कहां है इनका मानवाधिकार? ममता के गढ़ में परिवार सहित आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में आरएसएस कार्यकर्ता और उसके परिवार को बड़ी ही बेरहमी से हत्या कर मौत के घाट उतार दिया गया. वारदात के बाद बंगाल के सियासत में उबाल तेज हो गया है.

कहां है इनका मानवाधिकार? ममता के गढ़ में परिवार सहित आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या
फोटो साभार: ट्विटर

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में एक बार फिर आरएसएस कार्यकर्ता और उसके परिवार को निशाना बनाया गया. बुंध प्रकाश पाल और उसके परिवार की बर्बरता से हत्या कर दी गई. विजयादशमी के दिन पुलिस को बंधु प्रकाश पाल, उनकी गर्भवती पत्नी और 6 साल के  बच्चे का शव मिला. 

मिली जानकारी के मुताबिक सभी की धारदार हथियारों से बेरहमी से हत्या कर दी गई. इस हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में दहशत और गुस्सा है. पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है.

मुर्शिदाबाद के एडिशनल एसपी तन्मय सरकार ने वारदात की जानकारी देते हुए कहा कि 'मामले की जांच की जा रही है. जांच अभी शुरुआती दौर में है. इसलिए हम अभी ज्यादा कुछ बोलने की स्थिति में नहीं हैं. हमें ये भी लगता है कि इससे कहीं हत्यारे चौंकन्ने न हो जाएं. अबतक की जांच में ये पाया गया कि ये साजिशन की गई हत्या थी.'

हत्याकांड ने लिया सियासी रंग

बंधु प्रकाश पाल की पत्नी ब्यूटी पाल का शव बिस्तर पर मिला. ब्यूटी पाल 8 महीने की गर्भवती थी. हत्यारों ने बंधु प्रकाश के 6 साल के बेटे आनंदपाल को भी नहीं बख्शा. घटनास्थल पर मासूम आनंदपाल का शव जमीन पर पड़ा मिला. जबकि बंधु प्रकाश पाल का शव दूसरे कमरे में मिला. इस हत्याकांड ने सियासी रंग ले लिया है.

भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने ममता सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि 'जिन परिवार की हत्या हुई वो आरएसएस के कार्यकर्ता थे. पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है. पश्चिम बंगाल में जंगल राज है.'

वहीं जेडीयू नेता के सी त्यागी ने कहा, 'प्रदेश के मुखिया का पहला कार्य है कि अपने नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करें. मुझे अफसोस है कि पश्चिम बंगाल में दोनों चीजों का अभाव है. ममता बनर्जी को राजनीति छोड़ देनी चाहिए.'

इसके अलावा भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस हत्याकांड के जरिये अवार्ड वापसी गैंग पर हमला बोला. संबित पात्रा ने हत्याकांड का वीडियो जारी करते हुए ट्वीट किया-

पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव के बाद से अबतक आरएसएस के कई कार्यकर्ता सियासत की बलि चढ़ चुके हैं. बंगाल में पिछले कुछ सालों में संघ का विस्तार हुआ है. ऐसे में विरोधियों के निशाने  लगातार संघ के कार्यकर्ता आ रहे हैं. पेशे से स्कूल शिक्षक बंधु प्रकाश पाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य थे. जिस इलाके में ये वारदात हुई, वहां हिंदुओं की संख्या काफी कम है. बंधु प्रकाश पाल के रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने सीबीआई जांच की मांग की है.