उद्धव सरकार में क्या होगी अजित पवार की भूमिका? जानिए, यहां

उद्धव ठाकरे की सरकार में डिप्टी सीएम कौन बनेगा इसको लेकर अबतक सस्पेंस बना हुआ है. सियासी गलियारों में अजित पवार के नाम की हवा तेज हो गई है. माना जा रहा है कि एनसीपी छोटे पवार के नाम को इस पोस्ट के लिए आगे कर रही है.

Written by - Ayush Sinha | Last Updated : Nov 29, 2019, 05:13 PM IST
    1. डिप्टी सीएम की कुर्सी को लेकर सस्पेंस बरकरार
    2. अजित पवार का नाम रेस में सबसे आगे: सूत्र
    3. फ्लोर टेस्ट के बाद नाम पर लग सकता है मुहर

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उद्धव सरकार में क्या होगी अजित पवार की भूमिका? जानिए, यहां

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में 10 दिनों के भीतर दूसरी बार राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए शपथ दिलवा दी है. लेकिन उद्धव ठाकरे की सरकार में दूसरे नंबर का मंत्री यानी डिप्टी सीएम कौन बनेगा, इसपर अबतक सस्पेंस बरकरार है. सियासी गलियारों में शरद पवार के भतीजे अजित पवार के नाम को लेकर सुगबुगाहट तेज होती जा रही है. लेकिन, अबतक चुने गए 6 मंत्रियों की सूची में उनका नाम न होने को लेकर माजरा और भी दिलचस्प हो गया है.

अजित पवार क्यों हैं प्रबल दावेदार?

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र विधानसभा में फ्लोर टेस्ट होने के बाद डिप्टी सीएम के नाम पर मुहर लग सकती है. इस रेस में अबतक सबसे आगे छोटे पवार का नाम चल रहा है. ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार बागी तेवर अपनाने के बाद वापस घर लौटने वाले अजित को लेकर एनसीपी काफी उलझनों में घिरी हुई है. एनसीपी के अंदरूनी खेमे में चल रही मंथन में इस बात पर बार-बार विचार किया जा रहा है, कि अजित पवार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.

हाल में हुए सियासी उतार-चढ़ाव के बावजूद एनसीपी ने ये प्रस्ताव देने का मूड बना लिया था कि अजित पवार को डिप्टी सीएम की कुर्सी पर बिठाया जाए. लेकिन, बाद में ये तय हुआ कि डिप्टी सीएम की कुर्सी पर फाइनल मुहर मंत्रिमंडल के विस्तार के दौरान लगेगा और तभी उन्हें मंत्री पद भी सौंपा जाएगा.

छोटे पवार को नजरअंदाज नहीं कर सकती है पार्टी

भले ही भाजपा के साथ गले मिलने के बाद अजित पवार को उनके चाचा ने अपना दम दिखाते हुए, जबरदस्त पटखनी दे दी. लेकिन इसके बावजूद अजित पवार ने फ्लोर टेस्ट से पहले ही डिप्टी सीएम के पद से इस्तीफा दे दिया. घर वापसी करने पर छोटे पवार ने अपनी चचेरी बहन सुप्रिया सुले से गले मिलकर गिला-शिकवा दूर किया था. लेकिन इन सबके इतर अगर पार्टी में अजित के कद की बात करें, तो उसे कम आंकना परेशानी का सबब बन सकता है. पार्टी अपने इतने कद्दावर और दिग्गज नेता को दोबारा से नाराज नहीं करना चाहेगी. ऐसे में वो आगे बागी तेवर ना अपनाएं, इसके लिए उनके हाथों झुनझुना थमाने की जरूर कोशिश की जाएगी.

अजित के इस फैसले से हर कोई रह गया था दंग

महाराष्ट्र की राजनीति में 23 नवंबर 2019 की तारीख कभी भी कोई नहीं भूल पाएगा. और इसके पीछे सबसे बड़े वजह अजित पवार ही हैं. 22 तारीख के तार 8 बजे तक एनसीपी-कांग्रेस-शिवसेना गठबंधन में सीएम की कुर्सी के लिए चल रहे मंथन के बीच रातों-रात एक ऐसा मोड़ आया कि हर कोई चकरा गया था. सुबह हुई तो हाथों चाय का कप लिए लोगों की चाय ठंडी हो गई. क्योंकि जब लोगों के घर की टीवी खुली तो लोगों को अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हो रहा था, क्योंकि देवेंद्र फडणवीस सीएम पद की शपथ ले रहे थे और उनके साथ उस वक्त के एनसीपी विधायक दल के नेता अजित पवार ने डिप्टी सीएम के पद की शपथ ली. लेकिन अफसोस कि ये सरकार ज्यादा दिन टिक नहीं पाई. अजित पवार ने एक बार फिर ऐसी पलटी मारी कि हर उद्धव ठाकरे कुर्सी तक पहुंच गए.

6 नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ

बतौर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के अलावा 6 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली. उनकी सरकार में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के मंत्री छगन भुजबल और जयंत पाटिल, शिवसेना के मंत्री एकनाथ शिंदे और सुभाष देसाई, कांग्रेस के मंत्री बालासाहेब थोराट और नितिन राउत को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया और पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई.

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