close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

RSS स्थापना दिवस पर पाक को संघ प्रमुख की लताड़, कहा- 'संघ को बदनाम करने में उस्ताद हैं इमरान'

आज से 94 साल पहले जब देश में स्वतंत्रता आंदोलन अपने चरम पर तेजी से पहुंच रहा था. उसी समय देश में राष्ट्र प्रथम की अवधारणा के साथ एक संगठन का जन्म हुआ. उस संगठन का नाम था राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ... संघ की स्थापना वर्ष 1925 में 27 सितंबर को हुई थी. और इसके संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार थे. संघ के स्थापना के दिन विजयादशमी का त्योहार था. उसके बाद से हर वर्ष विजयाजशमी के दिन ही राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ का स्थापना दिवस मनाया जाता है.

RSS स्थापना दिवस पर पाक को संघ प्रमुख की लताड़, कहा- 'संघ को बदनाम करने में उस्ताद हैं इमरान'
फोटो साभार: ट्विटर

नई दिल्ली: विजयादशमी यानी बुराई पर अच्छाई की जीत का दिन... आज से ठीक 94 साल पहले इसी विजयादशमी के मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का स्थापना हुई थी. संघ का स्थापना दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया. नागपुर में हुए इस कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, जनरल वीके सिंह, महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस भी शरीक हुए. इस बार देश की आईटी कंपनी एचसीएल के संस्थापक एवं अध्यक्ष शिव नाडर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए. शिव नाडर का स्वागत संघ के पारंपरिक ढंग से किया गया. फिर संघ का ध्वजारोहण और उसके बाद बाद ध्वज प्रणाम किया गया.

शिव नादर और संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार और माधव सदाशिव गोलवलकर को श्रद्धांजलि दी. संघ प्रमुख मोहन भागवत ने इस मौके पर शस्त्र पूजन भी किया. उन्होंने फूल डालकर शस्त्रों की पूजा की. स्थापना दिवस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने नागपुर में पथ संचलन मार्च किया.

इसके साथ ही संघ स्वयंसेवकों ने फिर योग के तमाम आसन किए. और एकबार फिर हाथों में लाठियां लिए स्वयंसेवकों ने मार्च किया. स्थापना दिवस के दिन राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के सरसंघचालक का संबोधन होता है. जिस पर पूरे देश की निगाहें होती हैं.

दरअसल, इस उद्बोधन के जरिए अगले एक साल के लिए संघ प्रमुख देश के हालात पर अपनी राय व्यक्त करते हैं. इस बार भी संघ प्रमुख मोहन भागवत ने तमाम विषयों पर अपनी राय रखी. आरएसएस के स्थापना दिवस के मौके पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मोदी सरकार की तारीफ करते हुए उसे कड़े फैसले लेने वाली सरकार बताया.

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि 'साहसिक और कठोर निर्णय लेने की ताकत इस सरकार में है ये भी सिद्ध हुआ है, जब 370 को अप्रभावी बनाया गया. प्रजातांत्रिक प्रक्रिया से जैसा होना था वैसा हुआ. सारे देश की जनता की इच्छा तो बहुत दिनों से थी. जो सत्तारूढ़ दल है उनका विचार भी कुछ छिपा नहीं था. वो दल जिस दल से निकला जनसंघ उसका पहला आंदोलन इसी बात को लेकर था कि एक देश में दो विधान दो प्रधान दो निशान नहीं चलेंगे.'

संघ प्रमुख ने पाकिस्तान के पीएम इमरान खान पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि इमरान खान झूठ बोलने और मनगढ़ंत कहानियां गढ़ने और संघ को बदनाम करने में उस्ताद हैं. मोहन भागवत ने बोला, 'अपने दुष्कर्मों में सफल नहीं होते हैं तो संघ को रोको ये मंत्र तो अब इमरान खान भी सीख गए हैं. इसीलिए संघ के बारे में तरह तरह की गलतफहमियां फैलाकर और असत्य बातें बोलकर प्रमाणहीन बातें रखते हैं जबकि जानकारी कुछ रहती नहीं. संघ की स्थापना गुरुजी ने की. गुरुजी और सावरकर और हिटलर को आदर्श मानते हैं कुछ भी... इसका कोई प्रमाण नहीं है ऐसा क्यों है. हमने सोचा इसीलिए ऐसा है. हमको प्रमाण की जरूरत नहीं ये अहंकार है और कुटिल इच्छा भी.'

मोहन भागवत ने मॉब लिंचिंग पर कहा कि इसके पीछे कुछ स्वार्थी लोग हैं जो इक्का दुक्का घटनाओं को बढ़ा चढ़ाकर पेश करते हैं. और दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ाने की कोशिश करते हैं.

इसके अलावा जम्मू कश्मीर के सांबा में भी संघ का स्थापना दिवस पूरे जोश के साथ मनाया गया. शस्त्र पूजन किया गया और इस मौके पर संघ स्वयंसेवकों ने शहर में पथ संचलन किया. बैंड की धुन पर सैकड़ों स्वयंसेवक कदमताल करते निकले. जम्मू कश्मीर से 370 हटाने का संघ स्वयंसेवकों ने स्वागत किया और कहा कि इससे राज्य को बहुत फायदा होगा.

वैसे तो संघ की तरफ से साल में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. लेकिन विजयादशमी के दिन होने वाला कार्यक्रम अहम होता है. पिछले साल इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी थे.