उत्तराखंडः क्या भंग होंगे देवस्थानम बोर्ड, उच्चस्तरीय समिति ने सीएम धामी को अंतरिम रिपोर्ट सौंपी

चारों हिमालयी धाम बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के तीर्थ पुरोहितों की ओर से देवस्थानम बोर्ड का विरोध लंबे समय से किया जा रहा है.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Oct 26, 2021, 07:54 AM IST
  • समिति के अध्यक्ष ध्यानी ने सीएम को दी रिपोर्ट
  • पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह के कार्यकाल में बना था बोर्ड
उत्तराखंडः क्या भंग होंगे देवस्थानम बोर्ड, उच्चस्तरीय समिति ने सीएम धामी को अंतरिम रिपोर्ट सौंपी

देहरादूनः चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के संबंध में उत्तराखंड सरकार की ओर से गठित उच्चस्तरीय समिति ने सोमवार को अपनी अंतरिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंप दी. समिति के अध्यक्ष मनोहर कांत ध्यानी ने धामी से भेंट कर उन्हें अंतरिम रिपोर्ट सौंपी. 

रिपोर्ट के सुझाव सार्वजनिक नहीं
लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या देवस्थान बोर्ड को रद्द किया जाएगा. क्या तीर्थ पुरोहितों और हक-हकूकधारियों की मांग पूरी की जाएगी. हालांकि, अभी इस बारे में कुछ सार्वजनिक नहीं किया गया है कि रिपोर्ट में समिति ने क्या सुझाव दिए हैं. 

चारों धाम के तीर्थ पुरोहित कर रहे विरोध
गौरतलब है कि चारों हिमालयी धामों— बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के तीर्थ पुरोहितों की ओर से देवस्थानम बोर्ड के विरोध में लंबे समय तक आंदोलनरत रहने के मद्देनजर धामी ने वरिष्ठ भाजपा नेता ध्यानी की अध्यक्षता में इस उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था. 

जुलाई में की थी समिति बनाने की घोषणा
मुख्यमंत्री बनने के बाद 21 जुलाई को अपने उत्तरकाशी दौरे में यह घोषणा करते हुए धामी ने कहा था कि उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड अधिनियम के परीक्षण और उस पर 'सकारात्मक संशोधन' का सुझाव देने के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की जा रही है.

समिति को करना था आकलन
उन्होंने कहा था कि यह समिति अधिनियम के विधिक पहलुओं का आकलन कर यह सुनिश्चित करेगी कि इससे चारधाम यात्रा से जुड़े हक—हकूकधारियों, पुजारियों तथा अन्य हितधारकों के पारंपरिक अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े.

51 मंदिरों का प्रबंधन बोर्ड के हाथों में
लंबे समय से आंदोलनरत चारों धामों के तीर्थ पुरोहितों का मानना है कि बोर्ड का गठन उनके अधिकारों का हनन है. देवस्थानम अधिनियम पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सरकार के कार्यकाल में पारित हुआ था, जिसके तहत चार धामों सहित प्रदेश के 51 मंदिरों के प्रबंधन के लिए बोर्ड का गठन किया गया था.

यह भी पढ़िएः जानिए कौन होगा महंत नरेंद्र गिरि की जगह अखाड़ा परिषद का नया अध्यक्ष

Zee Hindustan News App: देश-दुनिया, बॉलीवुड, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल और गैजेट्स की दुनिया की सभी खबरें अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें ज़ी हिंदुस्तान न्यूज़ ऐप.  

ज़्यादा कहानियां

ट्रेंडिंग न्यूज़