1965 और 1971 के सैनिकों को पेंशन देने का प्रस्तावः सेना प्रमुख

इंडियन आर्मी चीफ एमएम नरावने ने कहा है कि जल्द ही सैन्य पुलिस में महिलाओं की भर्ती किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सैन्य पुलिस में जल्द ही महिलाओं को शामिल किया जाएगा. इसके तहत कुल 1700 महिलाओं को सेना में भर्ती होने का मौका दिया जाएगा. 

1965 और 1971 के सैनिकों को पेंशन देने का प्रस्तावः सेना प्रमुख

नई दिल्लीः आर्मी चीफ एमएम नरवाने ने मंगलवार को कहा कि सेना 1965 और 1971 के सैनिकों को फ्रीडम फाइटर्स पेंशन देने की योजना बना रही है. इसके लिए रक्षा मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है. इसके लिए मंजूरी मिलते ही 65 व 71 की जंग लड़ने वाले सैनिकों को पेंशन मिल सकेगी. आर्मी चीफ मंगलवार को आर्म्ड फोर्सेज वेटेरेंस डे पर आयोजित समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे. यह आयोजन का चौथा संस्करण था. इसी कार्यक्रम में अपने उद्बबोधन के दौरान आर्मी चीफ ने सेना की बेहतरी के लिए तैयार अन्य प्रस्तावों के बारे में बताया. 

महिलाओं की होगी भर्ती
इंडियन आर्मी चीफ एमएम नरावने ने कहा है कि जल्द ही सैन्य पुलिस में महिलाओं की भर्ती किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सैन्य पुलिस में जल्द ही महिलाओं को शामिल किया जाएगा. इसके तहत कुल 1700 महिलाओं को सेना में भर्ती होने का मौका दिया जाएगा. इसके अलावा 101 महिलाओं की ट्रेनिंग 06 जनवरी, 2020 से शुरू की जा चुकी है. मंगलवार को चौथे आर्म्ड फोर्सेज वेटेरेंस डे के मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस बिपिन रावत, और थल सेनाध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवाने जयपुर पहुंचे हैं. 

सेनानिवृत्ति के बाद भी पूर्व सैनिक करते हैं सेवा
इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आर्मी चीफ ने कहा कि'सेनानिवृत्ति के बाद भी पूर्व सैनिक अलग-अलग क्षेत्रों के जरिए राष्ट्र निर्माण में लगे रहते हैं. इन दिग्गजों का कल्याण हमारी प्राथमिकता है और हमेशा रहा है. पिछले साल, हमने 240 अधिकारियों और 11,500 जेसीओ को सेनानिवृत्ति के बाद नौकरी पाने में मदद की थी.

उन्‍होंने आगे कहा, हम कुल 1700 महिलाओं को कॉर्प्स मिलिट्री पुलिस में शामिल कर रहे हैं. इसके अलाव सेना ने प्रस्ताव दिया है कि 1965 और 1971 के सेनानियों को फ्रीडम फाइटर्स पेंशन दी जाए. 

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इसलिए मनाया जाता है वेटेरेंस डे
सेना की तरफ से 14 जनवरी, 2020 को फील्ड मार्शन केएम करिप्पा के सेवानिवृत्ति को पूर्व सैनिक दिवस के रूप में मनाया जाता है. करिअप्पा सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ थे और वो 1949 में सर फ्रांसिस बुचर से प्रभार लेकर देश के पहले कमांडर-इन-चीफ बने थे. वेटेरेंस डे के बाद 15 जनवरी को आर्मी डे के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है.

इस दिन राजधानी दिल्ली में परेड और अन्य सैन्य झाकियां निकाली जाती हैं, जिसमें आर्मी कमांड के सभी 6 मुख्यालय शामिल होते हैं.

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