RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले, दुनिया में भारतीय मुसलमान सबसे अधिक संतुष्ट

भागवत ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि क्या दुनिया में कोई दूसरा उदाहरण है, जहां लोगों पर शासन करने वाले किसी विदेशी धर्म का अस्तित्व वर्तमान में बचा हुआ हो? उन्होंने कहा कि ऐसा कहीं नहीं है. ऐसा सिर्फ भारत में है. 

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Oct 10, 2020, 08:03 AM IST
    • मंदिर राष्ट्रीय मूल्यों और चरित्र का प्रतीक होता हैः RSS प्रमुख
    • संघ प्रमुख ने कहा कि हिंदू का इस बात से कोई लेना-देना नहीं है कि कौन किसकी पूजा करता है.

ट्रेंडिंग तस्वीरें

RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले, दुनिया में भारतीय मुसलमान सबसे अधिक संतुष्ट

नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने कहा कि भारतीय मुसलमान (Indian Muslims) दुनिया में सबसे ज्यादा संतुष्ट हैं. RSS प्रमुख ने एक पत्रिका को दिए गए साक्षात्कार में यह बात कही है. इसकी साथ उन्होंने यह भी कहा कि भागवत ने कहा कि किसी तरह की कट्टरता और अलगाववाद केवल वे ही लोग फैलाते हैं जिनके खुद के हित प्रभावित होते हैं. 

दुनिया में भारत जैसा कोई उदाहरण नहीं
भागवत ने कहा कि भारत की यह परंपरा रही है कि जब देश की संस्कृति पर हमला होता है, तो सभी धर्मों के लोग एकजुट हो जाते हैं. जब भारतीयता की बात आती है तो सभी धर्मों के लोग एक साथ खड़े होते हैं. 

भागवत ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि क्या दुनिया में कोई दूसरा उदाहरण है, जहां लोगों पर शासन करने वाले किसी विदेशी धर्म का अस्तित्व वर्तमान में बचा हुआ हो? उन्होंने कहा कि ऐसा कहीं नहीं है. ऐसा सिर्फ भारत में है. 

सभी धर्मों के लोगों ने की देश की रक्षा
मुगल शासक अकबर (Mughal King Akbar) के खिलाफ युद्ध में मेवाड़ के राजा महाराणा प्रताप (Rana Maharana Pratap) की सेना में बड़ी संख्या में मुस्लिम सैनिकों के होने का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि भारत के इतिहास में जब भी देश की संस्कृति पर हमला हुआ है

तो सभी धर्मों के लोग साथ मिलकर खड़े हुए हैं.  उन्होंने कहा कि भारत के विपरीत पाकिस्तान ने कभी दूसरे धर्मों के अनुयायियों को अधिकार नहीं दिये और इसे मुसलमानों के अलग देश की तरह बना दिया गया.

हमारा देश सबके लिए
हमारे संविधान में यह नहीं कहा गया कि यहां केवल हिंदू रह सकते हैं या यह कहा गया हो कि यहां केवल हिंदुओं की बात सुनी जाएगी, या अगर आपको यहां रहना है तो आपको हिंदुओं की प्रधानता स्वीकार करनी होगी. हमने उनके लिए जगह बनाई. यह हमारे राष्ट्र का स्वभाव है और यह अंतर्निहित स्वभाव ही हिंदू कहलाता है.'

कौन किसकी पूजा करे, इससे हिंदुओं का लेना-देना नहीं
संघ प्रमुख ने कहा कि हिंदू का इस बात से कोई लेना-देना नहीं है कि कौन किसकी पूजा करता है. धर्म जोड़ने वाला, उत्थान करने वाला और सभी को एक सूत्र में पिरोने वाला होना चाहिए.

भागवत ने कहा, ‘जब भी भारत और इसकी संस्कृति के लिए समर्पण जागृत होता है और पूर्वजों के प्रति गौरव की भावना पैदा होती है तो सभी धर्मों के बीच भेद समाप्त हो जाता है और सभी धर्मों के लोग एक साथ खड़े होते हैं.

हम इसलिए चाहते हैं मंदिर निर्माण
अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram Mandir) निर्माण को लेकर RSS प्रमुख ने कहा कि यह केवल परंपरागत उद्देश्यों के लिए नहीं है बल्कि मंदिर राष्ट्रीय मूल्यों और चरित्र का प्रतीक होता है. उन्होंने कहा, वास्तविकता यह है कि इस देश के लोगों के मनोबल और मूल्यों का दमन करने के लिए मंदिरों को ध्वस्त किया गया.

इस कारण से लंबे समय से हिंदू समाज मंदिरों का पुनर्निर्माण चाहता था. हमारे जीवन को त्रस्त किया गया और हमारे आदर्श श्रीराम के मंदिर को गिराकर हमें अपमानित किया गया. हम इसका पुनर्निर्माण करना चाहते हैं, इसका विस्तार करना चाहते हैं और इसलिए भव्य मंदिर बनाया जा रहा है.'

देश और दुनिया की हर एक खबर अलग नजरिए के साथ और लाइव टीवी होगा आपकी मुट्ठी में. डाउनलोड करिए ज़ी हिंदुस्तान ऐप. जो आपको हर हलचल से खबरदार रखेगा...

नीचे के लिंक्स पर क्लिक करके डाउनलोड करें-
Android Link -

ज़्यादा कहानियां

ट्रेंडिंग न्यूज़