उन्नाव मामले का ट्रक कनेक्शन, अब गवाह को जान से मारने की कोशिश

उन्नाव रेप मामले में आज एक और अहम मोड़ तब सामने आया जब मामले के एक अहम गवाह ने उन्नाव पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई कि ट्रक से टक्कर मारकर उनकी हत्या की कोशिश की गई है. इस पूरे घटना का ट्रक कनेक्शन कुछ खास रहा है, पहले भी और अब भी. 

उन्नाव मामले का ट्रक कनेक्शन, अब गवाह को जान से मारने की कोशिश

लखनऊ: माखी बलात्कार मामले में मुख्य गवाह पूर्व ब्लॉक प्रमुख अवधेश प्रताप सिंह ने अजगैन थाने में शिकायत की है कि बलात्कार के मामले में आरोपी उनकी जान लेने की कोशिश कर रहे हैं. शिकायत के मुताबिक उनकी कार लखनऊ से कानपुर जा रही थी. उसे खाली ट्रक ने पीछे से दो बार टक्कर मारी और उन्हें जान से मारने की कोशिश की. अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि जब वे चमरौली के आगे जा रहे थे तो उनकी गाड़ी को पीछे से जबरदस्त टक्कर मारी गई जिसके बाद उनकी गाड़ी जंप करके डिवाइडर पर चढ़ गई. दोबारा उसने रिवर्स करके फिर टक्कर मारा. जब उन्होंने गाड़ी से निकल कर ट्रक ड्राइवर को ललकारा तो वह गाड़ी छोड़ कर भाग गया.

गवाह ने बताया दो बार मारी गई टक्कर

बता दें कि माखी दुष्कर्म मामले में उन्नाव विधायक कुलदीप सिंह सेंगर मुख्य आरोपी हैं और इस मामले में अवधेश प्रताप सिंह अहम गवाह. अवधेश के मुताबिक उनका ड्राइवर राजेश भी दुष्कर्मपीड़िता के चाचा की हत्या के मामले में जमानतदार है. इस घटना में उसे भी जान से मारने की कोशिश की गई.पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्नाव एसपी एमपी वर्मा ने बताया कि अवधेश प्रताप सिंह ने अजगैन थाने में यह कह कर शिकायत दर्ज कराई है कि मैं घटना का मुख्य गवाह हूं. मेरे ऊपर जानलेवा हमला कराया गया है. इसके बाद ट्रक ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. ट्रक थाने में खड़ी है और उसका पूरा मुआयना कराने के बाद कुछ जानकारी दी जाएगी. फिलहाल तो तलाश जारी है.

इससे पहले भी घटनाओं में मारे जा चुके हैं पीड़िता के रिश्तेदार

सीबीआई के प्रमुख गवाह अवधेश प्रताप को डर है कि कहीं आरोपी उसकी हत्या ना करा दे. इससे पहले इस मामले में पीड़िता की चाची का एक्सीडेंट के दौरान ही मौत हो गई थी. हालांकि, यह एक घटना से ही हुई मौत थी या सोची-समझी साजिश, इसका पता अभी नहीं चल सका है. इसके अलावा पिता पहले ही इस दुनिया को छोड़ कर चले गए हैं और चाचा जेल में बंद है.  अब माना जा रहा है कि खतरा गवाहों के सर के ऊपर मंडरा रहा है. इसके पीछे कौन है, यह अब भी एक राज है. मुख्य आरोपी एक विधायक हैं और ऐसे में शक उनपर ज्यादा जाता है कि शक्ति का इस्तेमाल कर एक-एक कर सारे सबूतों और रिश्तेदारों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. 

क्या है उन्नाव का पूरा मामला ? 

उन्नाव के पूरे मामले का ट्रक कनेक्शन बड़ा जबरदस्त है. इससे पहले 28 जुलाई 2019 को एक ट्रक की टक्कर में पीड़िता गंभीर रूप से घायल हुई और परिवार के दो सदस्यों की मौत हो गई थी. मी़डिया रिपोर्ट्स के मुताबिक परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी. इसके बाद मदद के लिए उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भी लिखा था. 31 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट और मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने मामले को स्वीकार कर लिया. यह पूरा मामला 4 जून 2017 का है. अब तक इस मामले को तकरीबन ढ़ाई साल हो गए हैं लेकिन कुछ खास प्रगति नहीं हुई है. हालांकि, कुछ गिरफ्तारियां जरूर हुईं हैं. 13 अप्रैल 2018 को  सीबीआई ने कुलदीप सेंगर को पूछताछ के लिए बुलाया था. पूछताछ के बाद कोई भी खबर सार्वजनिक नहीं की गई. इसके बाद इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर सेंगर की गिरफ्तारी भी की गई. 

चाचा ने अभियान चलाया, डाल दिए गए जेल में

फिर इस मामले में दूसरी बड़ी खबर 21 नवंबर 2018 को मिली. उस वक्त उन्नाव बलात्कार पीड़िता के चाचा को एक किसी पुराने फायरिंग केस में नाटकीय रूप से जेल की सजा हो गई. दरअसल, पीड़िता के चाचा ने उन्नाव विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर अपनी भतीजी के साथ बलात्कार करने और पीड़िता के पिता की मौत का आरोप लगाते हुए विरोध करना शुरू कर दिया था और इसके लिए एक अभियान भी छेड़ रखा था. अप्रैल 2018 में हुए इस विरोध ने खूब सुर्खियां बटोरी. देश भर में इसका संयुक्त रूप से पुरजोर विरोध हुआ. इतना कि अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बयान में इस घटना की निंदा की और न्याय दिलाने को कहा.