Wheat Origin: दुनिया की रोटी का आधार गेहूं है, लेकिन यह भारत से नहीं आया. इसकी शुरुआत मिडिल ईस्ट के एक खास इलाके से हुई है. यह क्षेत्र आज के तुर्की, सीरिया, लेबनान, इराक, जॉर्डन और इजराइल के हिस्सों को कवर करता है. आइए आज हम आपको बताएंगे की कहां से हुई थी गेहूं की शुरुआत?
कहां से हुई थी गेहूं की शुरुआत?
गेहूं भारत का नहीं बल्कि मिडिल ईस्ट के एक इलाके में पैदा हुआ था. इतिहास और कृषि के जानकारों के मुताबिक गेहूं की शुरुआत फर्टाइल क्रेसेंट (Fertile Crescent) नाम के इलाके में हुई थी. करीब 10,000 साल पहले यहां कृषि क्रांति शुरू हुई. जंगली घास को पालतू बनाकर इंसानों ने खेती की नींव रखी थी.
फर्टाइल क्रिसेंट क्या है?
फर्टाइल क्रिसेंट एक उपजाऊ इलाका है, जो टाइग्रिस-यूफ्रेट्स नदियों से घिरा है. पुरातत्वविद् जेम्स ब्रेस्टेड ने 1916 में इसे यह नाम दिया. यहां की काली मिट्टी, बारिश और नदियां फसलों के लिए परफेक्ट थीं. वैज्ञानिकों के मुताबिक, यहीं पहली बार जंगली ईंकॉर्न और एमर गेहूं को 9,500 ईसा पूर्व में घरेलू बनाया गया. तुर्की के कराकाडाग पहाड़ इसकी मुख्य जगह थे. यह जगह उन आठ मुख्य फसलों की शुरुआत वाली थी, जिनमें गेहूं, जौ और दालें शामिल हैं.
गेहूं की शुरुआत कैसे हुई?
जंगली गेहूं के बीज हवा से बिखर जाते थे. लेकिन यहां के प्राचीन लोग (नाटुफियन संस्कृति) ने मजबूत डंठल वाले पौधे चुने. इससे कटाई आसान हुई. 2-3 हजार साल की चुनिंदा बुवाई से बीज बड़े. एमर गेहूं और जंगली घास के प्राकृतिक मिश्रण से ब्रेड गेहूं बना. खुदाई में मिले अवशेष, जैसे तुर्की के नेवाली कोरी और सीरिया के अबू हुरेरा गांव. फर्टाइल क्रिसेंट में ही गाय, भेड़ जैसे जानवर भी पाले गए.
भारत तक का सफर
फर्टाइल क्रिसेंट से गेहूं मिस्र, यूरोप होते हुए 6,000 ईसा पूर्व भारत पहुंचा. सिंधु घाटी में मेहरगढ़ में इसके सबूत मिले. आज भारत दूसरा बड़ा उत्पादक है, लेकिन मूल जड़ें यहां नहीं हैं.
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