भारत का वो इकलौता राज्य… जहां न मुगल टिके, न अंग्रेज! 451 साल तक रहा विदेशी राज, फिर भी बना भारतीय गर्व का प्रतीक

Mughals and British failed to capture Goa: भारत में एक ऐसा राज्य है, जिस पर न तो मुगल साम्राज्य का राज चला और न ही अंग्रेजों का राज चल पाया. जहां पुरे भारत में मुगलों और ब्रिटिशों ने अपनी ताकत दिखाई, वहीं इस जगह को जी नहीं पाए अपना राज नहीं कर पाए.  

Written by - Ishita Tyagi | Last Updated : Nov 8, 2025, 02:11 PM IST
  • 450 साल चला पुर्तगाली शासन
  • 1961 में ऑपरेशन विजय से मिली आजादी
भारत का वो इकलौता राज्य… जहां न मुगल टिके, न अंग्रेज! 451 साल तक रहा विदेशी राज, फिर भी बना भारतीय गर्व का प्रतीक

Mughals and British failed to capture Goa: भारत का इतिहास विदेशी हमलों से भरा पड़ा है. मुगल बादशाहों ने सदियों तक दिल्ली से लेकर दक्षिण तक अपना राज करा है, फिर अंग्रेजों ने 200 सालों तक देश को लूटा. लेकिन एक छोटा सा राज्य ऐसा भी है, जहां न मुगलों का राज हुआ और न ही अंग्रेजों ने अपना राज किया. आइए आज हम आपको बताएंगे ऐसा कौनसा राज्य है जहां पर न ही मुगल राज कर पाए और न ही अंग्रेज.

कौनसा है वो राज्य? 
गोवा भारत का वह इकलौता राज्य है, जिस पर न तो कभी मुगलों ने राज किया और न ही कभी अंग्रेज इस राज्य पर राज कर पाए. गोवा राज्य अपने बंदरगाह, व्यापारिक महत्व और लंबे समय तक पुर्तगाली शासन के कारण हमेशा विदेशी ताकतों के लिए खास जगह रही. गोवा का इतिहास 16वीं सदी से ही पुर्तगालियों से जुड़ा है. 

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गोवा का प्राचीन इतिहास
गोवा की जमीन सदियों से व्यापार का केंद्र रही है. 10वीं शताब्दी में कदंब राजवंश ने यहां राज किया था. ये राजा समुद्र के रास्ते मसाले, सोना और रत्नों का व्यापार करते थे. विजयनगर साम्राज्य ने भी गोवा को अपनी रक्षा दी. मुगल बादशाहों ने दक्षिण भारत पर हमले किए, लेकिन गोवा की पहाड़ियां और समुद्री तट उन्हें रोकते रहे. 17वीं शताब्दी में मुगलों ने कोशिश की, पर पुर्तगालियों के किले और स्थानीय योद्धाओं ने उन्हें पीछे कर दिया था. मुगल कभी गोवा की सीमा लांघ ही नहीं पाए.

पुर्तगालियों की नई संस्कृति
1510 में पुर्तगाली नाविकों ने गोवा पर कब्जा किया है. अल्फांसो डी अल्बुकर्क ने स्थानीय शासकों को हराकर यहां अपना ठिकाना बनाया है. पुर्तगालियों ने गोवा को एशिया का व्यापारिक द्वार बना दिया. उन्होंने चर्च बनाए, ईसाई धर्म फैलाया और मसाले का कारोबार बढ़ाया. ये शासन 450 साल चला. इस दौरान गोवा की संस्कृति में पुर्तगाली रंग घुल गया, लेकिन भारतीय परंपराएं बनी रही. 

गोवा की आजादी 1961 में हुई
18वीं शताब्दी में जब अंग्रेज ईस्ट इंडिया कंपनी के जरिए भारत पर कब्जा जमाने लगे, गोवा पुर्तगालियों के राज में था. अंग्रेजों को मौके मिले, जैसे 1817 का एंग्लो-मराठा युद्ध, लेकिन उन्होंने सीधा हमला नहीं किया. पुर्तगाल और ब्रिटेन के बीच दोस्ती थी. अंग्रेजों ने गोवा को रेल से जोड़ा, व्यापार किया, लेकिन कब्जा नहीं किया. 1947 में भारत आजाद हुआ, पर गोवा 1961 तक पुर्तगाली रहा था. भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय से इसे मुक्त कराया था. 

आज का गोवा
आज गोवा यात्रिओं के घूमने के लिए बेस्ट जगह है. यहां के बीच, चर्च और मंदिर मुगल-अंग्रेजों की नाकामी की याद दिलाते हैं. ये राज्य साबित करता है कि छोटी जगह भी मजबूत इच्छाशक्ति से बड़े साम्राज्यों को टक्कर दे सकती है. गोवा की आजादी की लड़ाई ने पूरे देश को प्रेरित किया.

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About the Author

Ishita Tyagi

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से ताल्लकु रखने वाली इशिता त्यागी को जनरल नॉलेज की खबरों में खूब दिलचस्पी है. इन्होंने अपनी पत्रकारिता करियर की शुरुआत ज़ी मीडिया के साथ की है. वो फिलहाल ज़ी भारत के लिए ट्रेनी जर्नलिस्ट है. ...और पढ़ें

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