ईद की नमाज घरों में ही अदा करें, दो शाही इमामों ने वीडियो जारी कर लोगों से की अपील

कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए गुरुवार या शुक्रवार को होने वाली ईद उल फितर की नमाज घरों में अदा करने की अपील, कहा- इस्लामी कानून में इसकी इजाजत

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : May 10, 2021, 10:18 PM IST
  • बोले इमाम- हालात के मुताबिक बहुत एहतियात करने की जरूरत है
  • कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की मदद करने की गुजारिश की.
ईद की नमाज घरों में ही अदा करें, दो शाही इमामों ने वीडियो जारी कर लोगों से की अपील

नई दिल्लीः दिल्ली की दो ऐतिहासिक मस्जिदों के शाही इमामों ने सोमवार को अलग-अलग वीडियो जारी कर मुस्लिम समुदाय से कोरोना वायरस महामारी की वजह से आगामी ईद -उल-फितर की नमाज घर में ही अदा करने की अपील की.

जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी और चांदनी चौक स्थित फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने वीडियो में लोगों से अपील की है कि वे कोरोना को देखते हुए ईद की नमाज घर में ही पढ़ें.

 बता दें कि ईद का त्योहार गुरुवार या शुक्रवार को पड़ सकता है जो चांद नजर आने पर निर्भर करता है.

'नहीं देखा ऐसा खतरनाक मंजर':  
जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि ये एक ऐसा भयावह मंजर जिसे हमने और आपने अपनी जिंदगी में कभी नहीं देखा. इस वायरस का शिकार हुए हजारों खानदानों ने अपनों को खो दिया. इस बीमारी से जान गंवाने वाले लोग अपनों के कांधे से भी महरूम रह गए. अभी तीसरी लहर का खतरा बाकी है.

ऐसे में एहतियात जरूरी है. वक्त की नजाकत को देखते हुए जरूरी है कि गुरुवार या शुक्रवार को होने वाली ईद की नमाज को अपने घरों में ही रहकर पढ़ा जाए. उन्होंने कहा कि इस तरह के हालात में शरीयत (इस्लामी कानून) घर में नमाज पढ़ने की इजाजत देती है.

'कोरोना की मार झेल रहे लोगों की दिल खोलकर करें मदद'
दूसरी ओर फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम ने एक अलग वीडियो में कहा कि- कोरोना वायरस की दूसरी लहर चल रही और रोज लाखों मामले सामने आ रहे हैं, हजारों लोगों की मौत हो रही है. हालात के मुताबिक, बहुत ज्यादा एहतियात करने की जरूरत है.
 
मुफ्ती मुकर्रम ने कहा, रमजान में हमने घरों में रहकर इबादत की. पिछले साल हमने घरों में ही ईद की नमाज अदा की थी. बीमारी का डर अब भी मौजूद है तथा संक्रमण बहुत ज्यादा है. लिहाजा सभी लोगों से अपील करूंगा कि ईद वाले दिन भी मस्जिद की तरफ न आएं बल्कि घरों में ही इबादत करें. मुफ्ती मुकर्रम ने लोगों से सदका-ए-फित्र (दान) अदा करने की अपील करते हुए समुदाय के लोगों से गरीबों की, खासकर, कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की ‘दिल खोलकर’ मदद करने की गुजारिश की.

मुसलमानों के लिए अभी इस्लामी कलेंडर का नौवां महीना ‘रमज़ान’ चल रहा है जिसमें समुदाय के लोग रोज़ा (व्रत) रखते हैं. यह महीना ईद का चांद नज़र आने के साथ खत्म होता है. इस्लामी कलेंडर में एक महीना 29 या 30 दिन का होता है और यह चांद पर निर्भर करता है. मीडिया रपटों के अनुसार जामा मस्जिद का निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने कराया था जबकि फतेहपुरी मस्जिद का निर्माण उनकी एक पत्नी फतेहपुरी बेगम ने कराया था.

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