थर्रा रही दुनिया! इंडियन एयरफोर्स में शामिल हो सकता है Shield AI का X-BAT जेट; बिना पायलट मचाएगी तबाही

X-BAT Fighter Jet India: अमेरिकी कंपनी Shield AI का X-BAT जेट भारत की वायुसेना के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है, जो बिना पायलट के उड़ान भरने वाला दुनिया का पहला VTOL फाइटर जेट है.  

Written by - harsh singh | Last Updated : Nov 4, 2025, 08:26 AM IST
  • दुनिया का पहला बिना पायलट जेट
  • IAF को मिलेगी नई उड़ान ताकत
थर्रा रही दुनिया! इंडियन एयरफोर्स में शामिल हो सकता है Shield AI का X-BAT जेट; बिना पायलट मचाएगी तबाही

X-BAT Fighter Jet India: इंडियन एयरफोर्स आने वाले समय में एक ऐसे नए लड़ाकू जेट से लैस हो सकती है, जो पूरी तरह से बिना पायलट के उड़ान भरेगा. अमेरिकी कंपनी Shield AI का X-BAT जेट, जिसे हाल ही में अक्टूबर 2025 में पेश किया गया था, ये दुनिया का पहला ऐसा फाइटर जेट है जो सीधा ऊपर यानी वर्टिकल उड़ सकता है और बिना रनवे के उड़ सकता है. कंपनी के भारत प्रमुख सर्जन शाह ने ईशारा दिया है कि इस जेट को जल्द ही भारतीय वायुसेना को पेश किया जा सकता है.

क्या है X-BAT जेट?
X-BAT एक खास किस्म का लड़ाकू जेट है जो VTOL तकनीक (Vertical Take-Off and Landing) पर काम करता है. यानी यह जेट किसी रनवे की जरूरत के बिना सीधा ऊपर उठ सकता है और कहीं भी लैंड कर सकता है. यह 2,000 मील (लगभग 3,200 किलोमीटर) की दूरी तक उड़ सकता है और कई तरह के मिशन जैसे निगरानी, हमला और दुश्मन के ठिकानों पर सटीक वार करने में सक्षम है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह खुद से उड़ान भर सकता है, दुश्मन के हमले से बच सकता है और खुद ही निशाना साध सकता है. इसके लिए इसमें ऐसा एआई सिस्टम लगाया गया है जो इंसानी पायलट की तरह फैसले ले सकता है. 

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भारत के लिए क्यों अहम है X-BAT
इंडियन एयरफोर्स फिलहाल अपने पुराने विमानों को बदलने की प्रक्रिया में है. देश का खुद का AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) प्रोजेक्ट अभी विकास के चरण में है और उसके उत्पादन में अभी करीब 10 साल लग सकते हैं. ऐसे में X-BAT भारतीय वायुसेना के लिए बेस्ट साबित हो सकता है, जो पुराने विमानों और आने वाले नए जेट्स के बीच संतुलन बनाएगा.

Shield AI पहले ही भारत में JSW ग्रुप के साथ मिलकर अपने V-BAT ड्रोन को स्थानीय स्तर पर बना रही है. अब X-BAT को भी इसी तरह भारत में तैयार करने की योजना पर विचार किया जा रहा है.

IAF के लिए समय की जरूरत
भारतीय वायुसेना के पास इस समय लगभग 31 स्क्वाड्रन हैं, जबकि जरूरत 42 स्क्वाड्रन की है. आने वाले सालों में कुछ पुराने विमान रिटायर हो जाएंगे, जिससे स्क्वाड्रन की संख्या घट सकती है. ऐसे समय में अगर X-BAT जैसा आधुनिक और बिना पायलट वाला जेट शामिल होता है, तो यह वायुसेना की क्षमता को कई गुना बढ़ा सकता है.

यह जेट ऊंचाई वाले इलाकों या सीमा के इलाकों में छोटे बेस से उड़ान भर सकता है. इसे किसी बड़ी हवाई पट्टी की जरूरत नहीं होती, इसलिए यह सीमित जगहों से भी ऑपरेशन कर सकता है.
 

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