चिदंबरम को मिली अदालत से जमानत, लेकिन कुछ शर्तों के साथ

पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट से ईडी वाले मामले में राहत मिली है. कोर्ट ने उनकी जमानत की अर्जी पर मंजूरी दे दी है. लेकिन उन्हें जमानत कुछ शर्तों पर दी गई है. प्रवर्तन निदेशालय फिलहाल मामले से जुड़े सबूतों को इकठ्ठा करने में लगी हुई है. 

चिदंबरम को मिली अदालत से जमानत, लेकिन कुछ शर्तों के साथ

नई दिल्ली:  आईएनएक्स मीडिया केस मामले में पूर्व वित्तमंत्री पी चिंदबरम की बेल याचिका पर आज सुनवाई थी. अदालत ने चिदंबरम को बेल के लिए 2 लाख रुपए के बॉन्ड प्रस्तुत करने को कहा है. मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अभियुक्त चिदंबरम को 2 जमानती रकम भी चुकाने होंगे. अदालत ने यह भी कहा कि इस दौरान चिदंबरम देश छोड़कर कहीं भी नहीं जा सकते. उन्हें हर हाल में अदालत की अनुमति लेनी ही होगी. 

अदालत ने जमानत तो दी लेकिन कुछ शर्तों के साथ

बेल की अर्जी पर सुनवाई के बाद फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम किसी भी तरह से सबूतों से छेड़छाड़ न करें तो बेहतर होगा. किसी भी गवाह को प्रभावित न करने के आदेश भी दिए हैं. चिदंबरम को किसी भी तरह के मीडिया कार्यक्रम और बातचीत से भी दूरी बना कर रहने का आदेश मिला है. अदालत ने कहा कि चिदंबरम कोई प्रेस इंटरव्यू नहीं करेंगे और ना ही आईएनएक्स मीडिया केस से जुड़े मामले में किसी भी तरह का पब्लिक स्टेटमेंट देंगे. इसे एक तरह से सफाई भी कहा जा सकता है. 

चिदंबरम के पक्षकार कपिल सिब्बल ने पेश की थी याचिका

इससे पहले चिदंबरम और कार्ति पर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी ने जो केस दाखिल किया था, उसकी सुनवाई के दौरान ही जमानत की मांग की गई थी. खराब स्वास्थ्य के चलते बेल की अर्जी डाली गई थी. चिदंबरम के पक्षकार कपिल सिब्बल ने उनकी ओर से इस केस में सुनवाई के सभी मापदंड और कार्रवाई संभाला. सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले कार्ति चिदंबरम और कपिल सिब्बल ने सीनियर चिदंबरम को बेल दिलाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया और तमाम दावे पेश किए. 

पीएमएलए के कानून के तहत नपे हैं चिदंबरम पिता-पुत्र

मालूम हो कि पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया केस में गलत तरीके से विदेशी निवेश को मंजूरी देने का मामला चल रहा है. इसमें उन्हें सजा भी मिली है. इसके अलावा उन पर गलत तरीके से पैसे बनाने के एवज में पीएमएलए के कानून के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी दर्ज है. यह मामला ईडी ने दर्ज किया है और वहीं इसकी जांच भी कर रही है. वहीं इंद्राणी मुखर्जी और पीटर मुकरेजा की मालिकाना हक से संबंधित आईएनएक्स मीडिया के मामले में सीबीआई ने उन्हें दोषी पाया है और अदालत में तथ्य भी पेश किए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की ओर से जांच के बाद पेश किए गए सबूतों के हवाले उन्हें पूरी जांच के दौरान कस्टडी में रखने का आदेश दिया था. 

वित्तमंत्री रहते हुए पी चिदंबरम ने जितने भी घपले किए या करवाए, उस मामले में वे फिलहाल पूरी तरह नपते नजर आ रहे हैं. फिलहाल तो सीबीआई और अब प्रवर्तन निदेशालय के मामले में उनकी जमानत की अर्जी को मंजूर कर दिया है.