भारत में यदि स्थिति भयावह तो दुनिया की भी यही हालत होगी: USIBC

अमेरिका- भारत व्यवसायिक परिषद (यूएएसआईबीसी) की अध्यक्ष निशा देसाई विस्वाल ने मीडिया साक्षात्कार में कहा, ‘‘जिस तेज गति से कोविड-19 संकट भारत में फैला और और पूरे देश को उसने अपनी आगोश में ले लिया उससे उद्योग समुदाय में भारत के प्रति तीव्र गति से मदद की धारणा बढ़ी है.’’

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : May 6, 2021, 08:13 PM IST
  • स्थितियां भयावह दिशा में आगे बढ़ रही हैंः निशा देसाई
  • जब तक सभी सुरक्षित नहीं है तो कोई भी सुरक्षित नहीं
भारत में यदि स्थिति भयावह तो दुनिया की भी यही हालत होगी: USIBC

नई दिल्लीः भारत में यदि स्थिति खौफनाक बनी रहती है तो फिर दुनिया की स्थिति भी भयावह बनी रहेगी. भारत और अमेरिका के बीच व्यापार बढ़ाने की वकालत करने वाले एक प्रमुख समूह ने यह बात कही है. समूह ने यह बात ऐसे समय कही है जब अमेरिका का कंपनी जगत कोविड- महामारी से पार पाने के लिये पूरी तरह से भारत के प्रयासों में मदद कर रहा है.

निशा देसाई विस्वाल ने कही बड़ी बात
अमेरिका- भारत व्यवसायिक परिषद (यूएएसआईबीसी) की अध्यक्ष निशा देसाई विस्वाल ने मीडिया साक्षात्कार में कहा, ‘‘जिस तेज गति से कोविड-19 संकट भारत में फैला और और पूरे देश को उसने अपनी आगोश में ले लिया उससे उद्योग समुदाय में भारत के प्रति तीव्र गति से मदद की धारणा बढ़ी है.’’

व्यावसायिक कंपनियों ने जुटाए संसाधन
उन्होंने कहा कि अमेरिकी कंपनियों को शायद सबसे पहले यह महसूस होने लगा था कि स्थितियां भयावह दिशा में आगे बढ़ रही है. कंपनियों को भारत में उनके अपने कर्मचारियों से इसके बारे में जानकारी मिल रही थी. यही वजह है कि इन कंपनियों ने जल्द इस दिशा में काम शुरू कर दिया और दो सप्ताह पहले ही अमेरिकी व्यवसायिक समुदाय ने संसाधनों को जुटाना शुरू कर दिया था.

भारत को 1,000 वेंटीलेटर्स 
महामारी में मदद के लिये त्वरित प्रतिक्रिया के लिये अमेरिका की शीर्ष 40 कंपनियों के सीईओ को मिलाकर बनाए गए वैश्विक कार्यबल ने बिना देर किए सहायता उपलब्ध कराने के वास्ते भारत को 1,000 वेंटीलेटर्स और 25,000 आक्सीजन संकेन्द्रक भेजने की घोषणा की.

उन्होंने कहा कि यह कार्यबल अपनी संचालन समिति के जरिये व्हाइट हाउस, विदेश विभाग और अंतरराष्ट्रीय विकास पर अमेरिकी एजेंसी के साथ साथ भारत सरकार के साथ मिलकर कंपनियों द्वारा दिये जा रहे अनुदान को लेकर समन्वय स्थापित कर रही है.

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फेसबुक, अमेजान  और अन्य कंपनियों ने पहुंचाई मदद
पिछले सप्ताह ही इस समिति की अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और इसके बाद बुधवार को भारत के नीति आयोग के अधिकारियों के साथ बैठक हुई.
भारत को मदद पहुंचाने वाली कंपनियों में फेसबुक, अमेजान से लेकर गोल्डमैन साक्स, बैंक आफ अमेरिका, एमवे, क्वालकॉम, वीएमवारे, यूनियन पेसिफिक, मैककारमिक और कोर्डिनल हेल्थ जैसी कंपनियों ने भारत के लिये वेंटिलेटर तथा अन्य सामग्री पहुंचाने की पहल की हैं. इसके साथ ही एसेंचर और माइक्रोसॉफ्ट ने इस दिशा में काम किया है. आईबीएम ने समग्र प्रयासों में अहम भूमिका निभाई है.

बिस्वाल ने इस दौरान भारत- अमेरिका रणनीतिक एवं भागीदारी मंच द्वारा आक्सीजन सिलेंडर और आक्सीजन संक्रेन्द्रकों जैसे संसाधनों को जुटाने में किये गये प्रयासों की भी सराहना की. ‘‘एकजुट समन्वित ढांचे के तहत जो प्रयास हुये हैं इससे पहले शायद कभी हुये हों, ऐसा उदाहरण हमारे सामने नहीं है. ’’

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भारत नहीं सुरक्षित तो कोई नहीं सुरक्षित
डेलायट इंडिया के सीईओ पुनीत रंजेन ने कहा कि यह भारत की मदद करने का समय है. दुनिया को इस समय कोविड- 19 संकट की चुनौती का सामाना करने में आगे आकर भारत की मदद करनी चाहिये. उन्होंने कहा, ‘‘यह वैश्विक संकट है.

यदि वायरस एक तरफ के पर्यावरण में है और उसका स्वरूप बदलता है, तो इसका हर किसी पर प्रभाव होगा. जब तक सभी सुरक्षित नहीं है तो कोई भी सुरक्षित नहीं है. इसलिये हमें कदम उठाने चाहिये, यह सही काम है. कारोबारी समुदाय के हमारे लोगों के लिये भी यह सही दिशा में करने वाला काम है.’’

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