राजधानी का पारा साल के सबसे न्यूनतम पर पहुंचा, ठंड ने अब दी है दस्तक

अमूमन ऐसा माना जाता है कि नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड दस्तक देने लगती है. पारा लगातार गिरता चला जाता है. लेकिन जलवायु परिवर्तन की वजह से यह चक्र भी काफी प्रभावित हो चला है. हालांकि, रविवार को देर से ही सही सर्द मौसम ने अपनी दस्तक तो दी. 

राजधानी का पारा साल के सबसे न्यूनतम पर पहुंचा, ठंड ने अब दी है दस्तक

नई दिल्ली: रविवार को राजधानी के तापमान में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई. दिल्ली के कई इलाकों में रात के समय तक पारा दहाई का आंकड़ा छोड़ ईकाई तक पहुंचा. इससे यह तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले दिनों में तापमान कम होगा और लोगों को कम से कम अपने गर्म कपड़े निकालने होंगे. रविवार को राजधानी का औसतन तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तक रहा. जब कि कई इलाकों में कोहरा भी छाया हुआ था. 

दिल्ली के सफदरगंज और पालम में रात के समय पारा 9.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. मौसम विभाग ने जानकारी देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में पारा दहाई के आंकड़ें के नीचे ही होगा. स्काईमेट वेदर जो राजधानी दिल्ली के तापमान और मौसम की जानकारी देता है, उसके अनुसार दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक पारा लुढ़क कर 8 के नीचे भी जा सकता है. ऐसे में यह अंदाजा तो लगाया जा सकता है कि सरद मौसम के इतनी देर से दस्तक देने से जीवन चक्र कितना प्रभावित हुआ होगा. 

उत्तरी इलाकों में हो रही है भारी बर्फबारी

रविवार को दिन के समय 24 डिग्री तक पारा लुढ़क जाने के बाद ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में यह 20 के पार हो जाएगा. दरअसल, उत्तर और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र से आने वाली हवाओं की वजह से यह बदलाव आया है. इससे पहले उत्तरी क्षेत्रों में सर्द मौसम का असर पहले से ही दिखने लगा है. जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारी बर्फबारी से जीवन अस्त-व्यस्त हो चला है. कई जगह पर तो बर्फबारी से आवाजाही की विकट समस्या तो आन पड़ी है. बर्फ का मलबा या यूं कहें कि सड़कों पर बर्फ की चादर बिछ गई है. 

हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में बर्फबारी और ठंड से लोगों को सतर्क रहने का सरकारी फरमान तक जारी कर दिया गया है. हालांकि, राजधानी दिल्ली के मौसम में यह बदलाव काफी देर आया, लेकिन जल्द ही यह दुरूस्त भी हो सकता है. कारण कि नई दिल्ली की भौगोलिक स्थिति अपने आप में काफी अलग तरह की है. यह उत्तर और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों से ठंडी हवाएं तो लेता ही है, लेकिन नमीयुक्त हवाएं भी अरब सागर से मिल ही जाती है. खैर यह तो तापमान है जल्द ही चुनाव आने के बाद दिल्ली का राजनीतिक तापमान भी चढ़ेगा, बावजूद की सर्दी कितनी भी हो.