सरकार में आते ही उद्धव ठाकरे ने दिखाए 'मुंगेरीलाल के हसीन सपने'

शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पद संभालते ही जनता से बड़े-बड़े वायदे करना शुरू कर दिया. उन्होंने पहली कैबिनेट बैठक में मुंगेरीलाल के हसीन सपने दिखाने शुरू कर दिया. लेकिन वो उन सपनों को कितना फीसदी हकीकत में बदलते हैं, ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा.

सरकार में आते ही उद्धव ठाकरे ने दिखाए 'मुंगेरीलाल के हसीन सपने'

नई दिल्ली: शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की ताजपोशी होने के साथ-साथ ढोल बज गया, मिठाई बंट गई और अब काम करने की बारी आ गई है. शपथ ग्रहण के बाद उद्धव ठाकरे ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक बुलाई. जिसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई. मंत्रिमंडल की बैठक दक्षिण मुंबई के सहयाद्री गेस्ट हाउस में हुई.

महाराष्ट्र सरकार की पहली कैबिनेट मीटिंग में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के अलावा शिवसेना के मंत्री एकनाथ शिंदे और सुभाष देसाई, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के मंत्री छगन भुजबल और जयंत पाटिल, कांग्रेस के मंत्री बालासाहेब थोराट और नितिन राउत मौजूद रहे. इस बैठक में कई लोकलुभावन सपने बुने गए.लेकिन धरातल पर कैसे उतरेगा, इसकी चर्चा नहीं हुई.

CMP से चलेगी उद्धव सरकार?

बिल्कुल विपरीत विचारधारा वाली पार्टियों के संगम से बनी महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार काम कैसे करेगी? इसे तय करेंगे शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के महाविकास अघाड़ी गठबंधन ने कॉमन मिनिमम प्रोग्राम का नाम दिया है. 

सीएमपी की पहली पंक्ति में एनसीपी-कांग्रेस ने सेक्युलर शब्द लिखवाया है, जिसे हिंदूवादी पार्टी शिवसेना ने हाथ जोड़कर सैद्धांतिक रूप से स्वीकार भी कर लिया है. सामान्य न्यूनतम कार्यक्रम में आगे कई अहम फैसले लेने की बात भी कही गई है, जिसमें सबसे ज्यादा फोकस किसानों पर है. 

किसानों का कर्ज माफ करने का किया है दावा

महाराष्ट्र की अघाड़ी सरकार ने किसानों का कर्ज तुरंत माफ करने की बात सीएमपी में की है. बारिश और बाढ़ से प्रभावित किसानों को मदद की बात भी कही गई है. इसके अलावा राज्य के सूखाग्रस्त इलाकों में पानी की सप्लाई का इंतजाम करने का भी वादा किया गया है.

पहली कैबिनेट बैठक के बाद सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा भी कि वो किसानों को लेकर चल रही योजनाओं की स्टेटस रिपोर्ट चीफ सेक्रेटरी से लेंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि रिपोर्ट आने के एक-दो दिन बाद वो किसानों के लिए बड़ा ऐलान करेंगे.

साथ ही सीएम उद्धव ठाकरे ने इस बात की भी जानकारी दी कि पहली कैबिनेट बैठक में पहला फैसला छत्रपति शिवाजी महाराज के किले को लेकर किया गया, जिसके मुताबिक शिवाजी के रायगढ़ किले के पुनरूद्धार के लिए 20 करोड़ रुपये की धनराशि को मंजूरी दी गई.

उद्धव के पिटारे में पब्लिक के लिए क्या है?

कॉमन मिनिमम प्रोग्राम में किसानों के अलावा युवाओं, बेरोजगारों, महिलाओं को लेकर भी कई तरह की घोषणाएं की गई हैं. महाराष्ट्र की हर तहसील में एक रुपए वाले क्लीनिक खोले जाने की बात कही गई है जहां सभी तरह के पैथोलॉजी जांच भी होंगे.

लोगों के लिहाज से बड़ा ऐलान ये हुआ है कि सरकार 10 रुपए में सस्ता भोजन उपलब्ध कराएगी.

झुग्गी-झोपड़ी वालों को अघाड़ी सरकार ने 500 वर्ग फीट का घर देने का वादा किया है जो कि अभी तक 300 वर्ग फीट तक ही मान्य था.

छात्रों और बेरोजगारों के लिए भी बड़े ऐलान कॉमन मिनिमम प्रोग्राम में किए गए हैं. सरकारी विभागों के खाली पदों को जल्द से जल्द भर्ती का ऐलान किया गया है.

बड़ी घोषणा ये की गई है कि सरकारी नौकरी में स्थानीय लोगों के लिए 80 फीसदी आरक्षण होगा. इसके अलावा पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को फेलोशिप देने का वादा भी किया गया है. आर्थिक रूप से कमजोर लड़कियों को मुफ्त शिक्षा की बात कही गई है. कामकाजी महिलाओँ के लिए हर शहर और जिला मुख्यालय में हॉस्टल बनाने का वादा किया गया है.

मजदूरों और गरीबों के बच्चों को जीरो इंटरेस्ट रेट पर यानी बिना ब्याज का एजुकेशन लोन देने की भी घोषणा सीएमपी में है.

एक रुपए के क्लीनिक के अलावा अघाड़ी सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में और भी कई ऐलान किए हैं. महाराष्ट्र के हर नागरिक को हेल्थ इंश्योरेंस कवर देने की भी घोषणा की गई है. हर जिले में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज खोले जाने की भी बात कही गई है.

उद्धव ने महाराष्ट्र की जनता को विश्वास दिलाते हुए ये वादा किया कि वो एक अच्छी सरकार इस राज्य को देंगे. उन्होंने कहा कि 'हमें जनता का आशीर्वाद चाहिए. आज से शुरुआत हुई है, इसलिए मैं चाहता हूं कि पहला दिन है, सभी लोगों की सहायता मुझे चाहिए.'

CMP को लेकर दो-दो को-ऑर्डिनेशन कमेटी

कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को कागज से लेकर जमीन पर उतारने के लिए और सरकार और महागठबंधन में समन्वय के लिहाज से दो-दो को-ऑर्डिनेशन कमेटी भी बनाई गई है. जहां एक कमेटी मंत्रियों की होगी जो सरकार में सामंजस्य बिठाएगी तो दूसरी कमेटी तीनों दलों के बीच को-ऑर्डिनेशन स्थापित करेगी.

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सरकार गठन से पहले कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर कांग्रेस और एनसीपी का जोर था जो काफी मशक्कत के बाद तैयार हो गया है और इसकी बुनियाद पर नई सरकार भी बन गई है. लेकिन, देखना होगा कि सीएमपी के एक-एक शब्द पर उद्धव की सरकार कितनी खरा साबित होती है.

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