स्मृति ईरानी ने गिनाई 'मिशन शक्ति' की खूबियां, ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना लक्ष्य

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को कहा है कि ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने के लिये ‘मिशन शक्ति’ शुरू किया गया है. साथ ही उन्होंने इसकी भी जानकारी दी कि पीएम केयर्स से मदद के लिए 292 बच्चों का पंजीकरण हुआ.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Jul 30, 2021, 09:09 PM IST
  • ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने की कवायद
  • सुरक्षा के लिये ‘मिशन शक्ति’ कार्यक्रम शुरू
स्मृति ईरानी ने गिनाई 'मिशन शक्ति' की खूबियां, ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना लक्ष्य

नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार ने बताया कि सामुदायिक सहभागिता के जरिये ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने एवं उनकी सुरक्षा के लिये ‘मिशन शक्ति’ कार्यक्रम शुरू किया गया है और इसके तहत हर जिला प्रशासन को संसाधन उपलब्ध कराये जा रहे हैं.

स्मृति ईरानी ने गिनाई सरकार की उपलब्धियां

लोकसभा में नवनीत राणा एवं जगदम्बिका पाल के पूरक प्रश्नों के उत्तर में महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने यह बात कही. उन्होंने कहा, ‘महिलाओं का सशक्तीकरण मोदी सरकार का सामूहिक दायित्व है. इसमें सरकार का हर विभाग और प्रत्येक मंत्रालय अपनी भूमिका निभा रहे हैं.’

स्मृति ईरानी ने कहा कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में भारत सरकार के प्रयासों का ही नतीजा है कि 22.80 करोड़ महिलाओं का जनधन खाता खुला, स्टैंड अप योजना के तहत 81 प्रतिशत लोन महिलाओं को मिले, साथ ही 17.60 करोड़ महिलाओं को मुद्रा योजना के तहत लोन मिले.

महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए 'मिशन शक्ति'

उन्होंने बताया कि सामुदायिक सहभागिता के जरिये ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने एवं उनकी सुरक्षा के लिये ‘मिशन शक्ति’ कार्यक्रम शुरू किया गया है और इसके तहत हर जिला प्रशासन को संसाधन उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके अलावा स्मृति ईरानी ने पीएम केयर्स से जुड़ी जानकारी भी साझा की.

पीएम केयर्स से मदद के लिए बच्चों का पंजीकरण

सरकार ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी में माता-पिता को खोने वाले बच्चों की मदद के लिए पीएम केयर्स के तहत बने पोर्टल पर 292 बच्चों का अब तक पंजीकरण हुआ है. केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि गत 22 जुलाई को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देशित किया गया था कि वे पीएम केयर्स के तहत सहयोग के लिए पात्र बच्चों की पहचान करें और पोर्टल पर उनका पंजीकरण करें. मंत्री ने बताया कि 29 जुलाई तक इस पोर्टल पर 292 बच्चों का पंजीकरण हुआ था.

ईरानी ने कहा कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की ओर से दी गई सूचना के अनुसार, इस साल अप्रैल महीने से 28 मई के बीच 645 बच्चों ने कोरोना महामारी के कारण अपने माता-पिता को खो दिया. पीएम केयर्स के तहत शुरू की गई योजना में इसका प्रावधान किया गया है कि ऐसे बच्चों को 18 साल की उम्र होने पर संचित निधि के रूप में 10-10 लाख रुपये की मदद मिलेगी. यह राशि उनके स्वास्थ्य और शिक्षा पर खर्च होगी.

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