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फरीदुद्दीन और अशफाक ने की कमलेश तिवारी की हत्या, 24 घंटे में सुलझा मामला

गुजरात एटीएस ने उत्तर प्रदेश के चर्चित कमलेश तिवारी हत्याकांड की परतें सुलझा लेने का दावा किया है. यूपी पुलिस के डीजीपी ने इस मामले में प्रेस कांफ्रेन्स करके जानकारियां साझा की है. यूपी की राजधानी लखनऊ में हुई इस हत्या का कनेक्शन गुजरात के सूरत से जुड़ा हुआ है.   

फरीदुद्दीन और अशफाक ने की कमलेश तिवारी की हत्या, 24 घंटे में सुलझा मामला
यूपी के डीजीपी ने कमलेश तिवारी हत्याकांड से पर्दा उठाया

लखनऊ: हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या के 24 घंटे के अंदर पुलिस ने मामला सुलझा लेने का दावा किया है. यूपी पुलिस और गुजरात एटीएस के संयुक्त प्रयासों से इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया. 

दुबई में बैठकर रची साजिश 
पुलिस को अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक कमलेश तिवारी की हत्या की साजिश दुबई में बैठकर रशीद पठान ने रची थी. उसने इस काम की जिम्मेदारी फरीदुद्दीन और अशफाक नाम के दो लोगों को सौंपी. जिन्होंने लखनऊ आकर कमलेश तिवारी की हत्या कर दी. 

इस तरह खुली साजिश की परतें
संदिग्ध हत्यारे जिस मिठाई के डिब्बे में हथियार लेकर आए थे. वह गुजरात के सूरत की एक दुकान से खरीदा गया था. जिसके बाद गुजरात एटीएस ने इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालनी शुरु कर दी. जिसके आधार पर छह संदिग्धों को हिरासत में लिया गया. बाद में इसमे से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया. इनके नाम रशीद, मोहसिन और फैजान थे. जिन्होंने पुलिस की पूछताछ में पूरे मामले का खुलासा कर दिया. 

तीन लोगों ने रची साजिश, दो लोगों ने दिया अंजाम

कमलेश तिवारी की हत्या की साजिश तीन लोगों ने रची थी. जिसमें से प्रमुख आरोपी का नाम रशीद अहमद है जो कि कंप्यूटर विशेषज्ञ है और पेशे से दर्जी है. जबकि दूसरे का नाम मोहसिन शेख है जो साड़ी की दुकान में काम करता है. तीसरे शख्स का नाम फैजान है जो कि जूते की दुकान में नौकरी करता है. इन लोगों ने कमलेश तिवारी की हत्या की जिम्मेदारी फरीदुद्दीन और अशफाक नाम के दो शूटरों को सौंपी. जिन्होंने सूरत की मशहूर दुकान घारी से मिठाई के खरीदी और फिर उसमें पिस्तौल और चाकू रखकर लखनऊ पहुंचे और कमलेश तिवारी की हत्या कर दी. लेकिन इन दोनों की तस्वीरें दुकान के सीसीटीवी कैमरे में आ गईं. जिसके बाद इस हत्याकांड की सारी परतें खुल गईं.