क्या है जीका वायरस जो कोरोना संकट के बीच नई चुनौती बनकर उभर रहा है? पुणे में आया मामला

पुरंदर तहसील के बेलसर गांव निवासी 50 वर्षीय महिला की शुक्रवार को जांच रिपोर्ट मिली थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि जीका संक्रमण के अलावा वह चिकनगुनिया से भी पीड़ित थी. 

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Aug 1, 2021, 05:25 PM IST
क्या है जीका वायरस जो कोरोना संकट के बीच नई चुनौती बनकर उभर रहा है? पुणे में आया मामला

मुंबई: Corona संकट से जूझ रहे भारत के सामने एक और खतरा मंडराता दिख रहा है. तीसरी लहर की आशंकाओं और चेतावनी के बीच अब जीका वायरस का डर भी सताने लगा है. इसका एक मामला महाराष्ट्र में सामने आया है. जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र में जीका वायरस संक्रमण का पहला मामला पुणे में देखा गया है. शनिवार को यह जानकारी सामने आने के बाद,

अधिकारियों ने लोगों से नहीं घबराने की अपील भी की है. राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि संक्रमित पाई गई महिला मरीज पूरी तरह से ठीक हो गई है. विभाग ने एक बयान में कहा, ‘‘उसे और उसके परिवार के सदस्यों में कोई लक्षण नहीं हैं.’’

चिकनगुनिया से भी पीड़ित थी महिला
जानकारी के मुताबिक, पुरंदर तहसील के बेलसर गांव निवासी 50 वर्षीय महिला की शुक्रवार को जांच रिपोर्ट मिली थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि जीका संक्रमण के अलावा वह चिकनगुनिया से भी पीड़ित थी.

बयान में कहा गया है कि एक सरकारी चिकित्सा दल ने शनिवार को गांव का दौरा किया और सरपंच और ग्राम पंचायत सदस्यों से मुलाकात करके उन्हें रोकथाम उपायों के बारे में निर्देश दिया. इसके पहले जीका वायरस का मामला केरल में सामने आया था. 

केरल में 63 मामले 
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, केरल में जीका वायरस के अभी तक 63 वायरस मामले सामने आ चुके हैं. केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने शनिवार को बताया कि राज्य में दो और लोगों में जीका वायरस की पुष्टि हुई है. इसी के साथ राज्य में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 63 पहुंच गया है. केरल में फिलहाल जीका वायरस के तीन एक्टिव केस हैं.

संक्रमित रोगियों को आराम करने की दी जाती है सलाह
जीका वायरस फ्लाविविरिडए वायरस फैमिली से है जो कि मच्छर के काटने से फैलने वाली बीमारी है. जीका वायरस के लक्षण चिकनगुनिया की तरह ही होते हैं. दिन में एडीज मच्छर के समय काटने से यह रोग फैलता हैं.

आम तौर पर जीका वायरस से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं नहीं होती हैं. इस वायरस से संक्रमित रोगियों को ज्यादा से ज्यादा आराम करने की सलाह दी जाती है. हालांकि, यदि वायरस गर्भवती महिलाओं को संक्रमित करता है, तो इसके कारण बच्चे के जन्म में दिक्कतें हो सकती हैं,या फिर जन्म लेने वाली संतान किसी दोष से युक्त हो सकती है.

1947 में युगांडा में सामने आया था मामला
WHO के अनुसार, जीका वायरस एक मच्छर जनित फ्लेविवायरस है. जिसे पहली बार 1947 में युगांडा में बंदरों में पहचाना गया था. इसे बाद में 1952 में युगांडा और संयुक्त गणराज्य तंजानिया में मनुष्यों में पहचाना गया. जीका वायरस का प्रकोप अफ्रीका, अमेरिका, एशिया और प्रशांत में दर्ज किया गया है.

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