ऑक्सीजन भी आ गई!

दिल्ली के पास अपना ऑक्सीजन प्लांट नहीं है, ऐसे में यहां सबसे ज्यादा किल्लत देखने को मिल रही है जिसे लेकर केंद्र सरकार को दिल्ली हाईकोर्ट से डांट भी लग चुकी है. अब दिल्ली की जरूरत तेजी से पूरी की जाने लगी है.

दुर्गापुर से ऑक्सीजन एक्सप्रेस दिल्ली पहुंची, जिसमें 120 टन ऑक्सीजन भरी है. हापा और मुंद्रा से भी ऑक्सीजन राजधानी दिल्ली पहुंची है.

देश में चारों तरफ ऑक्सीजन एक्सप्रेस दौड़ रही है और ग्रीन कॉरिडोर बनाकर ऑक्सीजन एक्सप्रेस से जल्दी से जल्दी प्राणवायु की सप्लाई हो रही है. दूसरी तरफ दिल्ली के साथ पूरे देश में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की काम तेजी से चल रहा है, जिसमें दिल्ली को प्राथमिकता दी जा रही है.

शनिवार तक दिल्ली एनसीआर में 5 प्लांट चालू हो जाएंगे. पीएम केयर्स फंड से देश में 551 ऑक्सीजन प्लांट बनेंगे. 3 महीने के भीतर ये ऑक्सीजन प्लांट बन जाएंगे.

ऑक्सीजन संकट पर उच्च अदालत सख्त

ऑक्सीजन संकट पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तल्ख तेवर अख्तियार किया है. ऑक्सीजन की कमी से हो रही मौतों को नरसंहार बताया है. हाईकोर्ट का कहना है कि ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की मौत आपराधिक कृत्य है.

इसे भी पढ़ें- Indian Railway: कोरोना काल में यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें, रेलवे ने रद्द की कई ट्रेनें

मौजूदा वक्त में कोविड मरीजों को बहुत ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत है और इस जरूरत को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार तेजी से काम कर रही है, संभावना है कि अगले 3 दिन में ऑक्सीजन की सप्लाई इतनी तेज हो जाएगी कि कहीं भी ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी.

इसे भी पढ़ें- जानिए कितने मददगार हैं ऑक्सीजन कान्सेंट्रेटर और इनसे कैसे बनती है ऑक्सीजन?

Zee Hindustan News App: देश-दुनिया, बॉलीवुड, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल और गैजेट्स की दुनिया की सभी खबरें अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें ज़ी हिंदुस्तान न्यूज़ ऐप.

ज़्यादा कहानियां

ट्रेंडिंग न्यूज़