ऑड-ईवन से नहीं होगा बड़ा लाभः टेरी का दावा

आईआईटी कानपुर की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल और डीजल से चल रही प्राइवेट गाड़ियों से 2 पर्सेंट प्रदूषण होता है. टेरी का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर को ऑड-इवन फार्मूले से कोई बहुत बड़े सुखद परिणाम नहीं मिलेंगे. इसका असर एक प्रतिशत से भी कम होने की उम्मीद है. 

ऑड-ईवन से नहीं होगा बड़ा लाभः टेरी का दावा

नई दिल्लीः टेरी का कहना है कि ऑड-ईवन के लागू सिस्टम से प्रदूषण के हालात सामान्य करने कोई बहुत अधिक लाभ नहीं होगा. द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टिट्यूट (टेरी) ने इसके लिए आईआईटी कानपुर की उस रिपोर्ट का हवाला दिया है, जिसमें कहा गया है कि प्रदूषण में निजी गाड़ियों की हिस्सेदारी महज दो प्रतिशत है. दिल्ली में इस वक्त प्रदूषण की भयावह स्थिति को देखते हुए हेल्थ इमरजेंसी घोषित की गई है, साथ ही लोगों को सचेत रहने के लिए एडवाइजरी जारी की गई है. 

टेरी का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर को ऑड-इवन फार्मूले से कोई बहुत बड़े सुखद परिणाम नहीं मिलेंगे. इसका असर एक प्रतिशत से भी कम होने की उम्मीद है. हालांकि यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो का दावा है कि इस योजना का असर 13 प्रतिशत तक हो सकता है. इसी पर सवाल उठाते हुए टेरी ने कहा कि अगर प्राइवेट गाड़ियों की हिस्सेदारी महज 2 पर्सेंट है तो ऑड-ईवन का असर 13 पर्सेंट तक कैसे हो सकता है.

दिल्ली में पीएम 2.5 की मात्रा अधिक
टेरी के अनुसार सुधार के लिए एयर क्वॉलिटी इंडेक्स को समझना जरूरी है. यह पीएम 10, पीएम 2.5, नॉक्स, एसओ-टू, सीओ और एनएच-थ्री के साथ लेड के आधार पर जारी किया गया है. सीपीसीबी के अनुसार दिल्ली की हवा में इस समय सबसे अधिक पीएम 2.5 की मात्रा है. इसलिए ऐसे कदम उठाने की जरूरत है जिससे पीएम 2.5 को कम किया जा सके. आईआईटी कानपुर और एआरएआई-टेरी की स्टडी में पीएम 2.5 के अधिक होने की वजह बताई गई हैं. बताया गया है कि सड़कों पर इस समय अलग-अलग ईंधन की अलग-अलग साल में बनी गाड़ियां चल रही हैं. टेरी की रिपोर्ट के मुताबिक ऑड-ईवन में प्राइवेट गाड़ियों को शामिल किया गया है. दिल्ली सरकार ने सोमवार से ऑड-ईवन शुरु किया है.

निजी गाड़ियों से केवल 2 प्रतिशत प्रदूषण
आईआईटी कानपुर की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल और डीजल से चल रही प्राइवेट गाड़ियों से 2 पर्सेंट प्रदूषण होता है. हल्की कमर्शल गाड़ियों से 0.8 पर्सेंट, दुपहिया गाड़ियों से 6.6 प्रतिशत, ट्रक से 9.2 पर्सेंट, बस (सीएनजी) से 1 प्रतिशत और ऑटो व अन्य तिपहिया गाड़ियों से 0.4 प्रतिशत प्रदूषण होता है. ऐसे में जिन छूटों के साथ दिल्ली में ऑड-ईवन लागू किया गया है, उससे प्रदूषण के स्तर में दो पर्सेंट तक कमी आने की ही संभावना है. ऐसे में दिल्ली को इस ऑड-ईवन से बहुत अधिक राहत मिलने की संभावना नहीं है. इसका असर एक पर्सेंट से भी कम होने की उम्मीद है. पिछली बार जब ऑड-ईवन लागू किया गया था, तो सीपीसीबी और टेरी की रिपोर्ट में भी सामने आया था कि इसका कुछ असर नहीं पड़ा है.