मस्जिद के लिये सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने कबूल कर ली 5 एकड़ जमीन

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन देने का फसला सुनाया था जिसे पहले तो वक्फ बोर्ड ने लेने से मना कर दिया था लेकिन अब उसने जमीन स्वीकार कर ली है.

मस्जिद के लिये सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने कबूल कर ली 5 एकड़ जमीन

दिल्ली: उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने अयोध्या में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सरकार की ओर से मिली पांच एकड़ जमीन स्वीकार कर ली है. सरकार ने वक्फ बोर्ड को अयोध्या के सोहावल तहसील के धन्नीपुर गांव में 5 एकड़ जमीन दी है. आपको बता दें कि देश की सर्वोच्च अदालत ने अयोध्या मामले में पूरी विवादित जमीन हिंदू पक्ष को दे दिया था और सरकार को मस्जिद के लिये मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ जमीन देने का निर्देश दिया था.

सुन्नी वक्फ बोर्ड की बैठक 24 फरवरी को संभव

सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के सूत्रों की माने तो 24 फरवरी यानि सोमवार को एक बैठक बुलाई गई है. जिसमें तय किया जाएगा कि जमीन पर क्या बनना है. बताया जा रहा है कि 5 एकड़ भूमि पर निर्माण को लेकर सदस्यों की अलग-अलग राय है. कुछ स्कूल बनना चाहते है, तो कुछ जमीन पर हॉस्पिटल बनाने की मांग कर रहे हैं.

मस्जिद के लिये ट्रस्ट बनाने पर विचार कर रहा बोर्ड

नाम न लिखे जाने की शर्त पर सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि बैठक में एक ट्रस्ट की घोषणा भी की जा सकती है. जिसका नाम इंडो इस्लामिक कल्चर फाउंडेशन हो सकता है. बताया जा रहा है कि ट्रस्ट में 7 से ज्यादा सदस्य नहीं होंगे. ट्रस्ट में मस्जिद मामले में मध्यस्थता करने वाले लोगों के अलावा सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्य शामिल होंगे.

शांति से बने राम मंदिर- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवगठित श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों से कहा कि मंदिर का निर्माण शांति एवं सौहार्द के माहौल में होना चाहिए. किसी भी तरह की कड़वाहट पैदा नहीं होनी चाहिए. बता दें कि महंत नृत्य गोपाल दास की अगुवाई में ट्रस्ट के चार सदस्यों ने 20 फरवरी को प्रधानमंत्री से उनके आवास पर मुलाकात की थी और उन्हें भूमि पूजन के लिए अयोध्या आने का निमंत्रण दिया था.

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