दिल्ली में पानी को लेकर राजनीतिक विवाद, ट्विटर पर भिड़े सीएम केजरीवाल-पासवान

दिल्ली के पानी की गुणवत्ता 23 राजधानियों में सबसे खराब पाई गई है और इसके 11 नमूने अलग-अलग मानकों पर खरे नहीं उतर पाएं हैं. इसके बाद से केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया.

दिल्ली में पानी को लेकर राजनीतिक विवाद, ट्विटर पर भिड़े सीएम केजरीवाल-पासवान

नई दिल्लीः  राजधानी दिल्ली भी विधानसभा चुनाव की दहलीज पर खड़ी है और इसके मद्देनजर यहां भी मुद्दे गरम किए जाने लगे हैं. अभी जो स्थिति बन रही है उसके तहत राजधानी में साफ पानी-गंदा पानी चुनाव का बड़ा मुद्दा बनने का संकेत दे रहा है. पानी की गुणवत्ता को लेकर दिल्ली में लड़ाई तेज हो गई है. केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने पानी की जांच के लिए बनाई गई संयुक्त जांच में टीम में दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष को नामित करने पर आपत्ति जताई है. 

23 राजधानियों में सबसे खराब दिल्ली का पानी
केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने कहा है कि दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष को जांच टीम नहीं नामित करना चाहिए. दिल्ली के पानी की गुणवत्ता 23 राजधानियों में सबसे खराब पाई गई है और इसके 11 नमूने अलग-अलग मानकों पर खरे नहीं उतर पाएं हैं. इसके बाद से केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया. वहीं, खाद्य मंत्री राम विलास पासवान ने केजरीवाल सरकार से मांग की कि वह पानी की जांच के लिए बनने जा रही टीम के लिए सदस्यों को नामित करे जिसमें केंद्र और शहर के अधिकारी होंगे. 

साफ हवा के बाद अब दिल्ली को शुद्ध पानी भी नसीब नहीं

केंद्र और शहर के अधिकारियों को लिए जाने की मांग
जांच में मानक के खरे न उतर पाने के कारण  केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया. खाद्य मंत्री राम विलास पासवान ने केजरीवाल सरकार से मांग की कि वह पानी की जांच के लिए बनने जा रही टीम के लिए सदस्यों को नामित करे जिसमें केंद्र और शहर के अधिकारी होंगे. इसके बाद केजरीवाल ने दो लोगों को इस सूची मं नामित किया, जिसमें जल बोर्ड के उपाध्यक्ष दिनेश मोहनिया और सदस्य शलभ कुमार का नाम शामिल है. दोनों को नामित किए जाने संबंधी चिट्ठी पासवान को भेजी गई. 

11 नमूने हुए फैल
दिल्ली में पानी की गुणवत्ता को लेकर राजनीतिक लड़ाई तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने संयुक्त जांच टीम में दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष को नामित करने पर सीएम अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला है, वहीं अब केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि पानी की गुणवत्ता जांच में जिस नमूने का इस्तेमाल किया गया, उनमें से एक पासवान की पार्टी पदाधिकारी के घर का था। दिल्ली के पानी की गुणवत्ता 23 राजधानियों में सबसे खराब पाई गई है और इसके 11 नमूने अलग-अलग मानकों पर खरे नहीं उतर पाएं हैं। इसके बाद से केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया। वहीं, खाद्य मंत्री राम विलास पासवान ने केजरीवाल सरकार से मांग की कि वह पानी की जांच के लिए बनने जा रही टीम के लिए सदस्यों को नामित करे जिसमें केंद्र और शहर के अधिकारी होंगे।

गैर-राजनीतिक नाम सुझाएं'
पासवान ने चिट्ठी मिलने के बाद केजरीवाल पर राजनीतिक व्यक्ति को टीम के लिए चुने जाने का आरोप लगाया और कहा कि वह गैर राजनीतिक व्यक्ति को नामित करें. पासवान ने लिखा, 'दिल्ली में पानी की जांच के लिए संयुक्त टीम के गठन पर सीएम केजरीवाल जी ने आज अपनी ओर से जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सहित दो लोगों को नामित करने की सूचना दी है. मैंने पत्र का जवाब देते हुए कहा है कि उपाध्यक्ष राजनीतिक व्यक्ति हैं. किसी गैर-राजनीतिक व्यक्ति को नामित करें. 

सीएम ने ट्वीट कर दिया जवाब
केजरीवाल ने इसके जवाब तो नहीं दिया, लेकिन वह ट्विटर पर एक बड़े आरोप के साथ सामने आए.  उन्होंने आप विधायक के आरोपों के हवाले से लिखा, सत्ता का ऐसा गलत उपयोग देख कर बहुत दुख होता है. अपने ही पार्टी के पदाधिकारी के घर से पानी का सैम्पल ले कर आपने पूरी दिल्ली की जनता में डर फैला कर बहुत गलत किया है पासवान जी.

इस तरह की हरकत एक संवैधानिक पद पर बैठे मंत्री को शोभा नहीं देता। दरअसल, बुराड़ी से आप विधायक संजीव ने आरोप लगाया था कि पासवान की सैंपल लिस्ट में जिस पूजा शर्मा के घर का पता दिया गया है उसके पति मनोज शर्मा, पासवान की पार्टी एलजेपी के उपाध्यक्ष हैं.

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