जल प्रलय: बाढ़ और बारिश के संकट से घिरा गुजरात

गुजरात में लगातार जारी मूसलाधार बारिश के चलते नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने से गुजरात के कई जिले बाढ़ के संकट से घिर गए हैं. सैकड़ों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है. भरूच और वड़ोदरा में करीब 5 हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है.

जल प्रलय: बाढ़ और बारिश के संकट से घिरा गुजरात

अहमदाबाद: पानी की मनमानी गुजरात (Gujrat) को दहला रही हैं, सैलाब के संकट ने जिन्दगी की गाड़ी पटरी से उतार दी है. प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रविवार को हुई भारी बारिश के चलते कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है. कुदरत के जलप्रहार ने इंसान को बेबस और लाचार कर दिया है.

भरूच में घाट और मंदिर डूबे

सरदार सरोवर बांध से पानी छोड़े जाने के चलते भरूच में नर्मदा नदी के तेवर तल्ख हो चले हैं. अचानक उफान से पहले नदी किनारे बने घाट और मंदिर डूबे, फिर नदी ने रिहाइशी इलाकों का रुख कर लिया. देखते ही देखते तटीय इलाके समंदर में तब्दील हो गए, गली मोहल्ले पानी में डूब गए. जहां गाड़ियां चल रही थीं, वहां नाव चलने लगीं. घरों और दुकानों के निचले हिस्से पूरी तरह पानी में डूब गए. लोगों के ऊपर के हिस्सों में शरण लेनी पड़ी. हालात ऐसे हो गए हैं कि फर्क करना मुश्किल हो रहा है कि पानी में घर बने हैं या फिर घरों में पानी घुस गया है.

भरूच के गोल्डन ब्रिज (Golden Bridge) के पास नर्मदा नदी का पानी 33 फिट पर बह रहा है. जो खतरे के निशान से 9 फिट ऊपर है. जिले के 30 गांवों में नर्मदा का पानी कहर बरपा रहा है. लगभग 5000 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है.

भुज में सड़कों के ऊपर सैलाब

गुजरात के भुज में भारी बारिश के बाद नदी नाले उफान पर हैं. सड़कों के ऊपर से होकर सैलाब बह रहा है. रास्ता नजर नहीं आ रहा है. ऐसे में सफर करना बेहद जोखिम का काम है. भुज में कुछ लोगों ने ऐसा ही जोखिम मोल लिया और उन्हें अंजाम भुगतना पड़ गया. उफनते सैलाब को पार कर रहे तीन लोग बाढ़ के पानी में बह गए.

यहां लोग रस्सी के सहारे सैलाब में डूबी सड़क को पार करने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान एक-एक कर तीन लोग लहरों के साथ ही बह गए. इनमें से दो लोगों को तो कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाल लिया गया लेकिन एक शख्स की जान नहीं बचाई जा सकी.

द्वारका में बारिश ने बिगाड़े हालात

गुजरात के द्वारका जिले में भी भारी बारिश के बाद हालात बिगड़ गए हैं. यहां बहने वाली घी नदी खतरे के निशान को पार कर गई है. जिससे तटीय इलाकों में जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है.

सुरेन्द्र नगर में आफत बना सैलाब

गुजरात के सुरेन्द्रनगर में भी सैलाब लोगों के लिए आफत बना हुआ है. यहां भी लोगों ने उफनती को पार करने की जुर्रत की. लहरों के वेग को चुनौती देने की कोशिश ने मौत से उनका सामना करा दिया. दो शख्स जो नदी को पार करने की कोशिश कर रहे थे. लहरें उन्हें अपने साथ बहा ले गईं. घंटों की मशक्कत के बाद इनकी जान बचाई जा सकी.

वड़ोदरा में नर्मदा ने बरपाया कहर

गुजरात के वड़ोदरा में भी कुदरत का जल प्रहार लोगों के लिए मुसीबत बन गई है. सरदार सरोवर डैम से भारी मात्रा में छोड़े गए पानी ने नर्मदा का मूड खराब कर दिया है. जिससे नदी का पानी रिहाइशी इलाकों में जा घुसा है. तटीय इलाकों में रहने वाले 9 लोग बाढ़ के बीच फंस गए थे. एनडीआरएफ की टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद इन सभी लोगों को सुरक्षित निकाला.

नर्मदा नदी में फिलहाल 3.05 लाख क्यूसेक पानी आ रहा है. नर्मदा नदी के तटीय इलाकों में 1999 के बाद बाढ़ की ऐसी स्थिति देखने को मिल रही है. उफनती नर्मदा ने गुजरात के पंचमहल, राजकोट, बनासकांठा, बोटाड, वडोदरा, देवभूमि द्वारका और जूनागढ़ जैसे जिलों में तबाही मचा रखी है.

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