भाजपा से दुश्मनी तो ठीक है, मगर उद्धव सरकार का 'विकास' पर वार क्यों?

उद्धव ठाकरे की सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसमें भाजपा से दुश्मनी के साथ-साथ महाराष्ट्र के विकास पर चोट पहुंचाने की कोशिश दिखाई दे रही है. ठाकरे साहब ने उन सभी परियोजनाओं पर प्रतिबंध लगा दी है, जिसे पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने पिछले 6 महीनों में मंजूरी दी थी.

भाजपा से दुश्मनी तो ठीक है, मगर उद्धव सरकार का 'विकास' पर वार क्यों?

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में विकास के नाम बनी गठबंधन सरकार ने राज्य में जारी विकासकार्यों पर अगले 6 महीने के लिए रोक लगा दी है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने देवेंद्र फडणवीस सरकार के उन सभी परियोजनाओं पर रोक लगा दी है जो पिछले छह महीनों में लिए गए हैं.

भाजपा से दुश्मनी, महाराष्ट्र से बदला!

उद्धव ठाकरे ने उन सभी परियोजनाओं की समीक्षा करने का आदेश दिया है. ठाकरे ने अधिकारियों को ये सख्त निर्देश दिया है कि जब तक महागठबंधन सरकार इन योजनाओं के लिए मंजूरी ना दे दे तब तक भुगतान जारी ना करें. यानि कि अब अगले 6 महीने तक चार मुख्य योजनाओं का कोई काम नहीं होगा. इनमें...

मुंबई-नागपुर समृद्धि कॉरिडोर
तटीय सड़क परियोजना
ठाणे क्रीक पर तीसरे पुल का निर्माण
वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक परियोजना

शामिल है, इन सभी चारों योजनाओं की कुल लागत 65 हजार 800 करोड़ रुपए है.

इससे पहले सीएम उद्दव ने मुंबई मेट्रो के लिए आरे कार शेड का काम भी रोक दिया था. रविवार को उद्धव ने कहा था कि उन्होंने अधिकारियों को आरे मेट्रो कार शेड प्रॉजेक्ट का काम रोकने का आदेश दिया है. फिलहाल मेट्रो के काम पर कोई रोक नहीं है, लेकिन सरकार के अगले आदेश तक आरे में एक भी पत्ता नहीं काटा जाएगा.

आखिर क्या चाहते हैं उद्धव?

सीएम उद्धव ठाकरे ने रविवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में बुलेट ट्रेन प्रॉजेक्ट की समीक्षा के भी आदेश दिए. उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना को किसानों और आदिवासियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा, जिनकी भूमि अधिग्रहीत की जानी है. ये सरकार आम आदमी की है, बुलेट ट्रेन परियोजना की समीक्षा के बाद सरकार इस पर कोई फैसला लेगी. अब ऐसे में ये सवाल उठना लाजमी है कि उद्धव ठाकरे अपने इस तरह के फैसले से क्या दिखाना चाहते हैं?

फडणवीस सरकार की परियोजनाओं पर रोक लगाने के अलावा सरकार ने नाणार रिफाइनरी परियोजना के आदोंलनकारियों को बड़ी राहत दी है. सराकर ने फैसला किया है कि नाणार रिफाइनरी परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले आंदोलनकारियों के खिलाफ सभी मामलों को वापस लिया जाएगा. इस बाबत सरकार ने सोमवार को ही आदेश जारी कर दिए हैं.

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तो ये तय है कि महाराष्ट्र में अगले 6 महीने तक कोई भी विकास कार्य नहीं होगा, न ही पूर्व सरकार में शुरू हुआ कोई प्रोजेक्ट पूरा होगा. अब देखना ये है कि उद्धव सरकार को योजनाओं की समीक्षा में कितना वक्त लगता है.

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