42 जगहों पर पड़े थे आईटी के छापे,मिली 3300 करोड़ की हवाला रकम

सीबीडीटी ने सोमवार को दावा किया कि आयकर विभाग ने दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद जैसे तमाम शहरों में फैले 3300 करोड़ रुपये के हवाला रैकिट को सामने लाया है. सीबीडीटी का यह भी दावा है कि आईटी छापों के दौरान इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के बड़े कॉर्पोरेट घरानों और हवाला कारोबारियों के बीच गठजोड़ होने के  सबूत मिले हैं. 

42 जगहों पर पड़े थे आईटी के छापे,मिली 3300 करोड़ की हवाला रकम

नई दिल्लीः आयकर विभाग ने इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के कुछ बड़े कॉर्पोरेट्स और हवाला ऑपरेटरों के बीच मिलीभगत की साजिश का राजफाश किया है. नवंबर की शुरुआत में ही आयकर विभाग ने फर्जी बिल जारी करने वालों और हवाला के जरिए लेनदेन करने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया था. छापों से आईटी डिपार्टमेंट ने 3300 करोड़ रुपये के हवाला रैकिट का पर्दाफाश किया.  विभाग ने इस दौरान दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, ईरोद, पुणे, आगरा और गोवा में कुल 42 ठिकानों पर छापेमारी की थी. 

महीने के पहले हफ्ते में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) ने सोमवार को दावा किया कि आयकर विभाग ने दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद जैसे तमाम शहरों में फैले 3300 करोड़ रुपये के हवाला रैकिट को सामने लाया है.  सीबीडीटी का यह भी दावा है कि आईटी छापों के दौरान इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के बड़े कॉर्पोरेट घरानों और हवाला कारोबारियों के बीच गठजोड़ होने के  सबूत मिले हैं. इनकम टैक्स की छापेमारी से ऐसी जानकारियां सामने आई हैं जो कि  बड़े कॉर्पोरेट्स, हवाला कारोबारियों के बीच बड़े नेक्सस को स्थापित करते हैं. आईटी डिपार्टमेंट के मुताबिक छापों से बोगस कॉन्ट्रैक्ट्स के जरिए करोड़ों रुपये इधर से उधर करने की भी बात सामने आई है. विभाग का दावा है कि यह रकम 3,300 करोड़ रुपये के करीब है.

दिल्ली और मंबई में हैं कंपनियां
विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पैसों का हेर-फेर करने में शामिल कंपनियां मुख्य तौर पर देश की राजधानी दिल्ली क्षेत्र और मुंबई में स्थित हैं. इस तरह की एक अन्य कंपनी की तलाशी इसी साल अप्रैल में ली गई थी. सीबीडीटी ने कहा, 'जिन परियोजनाओं की राशि का हेर-फेर किया गया वे प्रमुख बुनियादी संरचना और आर्थिक तौर पर पिछड़ी श्रेणी से जुड़ी परियोजनाएं हैं. छापेमारी में आंध्र प्रदेश के एक नामी गिरामी व्यक्ति को 150 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करने के भी सबूत मिले हैं. बताया गया कि इस छापेमारी में 4.19 करोड़ रुपये की अघोषित नकदी और 3.20 करोड़ रुपये के आभूषण भी बरामद किए गए हैं. सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज  ने सोमवार को ही बताया कि चेन्नै बेस्ड एक एजुकेशनल इंस्टिट्यूट पर छापे के दौरान 350 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति का पता चला. छापे के दौरान 8 करोड़ रुपये मूल्य की जूलरी और कैश भी बरामद हुए. सीबीडीटी ने बताया कि यह छापे 7 नवंबर को डाले गए थे.

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