बेहमई हत्याकांड: फूलन देवी के गिरोह पर एक बार फिर टला फैसला, जानिये पूरा मामला

पूरे देश में चर्चा का विषय रहा बेहमई हत्याकांड एक बार फिर से खबरों में हैं. इस मामले में अदालत का फैसला फिर से टल गया है. 

बेहमई हत्याकांड: फूलन देवी के गिरोह पर एक बार फिर टला फैसला, जानिये पूरा मामला

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के अंतर्गत आने वाले बेहमई में 39 साल पहले हुए नरसंहार ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया था. इस मामले में मुख्य आरोपी रहीं फूलन देवी की हत्या की जा चुकी है. अब इस मामले में फैसले का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है. मूल केस डायरी न मिल पाने की वजह से फैसला अटका है, एसपी की ओर से एक बार फिर समय मांगने पर कोर्ट ने अब 18 मार्च की तारीख तय की गयी है.

मूल केस डायरी की वजह से अटका फैसला

एसपी मूल केस डायर उपलब्ध नहीं करा सके और कोर्ट में समय की मांग की. जिला शासकीय अधिवक्ता राजू पोरवाल ने बताया कि एसपी अनुराग वत्स के प्रार्थना पत्र पर न्यायालय ने अब 18 मार्च तक का समय दिया है. मूल केस डायरी पेश किए जाने के बाद कोर्ट फैसला सुनाएगी. 

जानिये पूरा मामला

40 साल पहले 14 फरवरी 1981 को सिकंदरा थाना क्षेत्र के बेहमई गांव में फूलन देवी, मुस्तकीम, रामऔतार व लल्लू गैंग में शामिल 35-36 डकैतों ने लूटपाट करने के बाद गांव के 26 पुरुषों पर गोलियां बरसाई थीं. इसमें 20 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे. घटना को लेकर वादी राजाराम सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था, जिसकी सुनवाई विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित कोर्ट में चल रही है. बेहमई हत्याकांड की मुख्य आरोपी फूलन देवी समेत कई आरोपियों की अलग-अलग कारणों से मौत हो चुकी है लेकिन अभी तक इस मामले में फैसला नहीं आ सका है.

फूलन देवी ने तय किया डकैत से सांसद तक का सफर

1993 में फूलन देवी जेल से छूटकर आई थी. उन्हें समाजवादी पार्टी ने लोकसभा का टिकट दिया और मीरजापुर से चुनाव जीतकर वह लोकसभा भी पहुंचीं. साल 2001 में शेर सिंह राणा ने फूलन देवी के दिल्ली स्थित आवास पर उनकी हत्या कर दी थी. 2011 में स्पेशल जज (डकैत प्रभावित क्षेत्र) की कोर्ट में राम सिंह, भीखा, पोसा, विश्वनाथ उर्फ पुतानी और श्यामबाबू के खिलाफ आरोप तय होने के बाद ट्रायल शुरू हुआ। राम सिंह की जेल में मौत हो गई. फिलहाल पोसा ही जेल में है.

ये भी पढ़ें- CAA विरोधियों पर गरजे योगी, 'हमें सबको सुधारना आता है नोट कर लो'