close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

क्या भाजपा में सिंधिया का आना महज औपचारिकता रह गई है?

मध्य प्रदेश के बड़े कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया अपनी पार्टी से नाराज चल रहे हैं. ऐसे में उनके समर्थक भी कांग्रेस से निराश दिख रहे हैं. आज एमपी के भिंड में सिंधिया के समर्थकों ने एक ऐसा पोस्टर लगाया जिसे देखकर कोई शुबहा नहीं रह जाता है कि सिंधिया भाजपा के नजदीक जा रहे हैं.   

 क्या भाजपा में सिंधिया का आना महज औपचारिकता रह गई है?
भाजपा के नजदीक आ रहे हैं ज्योतिरादित्य सिधिया

भोपाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की तस्वीरों के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का पोस्टर भिंड में लगाया गया है. यह पोस्टर ऐसे समय लगाया गया है, जब ज्योतिरादित्य सिंधिया राज्य की कमलनाथ सरकार को किसान कर्जमाफी पर और कांग्रेस पार्टी को आत्मचिंतन की बात कहकर पार्टी को मुसीबत में डाल चुके हैं. 

पोस्टर के गहरे निहितार्थ हैं
यह भले ही एक पोस्टर हो, लेकिन इसके गहरे निहितार्थ हैं. दरअसल ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस नेतृत्व को राज्य की राजनीति में अपनी मजबूती का अहसास कराना चाहते हैं. यह बात कांग्रेस नेतृत्व भी जानता है, लेकिन राज्य में मुख्यमंत्री कमलनाथ और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के चलते उनकी एक नहीं चल पा रही है. इससे पहले भी कई बार इस बात की चर्चा जोरों पर थी कि सिंधिया भाजपा में शामिल हो सकते हैं या भाजपा का समर्थन लेकर  राज्य में विधायकों के अपने गुट के बल पर सरकार गिरा सकते हैं.   

सरकार ने कर्ज माफ नहीं किया
इससे पहले सिंधिया ने अपनी ही पार्टी कांग्रेस की कमलनाथ सरकार पर आरोप लगाया था कि उसने किसानों का कर्ज माफ नहीं किया। सिंधिया ने कहा था कि सरकार को 2 लाख रुपये से ज्यादा का कर्ज लेने वाले किसानों का कर्ज माफ करना चाहिए.

पार्टी को दे चुके हैं नसीहत
सिंधिया केवल कमलनाथ सरकार को ही मुसीबत में नहीं डाल रहे हैं, बल्कि वह पार्टी नेतृत्व को भी परेशानी में डाल रहे हैं. एक कार्यक्रम में उन्होंने पार्टी आत्मचिंतन करने की बात कह दी थी. उनका कहना था कि पार्टी की आज जो स्थिति है, उसकी समीक्षा होनी चाहिए. 

पहले भी पोस्टरों में सिंधिया का कांग्रेस आलाकमान विरोध दिखा
इसके पहले भी मध्य प्रदेश में जो पोस्टरबाजी हुई है, उसमें सिंधिया का समर्थन और कांग्रेस आलाकमान की मुखालफत साफ देखी जा सकती थी. सिंधिया के समर्थकों ने उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाने के लिए जबरदस्त कैंपेन चलाया था. लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने सिंधिया और उनके समर्थकों की मांग को खारिज कर दिया था.