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निर्माण के बाद ऐसा दिखेगा राम मंदिर! क्या पहले से तैयार है मॉडल?

राम मंदिर के भव्य निर्माण के लिए रास्ता साफ हो गया है, लेकिन हर कोई ये जानने के लिए बेकरार है कि निर्माण के बाद मंदिर कैसा दिखेगा और कबतक बनकर तैयार हो जाएगा. इन सारे सवालों के जवाब इस खास रिपोर्ट में पढें

निर्माण के बाद ऐसा दिखेगा राम मंदिर! क्या पहले से तैयार है मॉडल?

नई दिल्ली: अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर को लेकर दशकों से चला आ रहा इंतजार शनिवार को खत्म हो गया. सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय के बाद अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया. सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार को तीन महीने में ट्रस्ट का गठन करने को कहा है. ऐसे में हर राम भक्त के मन में ये सवाल उठ रहा है कि रामजन्मभूमि पर भगवान का मंदिर कितने समय में बनेगा. वो भी तब, जब विश्व हिंदू परिषद ने मंदिर का डिजाइन पहले से ही तैयार किया हुआ है.

राम मंदिर का मॉडल तैयार

विश्व हिंदू परिषद ने 30 साल पहले गुजरात के आर्किटेक्ट चंद्रकांत भाई सोमपुरा से राम मंदिर का मॉडल बनवाया था. अयोध्या स्थित वीएचपी की इस कार्यशाला में 1990 से ही मंदिर निर्माण से जुड़ा काम चल रहा है. बीते 3 दशकों से यहां रोजाना 8 घंटे पत्थरों पर नक्काशी की जा रही है. उन्हें तराशा जा रहा है. 212 खंभों वाले इस मंदिर में 106 खंभों को तैयार किया जा चुका है. मंदिर का मॉडल तैयार करने वाले चंद्रकांत सोमपुरा ने ज़ी हिंदुस्तान को बताया कि मंदिर निर्माण के लिए 50% काम पूरा हो गया है. अगर 2000 कारीगर रोजाना 10-10 घंटे काम करेंगे तो इसे ढाई से तीन साल में पूरा कर लिया जाएगा.

चंद्रकांत सोमपुरा के दादा ने गुजरात में सोमनाथ मंदिर का निर्माण किया था. सोमपुरा परिवार पीढ़ियों से मंदिर निर्माण के काम में ही लगा हुआ है. 30 साल पहले विश्व हिन्दू परिषद ने उनसे अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए संपर्क किया था और तब वीएचपी अध्यक्ष अशोक सिंघल ने उनसे मंदिर का मॉडल बनाने को कहा था. मंदिर का डिजाइन तैयार करने में 6 महीने लग गए थे. 6 बार अलग-अलग डिजाइन तैयार किए गए थे. इसके बाद सिंघल और उनकी टीम को नागर शैली से बना डिजाइन पसंद आया और तब उसी वक्त मंदिर के मॉडल और पत्थर तराशने का काम शुरू हुआ था.

कैसा होगा राम मंदिर?

राममंदिर का डिजाइन खास है, इसकी परिक्रमा वृत्ताकार होगी. जबकि गर्भगृह अष्टकोणीय होगा. दो मंजिला मंदिर में भूतल पर मंदिर और ऊपरी मंजिल पर रामदरबार होगा. इसके खंबों पर देवी-देवताओं की आकृतियां उकेरी जाएंगी. गुंबद का काम अभी पूरा नहीं हुआ है, इसमें वक्त लगेगा. मंदिर की चौड़ाई 150 फीट, लंबाई 270 फीट और गुंबद तक की ऊंचाई 270 फीट होगी. 

राम मंदिर में लोहा नहीं इस्तेमाल हो रहा है और ना ही इसके निर्माण में मशीनों का इस्तेमाल हो रहा है. कारीगर ही मंदिर के पत्थरों को तराशने का काम कर रहे हैं. इसीलिए मंदिर निर्माण में ढाई से तीन साल का समय लगने की बात कही जा रही है.

तो क्या उसी मॉडल पर बनेगा मंदिर?

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो चुका है. सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर निर्माण के लिए तीन महीने में एक ट्रस्ट के गठन का निर्देश दिया है. हालांकि, विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) का कहना है कि ट्रस्ट भले ही मंदिर का निर्माण कराए लेकिन मंदिर उसी मॉडल पर बने तो बेहतर होगा जो उसने तैयार कराया है.

अयोध्या पर आए सुप्रीम फैसले के बाद अब अयोध्या की पहचान और पुख्ता होने जा रही है. राम मंदिर का जो स्वरूप हम सालों से टीवी और अखबार की तस्वीरों में देखते आ रहे हैं वो अब धरातल पर साकार होने जा रहा है. अब बस केंद्र की ओर से उस ट्रस्ट के गठन का इंतजार है. जिसके कंधों पर अयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी दी जाने वाली है तो बस इंतजार करिए श्री रामजन्मभूमि पर अपने आराध्य के भव्य मंदिर के निर्माण का.