• पूरी दुनिया में कोरोना से 1201964 लोग प्रभावित, अब तक 64727 लोगों की मौत हुई,246638 लोग रोगमुक्त हुए
  • भारत में कोरोना मरीजों की कुल संख्या 3530, इसमें से 89 लोगों की मौत हुई, 213 इलाज के बाद ठीक हुए
  • महाराष्ट्र में कोरोना के सबसे ज्यादा 490 मरीज, 24 लोगों की मौत हुई, 42 लोग ठीक हुए
  • तमिलनाडु में कोरोना से 411 लोग प्रभावित, 2 की मौत, 6 लोग ठीक हुए
  • केरल में अब तक 295 लोगों को हुआ कोरोना, 2 की मौत हो चुकी है, 41 इलाज के बाद ठीक हुए
  • दिल्ली में कोरोना के 445 मरीज, 6 की मौत, 15 लोग ठीक हुए, मध्य प्रदेश में कोरोना से 155 लोग संक्रमित, 9 लोगों की मौत
  • यूपी में कोरोना के 174 मरीज, 19 लोग ठीक हुए, 2 लोगों की मौत
  • राजस्थान में कोरोना के 200 मरीज, 21 लोग इलाज के बाद ठीक हुए, अभी तक एक भी मौत नहीं
  • तेलंगाना में कोरोना के 158 मरीज, 7 लोगों की मौत, मात्र 1 ही इलाज के बाद ठीक हुआ
  • कर्नाटक में कोरोना के 128 मरीज और आंध्र प्रदेश में 161 लोगों में कोरोना वायरस का असर

CAA का विरोध करने वाला पांचवां राज्य बना तेलंगाना

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जारी किए गए एक बयान में कहा गया, 'राज्य मंत्रिमंडल केंद्र सरकार से अपील करता है कि वह पड़ोसी देशों के नागिरकों को नागरिकता देने के लिए धर्म के आधार पर भेदभाव न करे. इसके साथ ही यह भी अपील की गई है कि अगर नागरिकता देनी है तो उसमें सभी धर्मों के लोगों को शामिल किया जाए.

CAA का विरोध करने वाला पांचवां राज्य बना तेलंगाना

हैदराबादः केरल, पंजाब, राजस्थान और पश्चिम बंगाल की राह पर चलते हुए तेलंगाना सरकार ने भी संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ विधानसभा में एक प्रस्ताव पास करने का निर्णय लिया है. सरकार ने मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद यह निर्णय लिया. राव ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह इस कानून को वापस ले ताकि लोगों के साथ धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं हो. इसके प्रस्ताव के पास होते ही तेलंगाना भी CAA विरोधी प्रस्ताव पास करने वाले राज्यों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा. 

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संविधान में परिकल्पित धर्मनिरपेक्षता को खतरा बताया
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जारी किए गए एक बयान में कहा गया, 'राज्य मंत्रिमंडल केंद्र सरकार से अपील करता है कि वह पड़ोसी देशों के नागिरकों को नागरिकता देने के लिए धर्म के आधार पर भेदभाव न करे. इसके साथ ही यह भी अपील की गई है कि अगर नागरिकता देनी है तो उसमें सभी धर्मों के लोगों को शामिल किया जाए.

एक अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री राव की अध्यक्षता वाली कैबिनेट को लगता है कि केंद्र सरकार की ओर से लाया गया नागरिकता संबंधी यह कानून धर्म के आधार पर भेदभाव करता है, जिससे यह संविधान में परिकल्पित धर्मनिरपेक्षता को खतरे में डाल देगा. 

क्षेत्रीय दलों के प्रमुखों और मुख्यमंत्रियों की बैठक बुला सकते हैं
बयान में कहा गया, 'कैबिनेट ने केंद्र सरकार से नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 को रद्द करने का अनुरोध किया है. इस कानून से दूसरे लोगों को नागरिकता देते समय धर्म के आधार पर भेदभाव होगा, जिससे संविधान में परिकल्पित धर्मनिरपेक्षता खतरे में पड़ जाएगी.'

इसके साथ ही राज्य मंत्रिमंडल ने केरल, पंजाब, राजस्थान और पश्चिम बंगाल द्वारा पारित प्रस्ताव की तर्ज पर राज्य विधानसभा में CAA विरोधी प्रस्ताव पारित करने का फैसला किया है. इससे पहले मुख्यमंत्री राव ने CAA का विरोध करते हुए कहा था कि वह इसके खिलाफ क्षेत्रीय दलों के प्रमुखों और मुख्यमंत्रियों की बैठक बुला सकते हैं.

पांचवा राज्य बनेगा तेलंगाना
संशोधित नागरिकता कानून के पास होने के बाद से जनवरी से अब तक चार राज्य CAA के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर चुके हैं. इनमें केरल, पंजाब, राजस्थान और पश्चिम बंगाल शामिल हैं. CAA को रद्द करने की मांग करने वाला पहला राज्य केरल था. केरल विधानसभा दिसंबर के अंत में एक प्रस्ताव पारित कर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को रद्द करने की मांग की गई थी. केरल के बाद अन्य तीन राज्यों ने CAA के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया.

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