भाईदूज के मौके पर बहनों को केजरीवाल का 'डबल गिफ्ट'!

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अरविंद केजरीवाल ने मास्टरस्ट्रोक खेला है. दिल्ली सरकार ने भाईदूज के मौके पर महिलाओं को दो-दो बड़े तोहफे दिए हैं. एक मुफ्त सफर, दूसरा सुरक्षित सफर

Last Updated : Oct 29, 2019, 02:17 PM IST
    • फ्री टिकट यात्रा की ये सुविधा 29 अक्टूबर से अगले साल 31 मार्च 2020 तक जारी रहेगी
    • महिलाओं की सुरक्षा और चोर उचक्कों की खोज खबर लेने के लिए मार्शल तैनात हैं

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भाईदूज के मौके पर बहनों को केजरीवाल का 'डबल गिफ्ट'!

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले केजरीवाल सरकार ने महिलाओं को बड़ा तोहफा दिया है. देशभर में आज भाई दूज के मौके पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने बहनों को डीटीसी और कलस्टर बसों में फ्री सफर का गिफ्ट दिया. 

महिलाओं को मुफ्त सफर

फ्री सफर करने के लिए महिलाओं को गुलाबी रंग का सिंगल जर्नी पास लेना होगा. यह पास डीटीसी की एसी और नॉन एसी बस में फ्री यात्रा कराएगा. हालांकि सबसे अच्छी बात ये है कि डीटीसी बसों में मुफ्त में सफर करने के लिए महिला का दिल्ली का होना जरूरी नहीं है. बल्कि दिल्ली-एनसीआर में सभी महिलाएं इस स्कीम का फायदा उठा सकती हैं. केजरीवाल के इस तोहफे से डीटीसी बसों में सफर करने वाली महिलाएं बेहद खुश दिखाई दे रही हैं.

कबतक ले सकती हैं लाभ?

महिलाएं इन बसों में टिकट भी खरीद सकती हैं. और डीटीसी बसों में फ्री टिकट यात्रा की ये सुविधा 29 अक्टूबर से अगले साल 31 मार्च 2020 तक जारी रहेगी. सरकार को कोई घाटा ना हो, इसके लिए हर पास के लिए दिल्ली सरकार डीटीसी को 10 रुपये देगी.

मनचलों की अब खैर नहीं

दिल्ली की डीटीसी बसों में अगर किसी मनचले ने कॉलेज छात्रा या महिलाओं से छेड़खानी की तो उनकी अब खैर नहीं. क्योंकि महिलाओं की सुरक्षा और चोर उचक्कों की खोज खबर लेने के लिए डीटीसी और क्लस्टर बसों में मार्शल तैनात खड़े हैं. जो आपकी हर गतिविधि पर नजर रखेंगे.

आपको बतादें आम आदमी पार्टी ने अपने पिछले चुनावी घोषणा पत्र में दिल्ली की बसों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए मार्शल तैनात करने का वादा किया था. जिसके मुताबिक साढ़े चार साल में करीब साढ़े तीन हजार मार्शल ही डीटीसी बसों में नियुक्त हो पाए हैं. और अब दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने सोमवार से 6 हजार सिविल डिफेंस वालेंटियर्स बतौर मार्शल डीटीसी बसों में तैनात किए हैं. अब सवाल है कि दिल्ली सरकार ने डीटीसी बसों में मार्शल्स की तैनाती तो कर दी. लेकिन इन मार्शल्स की परेशानी भी कम नहीं है. मार्शलों की ये शिकायत है कि अगर महिलाओं के साथ छेड़छाड़ होती है, और वह अगर पुलिस को 100 नंबर पर कॉल करते हैं, तो पुलिस आने में काफी वक्त लगा देती है. कोई घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी मार्शल पर होती है.

डीटीसी बसों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए सिविल डिफेंस वॉलेंटियर के अलावा होमगार्ड और पूर्व सैनिकों को भी इस सेवा से जोड़ा जाएगा. दिल्ली सरकार आने वाले दिनों में कुल 12000 मार्शल की नियुक्ति करेगी जो तीन शिफ्ट में राजधानी दिल्ली में चलने वाली डीटीसी के तहत सभी सरकारी और क्लस्टर बसों में तैनात होंगे. दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा बहुत बड़ा मुद्दा रहा है. अब जब दिल्ली में कुछ महीनों बाद ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में मार्शल्स की तैनाती को दिल्ली की राजनीति के लिए एक बड़ा सियासी दांव माना जा रहा है. अब देखना है कि महिला वोटर्स को अपने पाले में करने का दिल्ली सरकार को कितना फायदा मिलता है.

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