भगवान राम का नाम लेकर ऐसी बात करते वक्त क्या मुनव्वर राना को शर्म नहीं आई?

देश के जाने माने शायर मुनव्वर राना का विवादित बयान सामने आया है. मुनव्वर राना ने फ्रांस के हमले को सही ठहराया है और कहा, मैं भी होता तो वही करता..

भगवान राम का नाम लेकर ऐसी बात करते वक्त क्या मुनव्वर राना को शर्म नहीं आई?

नई दिल्ली: अपनी करतूतों से अक्सर विवादों से नाता रखने वाले मशहूर शायर मुनव्वर राना ने एक बार फिर ऐसी बयानबाजी की है, जिससे उनकी कट्टरता सामने आ गई. मशहूर शायर मुनव्वर राना ने सिर्फ विवादित बयान ही नहीं दिया बल्कि लोगों को हिंसक बनाने की करतूत को अंजाम दिया है.

फ्रांस की घटना पर बोले शायर मुनव्वर राना

फ्रांस की घटना पर शायर मुनव्वर राना ने आतंकी की वकालत की है. उन्होंने अपने दर्द का बखान करने के लिए एक नया पैंतरा चुना और उन्होंने कत्ल की वारदात को पूरी तरह से जायज ठहरा दिया. इससे ये समझ आता है कि उनके दिमाग में कितना ज़हर भरा हुआ है.

मुनव्वर राना का कहना है कि "मोहम्मद साहब का कार्टून बना कर उसे कत्ल के लिए मजबूर किया गया मैं भी होता तो वही करता, आप विवाद को जन्म देकर लोगों को उकसा रहे है."

राम का नाम लेकर बयान बदलने की कोशिश

मुनव्वर राना ने अपनी ज़हरीली नीयत को छिपाने के लिए भगवान कोई राम का भी सहारा ले लिया. मुनव्वर राना ने कहा कि "अगर भगवान राम का विवादित कार्टून बनाएगा मैं उसका कत्ल कर दूंगा." लेकिन यहां ये समझना जरूरी है कि पहले तो मुनव्वर राना जैसे लोग ये हवाला देते हैं कि आतंक का कोई मजहब नहीं होगा, लेकिन ये समझ नहीं आता है कि हर आतंकी के जुबान पर "अल्लाह हू अकबर" का ही नारा क्यों रहता है. और इन आतंकियों की वकालत करने के लिए ज़हरीले मुनव्वर ने भगवान राम का सहारा ले लिया. इनकी बेशर्मी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ये हत्या करने के लिए भी तैयार हैं.

फिर क्यों कहते हैं कि आतंक का मजहब नहीं होता?

मुनव्वर राना की गंदी करतूतों का हिसाब बड़ा लंबा है, CAA की आड़ में इसी राना और उनकी बेटियों ने आग भड़काई थी और अब इस मुनव्वर राना की तुकबंदी बेनकाब हो गई कि ये कितने बड़े कट्टरपंथी हैं. ऐसे लोग समाज के लिए सिर्फ और सिर्फ खतरनाक साबित हो सकते हैं. मुनव्वर राना ने फ्रांस में हमले को जायज़ ठहराते हुए आतंकी के मजहब का जिक्र कर ही दिया और ये भी कहा कि मैं होता तो मैं भी यही करता. और ऐसे तुच्छ लोग बोलते हैं कि आतंक का कोई मजहब नहीं होता. तो फिर मुनव्वर राना को इस बात का जवाब देना चाहिए कि फ्रांस के NICE City में जिन आतंकियों ने चाकू से हत्याएं कर दी उनकी जुबान पर "अल्लाह हू अकबर" क्यों था? मुनव्वर राना को ये समझ लेना चाहिए कि 'जय श्रीराम' के नारे लगाकर बेगुनाहों की हत्या करना भी कभी सही नहीं हो सकता है.

यही वजह है कि मुनव्वर राना के विवादित बयान को  कांग्रेस और भाजपा ने गलत ठहराया है. कांग्रेस प्रवक्ता बिजेंद्र कुमार सिंह ने कहा भारत सभी धर्मों का देश है, जहां ऐसे बयान का कोई मतलब नही ये राना का निजी बयान हो सकता है. वहीं भाजपा प्रवक्ता हीरो बाजपेयी ने कहा यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार है जहां इस तरह के बयान देने वालो पर कड़ी कार्रवाई होती हैं.

मुनव्वर राना का ये बयान जनभावना को उकसाने वाला बयान है. उनकी ऐसी हरकतों से देश और दुनियाभर में आतंक को बढ़ावा मिलेगा. ऐसे में मुनव्वर राना की बातें पूरी तरह से घिनौनी और बेतुकी हैं.

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