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मोदी जिनपिंग की दूसरे दिन की मुलाकात, ये है आज का एजेन्डा

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत में हैं. उनका प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बातचीत का दौर चल रहा है. आज दूसरे दिन भी दोनो नेताओं की बातचीत जारी रहेगी. आईए आपको बताते हैं कि आज दोनो नेताओं का क्या कार्यक्रम रहेगा और किस एजेन्डे पर एशिया के इन दो शक्तिशाली देशों के राष्ट्राध्यक्ष चर्चा करेंगे ?    

मोदी जिनपिंग की दूसरे दिन की मुलाकात, ये है आज का एजेन्डा
मोदी जिनपिंग के बीच दूसरे दौर की बातचीत आज

नई दिल्ली: पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के  बीच की अनौपचारिक बातचीत आज दूसरे दिन भी जारी रहेगी. शनिवार को भी दोनो देशों के नेता कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे. 

दूसरे दौर की बातचीत में ये हो सकते हैं मुद्दे
मोदी-जिनपिंग की बातचीत के दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. दोनों देशों के बीच आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, अमेरिका से ट्रेड वार और पूरी दुनिया पर इसके आर्थिक प्रभाव के बारे में चर्चा की जा सकती है. दोनों देशों के बीच व्यापार घाटे और व्यापार असंतुलन पर भी चर्चा का कार्यक्रम तैयार है. इसके अलावा सीमा पर शांति और पाकिस्तान के भारत विरोधी एजेंडा के खिलाफ भी दोनों नेता बातचीत करेंगे.

जिनपिंग के सम्मान में पीएम मोदी देंगे भोज
पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को 10 बजे मुलाकात करेंगे. दोपहर में 11.45 बजे पीएम मोदी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सम्मान में एक भोज देंगे. 

इसके पहले सुबह 9 बजे चीनी राष्ट्रपति एक बार फिर अपने होटल से महाबलीपुरम के लिए एक बार फिर रवाना हो जाएंगे. लगभग 10 बजे वह होटल फिशरमेंस पहुंचेंगे. जहां पीएम मोदी उनका स्वागत करेंगे. यहां होटल के रेस्टोरेन्ट मचान में दोनों नेताओं के बीच बातचीत होगी. 

इसके बाद 10.45 बजे दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत होगी. जिसके बाद दोनो देश संयुक्त प्रेस कांफ्रेन्स करेंगे. हालांकि इस दौरान किसी तरह का बयान जारी नहीं किया जाएगा. 

दोपहर 11.45 बजे पीएम मोदी चीनी राष्ट्रपति के लिए दोपहर के भोज की मेजबानी करेंगे. इसके एक घंटे के बाद शी जिनपिंग चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए रवाना हो जाएंगे. उनके विमान के रवाना होने का समय दोपहर 1.30 बजे है. 

शुक्रवार को हुई थी 5 घंटे चर्चा
कल यानी शुक्रवार को भी मोदी और जिनपिंग 5 घंटे तक चर्चा कर चुके हैं. कल की बैठक के बाद विदेश सचिव विजय गोखले ने दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत की जानकारी मीडिया को दी. उन्होंने बताया कि दोनो नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश संबंधों को विस्तार देने पर जोर दिया और आतंकवाद तथा कट्टरपंथ से मिल रही चुनौतियों का मिलकर सामना करने का संकल्प लिया.

मोदी और जिनपिंग ने स्वीकार किया कि आतंकवाद और कट्टरपंथ दोनो देशों के बीच साझी चुनौतियों के रुप में मौजूद है. इससे मिलकर ही निपटा जा सकता है. दोनों नेताओं के बीच रात्रिभोज के दौरान भी ढाई घंटे तक चर्चा हुई इस दौरान दोनों ने अपनी-अपनी राष्ट्रीय दूरदृष्टि एवं शासन संबंधी प्राथमिकताओं समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा की. 

विदेश सचिव बताया कि पीएम मोदी के अलावा शी जिनपिंग ने भी शानदार स्वागत और इंतजाम की तारीफ की. उन्होंने शानदार व्यवस्था के लिए राज्य सरकार की सराहना की. गोखले ने बताया कि दोनों देशों के बीच आपसी संबंध, आतंकवाद और व्यापार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.

 

सीधा चेन्नई पहुंचे थे राष्ट्रपति जिनपिंग
शुक्रवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अनौपचारिक मुलाकात करने के लिए चेन्नई एयरपोर्ट पर उतरे, जहां उनका शानदार स्वागत हुआ और वहां उन्होंने भारत की महान संस्कृति की एक झलक देखी. इसके बाद सड़क के रास्ते वो चेन्नई से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित महाबलीपुरम पहुंचे. 

जहां प्रधानमंत्री मोदी तमिलनाडु की पारंपरिक पोशाक वेष्टी में शी जिनपिंग का इंतज़ार कर रहे थे. प्रधानमंत्री मोदी ने शी जिनपिंग का स्वागत किया, उनसे काफी देर बातचीत की और फिर दोनों नेता अर्जुन तपस्या स्थल पर बने मंदिर को देखने पहुंचे. 

इसके बाद दोनों नेता पंच रथ मंदिर को देखने पहुंचे. ये भी UNESCO की विश्व धरोहरों की सूची में शामिल है. यहां पांडवों और उनकी पत्नी द्रौपदी के रथों को चट्टानों पर उकेरा गया है जिनके नाम धर्मराज रथ, अर्जुन रथ, भीम रथ, नकुल-सहदेव रथ और द्रौपदी रथ हैं.

पंचरथ मंदिर घूमने के बाद दोनों नेता शोर मंदिर पहुंचे. इसे दक्षिण भारत के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक माना जाता है. प्रधानमंत्री मोदी ने शी जिनपिंग को पहले इस मंदिर के प्रांगण में घुमाया और उन्हें इसके ऐतिहासिक महत्व की जानकारी दी. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु की पारंपरिक पोशाक पहनकर चीनी राष्ट्रपति के सामने भारतीय संस्कृति का मान बढ़ाया. तमिलनाडु में पीएम मोदी की इस वेशभूषा की काफी सराहना हो रही है. 

दोनों देशों के बीच पहली अनौपचारिक वार्ता अप्रैल 2018 में चीन के वुहान शहर में हुई थी.