वाटर सैल्यूट के साथ हुआ राफेल का शानदार स्वागत, देखिए Video

वाटर सैल्यूट के साथ राफेल का हिन्दुस्तान में स्वागत हुआ, ये लम्हा वाकई पूरे हिन्दुस्तान के लिए गर्व का पल है. क्योंकि करोड़ों देशवासियों का इंतजार खत्म होता दिखाया जा रहा है..

वाटर सैल्यूट के साथ हुआ राफेल का शानदार स्वागत, देखिए Video

नई दिल्ली: फ्रांस से 5 रफाल विमान अंबाला एयरबेस पहुंच चुके हैं. भारतीय वायुसीमा में पांचों राफेल विमान दाखिल हो गए हैं. वायु सेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने स्वागत किया. भारतीय वायुसीमा में पहुंचने के साथ ही राफेल के पायलट से नौसेना की बातचीत हुई और INS कोलकाता ने कहा- हैप्पी लैंडिंग

अंबाला में वाटर सैल्यूट के साथ हुआ राफेल का स्वागत

हरियाणा के अंबाला एयरबेस पर 5 राफेल विमानों की हैप्पी लैंडिंग हो चुकी है. वॉटर कैनन सैल्युट के साथ राफेल का स्वागत हुआ. आपको तस्वीरों के जरिए दिखाते हैं कि कैसे हिन्दुस्तान की सरजमीं पर लड़ाकू विमान राफेल का स्वागत हुआ.

आपको बता दें, वाटर सैल्यूट का मतलब पानी से सलामी देना होता है. विमान सेवा क्षेत्र में वाटर सैल्यूट का मतलब स्वागत करना भी होता है. मिलिट्री एयरक्राफ्ट और एयरलाइन सर्विस को एयरपोर्ट पर लैंड करने पर सम्‍मान देने के लिए वाटर सैल्यूट दिया जाता है.

जानिए कैसे किया जाता है वाटर सैल्यूट?

आमतौर पर इस सैल्‍यूट में आग बुझाने वाली दो गाड़ियां (फायर ब्रिगेड की गाड़ियां) एयरक्राफ्ट पर पानी की बौछार करती हैं. किसी भी नए एयरक्राफ्ट की लैंडिंग और इसके टेकऑफ के समय वाटर सैल्‍यूट दिया जाता है. इस परंपरा का मकसद एयरक्राफ्ट का आभार जताना भी होता है.

वाटर सैल्‍यूट में जो भी व्‍हीकल्‍स होते हैं वो सभी सम संख्‍या जैसे 2, 4, 6 या 8 होते हैं. माना जाता है कि भारत में वाटर सैल्यूट की शुरुआत 30 साल पहले 1990 में हुई थी. विशेषज्ञों के मुताबिक एयरक्राफ्ट के अलावा शिप्‍स को भी इसी तरह से सैल्‍यूट दिया जाता है. 2016 में जब डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति बने थे तो ला गौर्डिया एयरपोर्ट पर उन्हें वाटर सैल्यूट दिया गया था.

राफेल का स्वागत कैसे हुआ?

१) फ्रांस से राफेल के साथ फ्रांस एयरफोर्स के विमान एस्कॉर्ट करते हुए निकले
२) इंडियन नेवी (आईएनएस कोलकाता) ने स्वागत किया
३) सुखोई-30 ने अगवानी की और राफेल दस्ते को एस्कॉर्ट किया

४) वाटर केनन सेल्यूट मिला

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निश्चित तौर पर हिन्दुस्तान के लिए आज का दिन बेहद ही खास है. रूस से आने वाला राफेल लड़ाकू विमान भारत में आ चुका है. ऐसे में भारतीय वायुसेना की बढ़ी ताकत ना सिर्फ हिन्दुस्तान को मजबूत करती है, बल्कि दुश्मनों को भी मुंहतोड़ जवाब मिल गया होगा.

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