कश्मीर में नहीं गली दाल तो पंजाब में दहशत फैलाने की साजिश में पाकिस्तान

कश्मीर से आतंकवाद की लिंक को काट देने के बाद से पाकिस्तान बौखला गया है. नापाक इरादों को अंजाम देने के लिए ना उसे घाटी में अलगाववादियों से कोई मदद मिल रही है और ना ही लोगों से. इसे देखते हुए पाकिस्तान ने आईएसआई को पंजाब में खलिस्तान समर्थित आतंकियों को बहलाने-फुसलाने का जरिया ढ़ूंढ़ निकाला है.   

कश्मीर में नहीं गली दाल तो पंजाब में दहशत फैलाने की साजिश में पाकिस्तान

नई दिल्ली: पाकिस्तानी ने भारत के साथ अपनी दुश्मनी इस कद्र बढ़ा ली है कि उसे शांति का कोई रास्ता ही अच्छा नहीं लग रहा. कश्मीर पर कोई वश न रह जाने के बाद पाकिस्तान ने पंजाब में दहशत फैलाने की तलाश शुरू कर दी है और इसमें उसका साथ दे रहे है या यूं कहें कि मुख्य साजिशकर्ता ही है पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई. खुफिया सूत्रों के हवाले से मिली खबर यह कहती है कि पंजाब में खलिस्तान बनाने की मांग को लेकर अड़े आतंकियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दी जा रही है कि कैसे भारत में किसी आतंकी हमले को अंजाम दिया जाए. इससे न सिर्फ भारत का खुफिया विभाग अलर्ट हो गया है बल्कि ऑनलाइन साइटों पर संदिग्ध चीजों की निगरानी भी किया जा सकता है. 

विस्फोट करने की दे रहे हैं ऑनलाइन ट्रेनिंग

सूत्रों की मानें तो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ने के-2 यानी कि कश्मीर-खलिस्तान नेक्सस के प्लान के तहत आतंकी स्लीपर सेल्स को सक्रिय होने के कोड देने शुरू कर दिए हैं. उन्हें भारत में किसी आतंकी हमले की साजिश के लिए भड़काया जा रहा है. रिपोर्ट के हवाले से यह खबर आई कि पंजाब में खलिस्तान के समर्थित तत्व सोशल मीडिया पर अपनी पहचान छिपा सक्रिय हैं. उन्हें आईएसआई की ओर से ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जा रही है. इस प्रशिक्षण में उन्हें विस्फोट करने से लेकर आतंकी हमलों को कितनी सफाई से अंजाम दिया जाए, उसकी जानकारी दी जा रही है. 

खलिस्तानी अलगाववादियों को आईएसआई कर रही फंडिंग

पंजाब में 1970 और 80 के दशक में जो खलिस्तान की मांग को लेकर हिंसा की गई, उसके कुछ पैरोकार आज भी उसी फिराक में मौजूद हैं. आईएसआई के लिए बहुत ज्यादा मुश्किल नहीं रहा इन अलगाववादी चाह वाले लोगों को बरगलाना और बहलाना-फुसलाना. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी जो सिर्फ दहशत फैलाने का चाह रखती है, उसने इन्हें फंडिंग करनी भी शुरू कर दी है. कम से कम खुफिया सूत्रों को तो यह ही अंदेशा है. पंजाब में कट्टरपंथी आंदोलन को आग देकर कुछ बड़ा करने और माहौल खराब करने की साजिश करने वाले लोगों को काफी आसानी से अपने जाल में फंसाया जा रहा है. 

इतना ही नहीं खबर तो यह भी है कि खलिस्तानी समर्थक जो देश से बाहर रह रहे हैं लेकिन वहीं बैठे-बैठे गुटबाजी भी कर रहे हैं, वे भी इस योजना में आईएसआई के साझीदार बनने को बेताब हैं. ऐसे में भारतीय खुफिया एजेंसी अपना कमर कसने को तैयार होगी.