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जम्मू-कश्मीर में सामान्य हो रहे हालात का एक और सबूत! घाटी में बहाल हुई मोबाइल सेवाएं

जम्मू कश्मीर के लोगों के लिए खुशखबरी है, सूबे में मोबाइल सेवाओं पर लगा प्रतिबंध हट चुका है और करीब 40 लाख पोस्टपेड मोबाइल सेवाएं चालू कर दी गई हैं.

जम्मू-कश्मीर में सामान्य हो रहे हालात का एक और सबूत! घाटी में बहाल हुई मोबाइल सेवाएं

श्रीनगर: अनुच्छेद 370 के खात्मे के बाद घाटी में लगी जिन पाबंदियों ने यहां के लोगों का जीना दुश्वार किया हुआ था. वो अब पूरी तरह से खत्म हो गई हैं. पोस्टपेट मोबाइल सेवाओं का बंद होना ऐसी ही एक पाबंदी थी. जो बीते दो महीने से घाटी में लागू थीं. जिसके चलते यहां के लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही थी. 

व्यापारी हों या नौकरीपेशा.. छात्र हों या फिर उनके पैरेंट्स.. सभी को मोबाइल सेवाओं पर लगी रोक भारी गुजर रही थी. सरकार से लगातार मांग हो रही थी कि ये सेवा बहाल की जाए. सुरक्षा हालातों की समीक्षा के बाद आखिरकार सरकार ने लोगों की ये मांग मान ली और आज से पोस्टपेड मोबाइल सेवाओं पर लगी पाबंदी हटा ली गई. लोग इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं.

क्या-क्या बदलेगा?

पोस्टपेड मोबाइल सेवाएं बहाल होने के बाद 40 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी. हालांकि वहां पर 26 लाख लोगों के पास प्रीपेड कनेक्शन है. जिनकी सेवाएं फिलहाल चालू नहीं की जाएंगी. पोस्टपेड सेवाओं पर लगी पाबंदी हटाने का आदेश कश्मीर प्रांत के सभी 10 जिलों में लागू होगा. इस कदम से पर्यटकों को फोन कनेक्टिविटी की कमी से जूझते राज्य का दौरा करने में आसानी होगी. 

  • छात्र स्कूल जाने के बाद माता-पिता के संपर्क में रह सकते हैं
  • व्यवसायी ग्राहकों के संपर्क में हो सकते हैं
  • ट्रांसपोर्टर ग्राहकों से संपर्क कर सकते हैं 
  • ठेकेदार भी अपने कर्मचारियों के साथ संपर्क बना सकते हैं

पिछले महीने सरकार ने टेलीफोन के सभी एक्सचेंज चालू कर दिए थे और लैंडलाइन सेवाओं को बहाल कर दिया था. सितंबर महीने में कुपवाड़ा जिले में मोबाइल सेवा को भी बहाल कर दिया गया था. इसके अलावा आवश्यक सेवाओं और अन्य कार्यालयों से संबंधित अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी बहाल किए गए. वहीं सभी स्वास्थ्य संस्थान भी पूरी तरह से काम कर रहे हैं. 

सरकार का दावा है कि घाटी धीरे-धीरे विकास की राह पर बढ़ रही है और इस हर कश्मीरी महसूस कर रहा है. वहीं विपक्ष का कहना है कि ये सब दिखावे की कार्रवाई है. घाटी में अभी भी हालात सामान्य नहीं हैं.

5 अगस्त को बंद हुई थीं मोबाइल सेवाएं

अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद से ही जम्मू-कश्मीर में मोबाइल सेवाएं 5 अगस्त से बंद कर दी गई थीं. लेकिन अब वहां सभी पोस्टपेड मोबाइल सेवाएं बहाल कर दी गई हैं.

370 के खात्मे के बाद से ही आतंकी संगठन घाटी में आतंक फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. उनकी इस कोशिश में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं हथियार बन सकती है. इसी को ध्यान में रखकर मोबाइल सेवाएं प्रतिबंधित की गई थीं. हालांकि सुरक्षा स्थितियों की समीक्षा के बाद मोबाइल सेवाएं पूरी तरह बहाल करने का फैसला लिया गया. हालांकि इंटरनेट सेवाओं के लिए लोगों को अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है.