बुद्ध पूर्णिमा पर पीएम मोदी का दुनिया को संदेश

कोरोना काल में बुद्ध पूर्णिमा पर आज पीएम मोदी दुनिया को संदेश देंगे. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम को संबोधित करेंगे. ये कार्यक्रम कोरोना योद्धाओं के सम्मान में आयोजित किया गया है, जिसमें कई देशों के बौद्ध संगठन शामिल होंगे..

बुद्ध पूर्णिमा पर पीएम मोदी का दुनिया को संदेश

नई दिल्ली: कोरोना को लेकर पीएम मोदी लगातार देश से बात कर रहे हैं. एक बार फिर वो देशवासियों से बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर रूबरू होने जा रहे हैं. आपको बताते हैं कोरोना से बचने के लिए प्रधानमंत्री ने अब तक कौन सी अहम बातें कही हैं.

बुद्ध पूर्णिमा पर पीएम का संबोधन

बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश-दुनिया को संबोधित करने जा रहे हैं. दुनिया को शांति, संयम और शौर्य का संदेश देने वाले महात्म बुद्ध की जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी बौद्धों के कार्यक्रम में शामिल होंगे. सामाजिक दूरी की लक्ष्मण रेखा का पालन हो इसलिए पीएम मोदी वर्चुअल प्रार्थना समारोह में शामिल होंगे. प्रधानमंत्री खुद भी कई बार सामाजिक दूरी की अहमयित का जिक्र कर चुके हैं.

कोरोना योद्धाओं के सम्मान में कार्यक्रम

खास बात ये है कि प्रधानमंत्री ने इस पवित्र को कोरोना वारियर्स का सम्मान करने का फैसला किया है. देश में कोरोना से लड़ रहे कोरोना वारियर्स खुद ही महामारी के शिकार हो रहे हैं. ऐसे में देश के देवदूतों का हौसला बढ़ाया जाना बहुत जरूरी है और इससे भी जरूरी इन देवदूतों का सम्मान है.

कोरोना के फैलते जाल को रोकने के लिए देश दृढ़ संकल्प है, इरादे मजबूत हैं, कोरोना को हराना है. कोरोना को हराने के मकसद से ही देश में तीन बार लॉकडाउन को बढ़ाया जा चुका है. अब संयम की तारीख 17 मई तक है. प्रधानमंत्री के इस फैसले के साथ सारा देश खड़ा है. क्योंकि ये सभी मानते हैं- जान है तो जहान है.

कोरोना से जुड़े कई अहम मुद्दे पर बात!

माना जा रहा है कि आज के संबोधन में प्रधानमंत्री कोरोना से जुड़े कई अहम मुद्दों को उठा सकते हैं. प्रधानमंत्री देश के सामने ये बात फिर से रख सकते हैं कि भारत के फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स की कितनी कठिन चुनौती है. कोरोना महामारी से पीड़ित लोगों के प्रति समाज का बर्ताव कैसा है और इसे कैसा होना चाहिए. प्रधानमंत्री ये भी समझ रहे हैं कि कोरोना के चलते देश का लगातार नुकसान हो रहा है. देश में बढ़ते कोरोना के आंकड़ों के बीच प्रधानमंत्री देश को ये भी बता सकते हैं कि हमें कोरोना को रोकने के तरीकों पर प्रभावी अमल करना ही होगा.

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प्रधानमंत्री का आज का कार्यक्रम जम्मू कश्मीर में देश के वीर योद्धाओं की शहादत और कुख्यात आतंकी के सफाए के ठीक बाद होने जा रहा है. जिस कश्मीर में आज आतंकवाद की खेती हो रही है. वो बुद्ध के संदेश की भूमि है. लेकिन इस पवित्र धरती पर आतंकिस्तान की काली छाया है. आतंकिस्तान को ये नहीं भूलना चाहिए कि भारत शांति का ही नहीं शौर्य का भी पुजारी है.

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