शुरू होते ही हंगामे की भेंट चढ़ी राज्यसभा, 10 मिनट में ही स्थगित करनी पड़ी बैठक

संसद का मानसून सत्र जब से शुरू हुआ है, एक बार और एक दिन भी राज्यसभा या लोकसभा सुचारु ढंग से नहीं चल सकी है. न ही प्रश्नकाल में प्रश्न पूछे जा सके हैं और न ही शून्यकाल हो सका है. इसे लेकर राज्यसभा में उपसभापति ने निराशा भी जताई थी.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Jul 30, 2021, 12:25 PM IST
  • सभापति नायडू ने हंगामा करने वाले सदस्यों के आचरण पर आपत्ति जतायी
  • 11 बजकर करीब 10 मिनट पर बैठक दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित
शुरू होते ही हंगामे की भेंट चढ़ी राज्यसभा, 10 मिनट में ही स्थगित करनी पड़ी बैठक

नई दिल्लीः राज्यसभा की कार्रवाई शुक्रवार को शुरू हुई, लेकिन इसकी शुरुआत हंगामेदार ही रही.  विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी दलों के सदस्य हंगामा करने लगे. इसके कारण कारण शुक्रवार को राज्यसभा की बैठक शुरू होने के करीब 10 मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.

सभापति ने जताई आचरण पर आपत्ति
संसद का मानसून सत्र जब से शुरू हुआ है, एक बार और एक दिन भी राज्यसभा या लोकसभा सुचारु ढंग से नहीं चल सकी है. न ही प्रश्नकाल में प्रश्न पूछे जा सके हैं और न ही शून्यकाल हो सका है. इसे लेकर राज्यसभा में उपसभापति ने निराशा भी जताई थी.

सुबह सदन की बैठक शुरू होते ही सभापति एम वेंकैया नायडू ने हंगामा करने वाले सदस्यों के आचरण पर आपत्ति जतायी और कहा कि सदन में सीटी बजाना शोभनीय नहीं है. उन्होंने कहा कि ऐसे आचरण से सदन की गरिमा प्रभावित होती है.

स्वास्थ्य राज्य मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस
इसके बाद कांग्रेस सदस्य केसी वेणुगोपाल ने कहा कि उन्होंने अपने एक सवाल के जवाब को लेकर स्वास्थ्य राज्य मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस दिया है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय के जवाब में कहा गया था कि देश में कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण कोई मौत नहीं हुयी.
इस पर सभापति ने कहा कि उनके नोटिस के संबंध में प्रक्रिया जारी है.

रोजाना मिलते हैं कई नोटिस
इसके बाद तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर राय ने कहा कि पिछले पांच साल से नियम 267 के तहत कोई नोटिस स्वीकार नहीं किया गया है. इस पर सभापति नायडू ने कहा कि नियम 267 के तहत नोटिस स्वीकार करने पर सदन का पूर्वनिर्धारित कामकाज स्थगित करना होता है और इसका विरले ही उपयोग होता है. उन्होंने कहा कि आजकल उन्हें नोटिस 267 के तहत रोजाना कई नोटिस मिलते हैं.

कई बार हो चुका है हंगामा
इसी दौरान सदन में विभिन्न विपक्षी दलों का हंगामा शुरू हो गया और सभापति ने 11 बजकर करीब 10 मिनट पर बैठक दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.

पेगासस जासूसी विवाद, नए कृषि कानून, पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि जैसे विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्षी सदस्यों का हंगामा मौजूदा मानसून सत्र की शुरुआत से ही जारी है. मौजूदा मानसून सत्र में अब तक राज्यसभा में शून्यकाल नहीं हो पाया है.

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