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पाकिस्तान की सुस्ती के चलते, करतारपुर कॉरिडोर पर कल हो सकती है बैठक!

सिखों के पहले गुरू श्री गुरू नानक देव जी से जुड़ा बेहद पवित्र स्थान करतारपुर साहिब गुरुद्वारा, जहां मत्था टेकना अब भारतीय सिख श्रद्धालुओं के लिए जल्द आसान होने वाला है. इस बीच पाकिस्तान की सुस्ती की वजह से एक अहम बैठक टाल दिया गया.

पाकिस्तान की सुस्ती के चलते, करतारपुर कॉरिडोर पर कल हो सकती है बैठक!

नई दिल्ली: करतारपुर साहिब, ये पवित्र स्थान भारतीय सीमा से तीन से चार किलोमीटर दूर है. लेकिन ये दूरी सिख श्रद्धालुओं के लिए बहुत लंबी साबित होती है. क्योंकि सिखों का ये पवित्र स्थान पाकिस्तान में मौजूद है. हालांकि अब ये दूरियां खत्म होने वाली हैं. भारत से श्रद्धालुओं को करतारपुर साहिब तक ले जाने वाले कॉरिडोर के उद्घाटन करने की तारीख आ चुकी है.

भारत के प्रस्ताव पर पाक ने दिखाई सुस्ती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 9 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे और करतारपुर गुरुद्वारे तक जाने वाले पहले जत्थे को रवाना करेंगे. भारत की तरफ बने नए टर्मिनल पर पीएम एक समारोह में भी शामिल होंगे. सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान भी 9 नवंबर को अपनी तरफ बन रहे टर्मिनल का उद्घाटन करेगा. इसके साथ ही पाकिस्तान भारत से आने वाले पहले जत्थे को टर्मिनल पर रिसीव भी करेगा. भारत और पाकिस्तान के बीच इस कॉरिडोर को लेकर होने वाले समझौते के लिए भारत ने एक प्रस्ताव पाकिस्तान को भेजा है. हालांकि, इस प्रस्ताव पर बैठक के लिए पहले  23 अक्टूबर की तारीख तय की गई थी, लेकिन पाकिस्तान की सुस्ती की वजह से उसे टाल दिया गया है. माना जा रहा है कि अब ये बैठक कल यानी 24 अक्टूबर को हो सकती है.

जबरन जजिया टैक्स वसूली का PAK प्लान

पाकिस्तान ने भले ही मोदी सरकार की पहल पर करतारपुर कॉरिडोर बनाने को लेकर हामी भरी हो. लेकिन, कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के बाद पाकिस्तान की नीयत और हरकत दोनों में खोट नजर आ रहा है. कंगाल पाकिस्तान ने इस बार बेहद घिनौनी चाल चली है. मियां इमरान खान अब औरंगजेब की राह पर चल पड़े हैं. एक औरंगजेब था जिसने गैर-मुस्लिमों पर जजिया टैक्स लगाया था, और अब पाकिस्तान के पीएम इमरान खान फिर से 400 साल पुराना टैक्स लादना चाहते हैं. पाकिस्तान श्रद्धालुओं से 20 डॉलर की फीस जजिया टैक्स के रूप में वसूल करके अपनी कंगाली दूर करने का प्लान बना रहा है. फटेहाल पाकिस्तान को ये लग रहा है कि वो करतारपुर साहब के जरिए टेरर फंडिंग का नया रास्ता तैयार कर लेगा. इसीलिए पाकिस्तान ने भारत से करतापुर साहब आने वाले सिखों से जबरन जजिया टैक्स वसूली का प्लान तैयार किया है.

पाक को लगाई लताड़

पाक के इस प्लान पर केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने अफसोस जताया है. उन्होंने कहा कि 'ये जो 20 डॉलर की फीस लगाई है, इसे पाकिस्तान फिर से एक बार सोचे, क्योंकि भगवान सिर्फ अमीरों के नहीं होते वो गरीबों के भी उतने ही होते हैं. और किसी भी धार्मिक स्थान में कोई भी गुरुद्वारे में अमीर हो, गरीब हो किसी भी धर्म का हो किसी मजहब का हो, दुनिया के किसी भी कोने में हो वो परमात्मा सबके बराबर का है. तो ये बहुत अफसोस की बात है, कि हमारी आस्था के ऊपर एक कीमत लगाई जा रही है, कहना नहीं चाहिए पर हमारी आस्था पर दुकान खोली जा रही है.'

करतारपुर कॉरिडोर भले ही भारत और दुनिया के सिखों के लिए आस्था का विषय हो लेकिन पाकिस्तान इसे अपनी कंगाली खत्म करने का रास्ता मान रहा है. पाकिस्तान की माली हालत किसी से छिपी नहीं है उसके सिर पर कर्ज इतना बढ़ चुका है कि इमरान खान दुनिया के सामने कटोरा फैलाकर अपना काम चला रहे हैं. अब इमरान खान करतारपुर साहिब के नाम पर कमाई करना चाहते हैं. तो क्या इस रास्ते से पाकिस्तान पंजाब में आतंक को बढ़ावा देने की तैयारी में है.