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वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की यह मांग सुनकर भाजपा हो जाएगी खुश

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने एक चिट्ठी बम फेंका है. इस खत में उन्होंने एक खास मांग की है. लेकिन उनकी यह मांग भाजपा को खुश करने वाली है. आईए बताते हैं कैसे-

वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की यह मांग सुनकर भाजपा हो जाएगी खुश
सलमान खुर्शीद ने की गांधी परिवार की चापलूसी

नई दिल्ली: वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने गांधी परिवार के लिए चापलूसी की हदें एक बार फिर से पार कर दी हैं. उन्होंने एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें वह अपनी ही पार्टी के नेताओं पर भड़ास निकालते हुए दिख रहे हैं. 

फेसबुक पर लिखी खुर्शीद ने पोस्ट 
सलमान खुर्शीद ने फेसबुक पर पोस्ट लिखी है कि ‘‘मैं काफी हैरान हूं कि मुझे ऐसे लोग ज्ञान दे रहे हैं, जो विश्वसनीयता और सियासी रणनीति के बारे में कुछ नहीं जानते। मैं उन्हें बता देना चाहता हूं कि विश्वास और निष्ठा मेरी निजी पसंद है। यह समय काल्पनिक भय और मतभेदों से निकलकर आगे बढ़ने का है।’’
खुर्शीद ने आगे लिखा है कि ‘‘मैं गांधी परिवार का समर्थन करता हूं, क्योंकि निजी कृतज्ञता और भारतीय लोकतंत्र के बारे में मेरी निजी समझ ऐसा करने को कहती है। कठिन समय में रणनीतिक चुप्पी समझदारी है, लेकिन साझा भविष्य के लिए भी बोलना भी उतना ही जरूरी है। पानी के ऊपर केवल मरी हुई मछलियां ही तैरती हैं। कांग्रेस भाजपा की तरह नहीं है और उसे होना भी नहीं चाहिए।’’ खुर्शीद ने मांग की है कि राहुल गांधी को कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष पद फिर से संभाल लेना चाहिए. 

कांग्रेस ने खारिज की खुर्शीद की मांग
लेकिन कांग्रेस पार्टी खुर्शीद की मांग से इत्तेफाक रखती हुई नजर नहीं आती. पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने साफ तौर पर कहा है कि उन्हें इस तरह की टिप्पणियां करने से बचना चाहिए. इसकी बजाए उन्हें भाजपा सरकार की गुंडागर्दी को उजागर करने का काम करना चाहिए. 

खुर्शीद की मांग भाजपा के हित में 
सलमान खुर्शीद ने राहुल गांधी को फिर से कांग्रेस की कमान सौंपने की मांग की है. यह ऐसी मांग है जो कांग्रेस से ज्यादा भाजपा को खुश करने वाली है. क्योंकि दुनिया जानती है कि राहुल गांधी अपनी पार्टी कांग्रेस से ज्यादा भाजपा के लिए फायदेमंद साबित होते हैं. राहुल गांधी ने साल 2013 में कांग्रेस उपाध्यक्ष बनकर पार्टी की कमान अपने हाथों में संभाली थी. लेकिन तब से कांग्रेस पार्टी लगातार पतन के रास्ते पर जाती हुई दिखी. इसके बाद दिसंबर 2017 में राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनाया गया. जिसके बाद से सत्ता लगातार कांग्रेस पार्टी के हाथों से फिसलती हुई दिखी. 

राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस ने हारे 24 चुनाव 
कांग्रेस उपाध्यक्ष और अध्यक्ष रहते हुए राहुल गांधी ने पार्टी के लिए जो नीतियां तय कीं, उनसे पार्टी का बंटाधार हो गया. यही नहीं कांग्रेस पांच सालों के दौरान 24 चुनाव हारकर हाशिए पर पहुंच गई. 
26 दिसंबर 2017 को अध्यक्ष बनने के बाद से राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने गुजरात, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, सिक्किम, नगालैण्ड का चुनाव हारा. बिहार और कर्नाटक में गठबंधन सरकार बनाने के बावजूद सत्ता से बाहर हो गई. मध्य प्रदेश और राजस्थान में सरकार तो बना ली, लेकिन बहुत मामूली बहुमत से जो कि कभी भी धराशायी हो सकता है. सिर्फ छत्तीसगढ़ और पंजाब में कांग्रेस पार्टी मजबूत सरकार का दावा कर सकती है. लेकिन इसमें वहां के स्थानीय नेताओं भूपेश बघेल और कैप्टन अमरिंदर सिंह का निजी करिश्मा ज्यादा है. 
वहीं लोकसभा में पिछली बार कांग्रेस पार्टी के पास 44 सीटें थीं और अब मात्र 52 सीटें ही हैं. 

राहुल का अध्यक्ष बनना भाजपा के लिए फायदेमंद
राहुल गांधी का यह ट्रैक रिकॉर्ड देखते हुए उनका पार्टी अध्यक्ष बनना कांग्रेस से ज्यादा भाजपा के हित में है. क्योंकि अपने कार्यकाल में राहुल गांधी जिस तरह से पार्टी को चलाया और राफेल जैसे मुद्दे पर प्रधानमंत्री पर तथ्यहीन आरोप लगाए, उनसे कांग्रेस की छवि खराब हुई और जनता के  बीच कांग्रेस की छवि अनुभवहीन और दिशाहीन पार्टी की बन गई. जिसका सीधा फायदा भारतीय जनता पार्टी को मिला, जिसके पास नरेन्द्र मोदी जैसा मजबूत नेतृत्व मौजूद था. 

इसीलिए अगर सलमान खुर्शीद ने राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की मांग की है, तो वह कांग्रेस से ज्यादा भाजपा के हित में है.