माता वैष्णों देवी की यात्रा पर हो रहा विचार, खुल गए तृतीय केदार के भी कपाट

कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्थगित की गई श्री माता वैष्‍णो देवी (Mata Vaishno Devi) की यात्रा जम्मू-कश्मीर प्रशासन फिर से आरंभ करने की तैयारी कर रहा है. हालांकि शुरुआती चरणों में यात्रा को सीमित स्‍तर पर ही चलाए जाने की तैयारी है. फिलहाल यात्रा का आकार और स्‍वरूप क्‍या रहेगा, उस पर मंथन चल रहा है.

माता वैष्णों देवी की यात्रा पर हो रहा विचार, खुल गए तृतीय केदार के भी कपाट

जम्मू: कोरोना महामारी के कारण देशभर में लॉकडाउन लागू है. ऐसे में इस स्थिति को देखते हुए देशभर के तीर्थ स्थल और मंदिर भी बंद कर दिए गए थे. इस दौरान हिमालयी क्षेत्र में बसे बदरीनाथ, केदारनाथ के कपाट तो खुल गए हैं, लेकिन अभी वहां दर्शनों की अनुमति नहीं मिली है. दूसरी जम्मू में माता वैष्णों देवी धाम भी बंद किया गया था. जानकारी के मुताबिक अब स्थितियों को अनुकूल होते देख माता के दर्शन की यात्रा शुरू करने के संबंध में तैयारी की जा रही है. 

यात्रा को लेकर चल रहा है विचार
कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्थगित की गई श्री माता वैष्‍णो देवी (Mata Vaishno Devi) की यात्रा जम्मू-कश्मीर प्रशासन फिर से आरंभ करने की तैयारी कर रहा है. हालांकि शुरुआती चरणों में यात्रा को सीमित स्‍तर पर ही चलाए जाने की तैयारी है. फिलहाल यात्रा का आकार और स्‍वरूप क्‍या रहेगा, उस पर मंथन चल रहा है.

अंतिम फैसला केंद्र सरकार का
जानकारी के मुताबिक प्रतिदिन पांच से 6 हजार लोगों को ही यात्रा की अनुमति दी जा सकती है. हालांकि इस पर अंतिम फैसला केंद्र सरकार ही करेगी. श्री माता श्राइन बोर्ड ने लॉकडाउन से पहले ही 18 मार्च को श्री माता वैष्‍णो देवी यात्रा स्‍थगित कर दी थी. अब नई रियायतों के साथ लॉकडाउन का चौथा चरण चल रहा है. जिससे माता के भक्तों को भी यात्रा शुरू होने की उम्मीद बढ़ी है.

ऑनलाइन पंजीकरण की तैयारी
श्राइन बोर्ड ने अपनी तैयारियों को आरंभ कर दिया है. कटरा में पंजीकरण केंद्र पर श्रद्धालुओं को यात्रा पर्ची उपलब्ध करवाने के बजाय अब पंजीकरण ऑनलाइन करने की तैयारी है. इसके लिए एक स्पेशल ऐप बनाई जाएगी. जिसमें श्रद्धालु की ट्रैवल हिस्ट्री के साथ ही उसकी पूरी जानकारी होगी और श्रद्धालु का मोबाइल जीपीएस के साथ कनेक्ट किया. इससे यात्रा के दौरान जीपीएस की मदद से श्रद्धालु की हर मूवमेंट के बारे में श्राइन बोर्ड को पता चल सकेगा.

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बाबा तुंगनाथ धाम के कपाट भी खुले
तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट बुधवार को दोपहर साढ़े 11 बजे कर्क लग्न में खोल दिए गए. परंपरानुसार वेद मंत्रोच्चारण के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई. बाबा तुंगनाथ की श्रीमूर्ति को गर्भगृह में विराजमान किया गया. इसके साथ ही धाम में अराध्य की ग्रीष्मकालीन पूजा-अर्चना शुरू हो गई. वहीं, तुंगनाथ मंदिर में भगवान तुंगनाथ का पहला रुद्राभिषेक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न कराया गया. 

सीमित श्रद्धालु ही रहे मौजूद
लॉकडाउन के कारण कपाटोद्घाटन के दौरान सीमित संख्या में ही श्रद्धालु शामिल हो सके. इससे पूर्व, सुबह सात बजे चोपता में मक्कूमठ के हक-हकूकधारी पंच पुरोहितों ने भगवान तुंगनाथ की पूजा-अर्चना कर आरती उतारी. इसके बाद सुबह करीब  साढ़े आठ बजे भगवान तुंगनाथ की चल उत्सव डोली ने धाम के लिए प्रस्थान किया. 

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