हिमंत बिस्व सरमा: Assam के होने वाले मुख्यमंत्री को जानिए

हिमंत बिस्व सरमा असम के अगले मुख्यमंत्री होंगे. गुवाहाटी की बैठक में सरमा को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया. इस रिपोर्ट में आपको बताते हैं कि कौन है सरमा जिन्होंने वकालत से सियासत का सफर तय किया और मुख्यमंत्री की कुर्सी के हकदार बन गए.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : May 10, 2021, 01:42 PM IST
  • हिमंत बिस्व सरमा का सियासी सफर
  • असम की सियासत में मजबूत पकड़
हिमंत बिस्व सरमा: Assam के होने वाले मुख्यमंत्री को जानिए

नई दिल्ली: असम के नए मुख्यमंत्री पर बना सस्पेंस खत्म हो गया है. गुवाहाटी में बीजेपी विधायक दल की बैठक में हिमंत बिस्व सरमा को विधायक दल का नेता चुना गया और ये साफ हो गया कि अगले मुख्यमंत्री वही बनने जा रहे हैं. सरमा का सफर जमीन से शुरू हुआ था.

असम में सरमा बने बीजेपी के सूरमा

राजनीतिक पंडितों की मानें तो असम में हुए विधानसभा चुनाव में मिली जीत की रणनीति में जो सबसे प्रमुख नाम था वो हिमंत बिस्व सरमा का है. ऐसे में उन्हें प्रदेश की कमान सौंप दी गई है. जल्द ही वो शपथ लेकर फुल एक्शन मूड में दिखाई देंगे.

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनेवाल ने अपना इस्तीफा दे दिया. नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाने के लिए गुवाहाटी में बीजेपी विधायक दल की बैठक हुई और हिमंत बिस्व सरमा को आखिरकार सीएम पद संभालने के लिए चुना गया. खास बात ये थी कि खुद सोनोवाल ने सरमा के लिए प्रस्ताव रखा था. इससे पहले पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से सोनोवाल और हेमंत बिस्व सरमा ने मुलाकात की थी.

हिमंत बिस्व सरमा का सियासी सफर

कांग्रेस से आए 15 साल विधायक रहे, असम की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले हिमंत इस बार की जीत के भी रणनीतिकार माने जा रहे हैं.

हिमंत बिस्व सरमा (Himanta Biswa Sarma) का जन्म 01 फरवरी 1969 को असम के जोराहाट में हुआ था. राजनीति में आने से पहले वे कॉटन कॉलेज यूनियन सोसाइटी (CCUS) के महासचिव (GS) थे. इसके अलावा वर्ष 1996 से लेकर 2001 तक उन्होंने गुवाहाटी हाईकोर्ट में भी लॉ प्रैक्टिस की थी. 

बिस्व का खेल से पुराना और गहरा नाता

हिमंत बिस्व सरमा (Himanta Biswa Sarma) को खेलों से एक अलग ही नाता है. वर्ष 2017 में सरमा को भारत के बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित किया गया था. इतना ही नहीं वो असम बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. इसके अलावा जून 2016 में हिमंत को असम क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष नियुक्त किया गया था.

आपको बता दें, वर्ष 2002 से 2016 तक हिमंत बिस्व सरमा एसोसिएशन के उपाध्यक्ष भी रहे हैं. वो एसोसिएशन के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं.

राजनीति में सरमा का अच्छा खासा दबदबा

हिमंत बिस्व सरमा ने अपने सियासी सफर की शुरुआत कांग्रेस के साथ की थी. उन्होंने वर्ष 2001 से 2015 तक जालुकबारी विधानसभा क्षेत्र में अपना अच्छा खासा प्रभाव स्थापित रखते हुए कांग्रेस का दबदबा कायम रखा. 15 साल तक वे इस सीट से विधायक रह चुके हैं.

इसके बाद सोनोवाल की सरकार में उन्हें अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई. कई बार अपने बयानों और एक्शन को लेकर वो सुर्खियों में बने रहे. देखते ही देखते असम की राजनीति में सरमा की तूती बोलने लगी. हर किसी का मानना है कि सरमा की रणनीति अपने प्रतिद्वंदियों का चित कर देती है.

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